लखनऊ एयरपोर्ट की उड़ान सुरक्षा पर बड़ा फैसला: 20 किमी दायरे से हटेंगी ऊंची संरचनाएं और अवैध मीट दुकानें

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Javed Haider Zaidi

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लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आसपास उड़ान सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक बैठक, जहां 20 किलोमीटर के दायरे से ऊंचे मोबाइल टावर और अवैध मीट दुकानों को हटाने के निर्देश दिए गए।

लखनऊ एयरपोर्ट: लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की उड़ान सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विमान संचालन में बढ़ते जोखिम को देखते हुए एयरपोर्ट के 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले मानकों से अधिक ऊंचे मोबाइल टावर, हाई-वोल्टेज बिजली के खंभे, और अवैध मीट की दुकानों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

मंगलवार को एयरपोर्ट परिसर में आयोजित हवाई अड्डा पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि उड़ानों की सुरक्षित टेक-ऑफ और लैंडिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ऊंचे टावर और बिजली के खंभे बने खतरा

बैठक में एयरपोर्ट प्रबंधन ने जानकारी दी कि हवाई अड्डे के आसपास स्थित कुछ मोबाइल टावर, दूरदर्शन टावर और हाई-वोल्टेज विद्युत खंभों की ऊंचाई तय मानकों से अधिक है, जिससे विमानों को गंभीर खतरा हो सकता है। इस पर मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि:

  • 20 किमी के दायरे में स्थित सभी ऊंची इमारतों, टावरों और संरचनाओं की ऊंचाई का मापन कराया जाए
  • मानकों के विपरीत पाए जाने वाले ढांचों को हटाया जाए
  • सभी टावरों और बिजली के खंभों पर ऑरेंज इंडिकेटर बाल लाइट अनिवार्य रूप से लगाई जाए

अवैध मीट दुकानें और पक्षियों का बढ़ता खतरा

एयरपोर्ट के समीप संचालित तीन अवैध मीट दुकानों से निकलने वाले मांस के टुकड़े पक्षियों को आकर्षित कर रहे हैं, जिससे वे रनवे तक पहुंच जाते हैं। यह स्थिति बर्ड हिट के खतरे को बढ़ा रही है। इस पर मंडलायुक्त ने:

  • नगर निगम, फूड सेफ्टी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर
  • बिना लाइसेंस चल रही मीट दुकानों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए

AAI की जमीन पर अतिक्रमण और खेती

एयरपोर्ट के दक्षिणी क्षेत्र में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की भूमि पर अवैध खेती (फल और सब्जियां) किए जाने की जानकारी भी सामने आई। इससे पक्षियों की ब्रीडिंग बढ़ने की आशंका है, जो विमान संचालन के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है।
मंडलायुक्त ने अपर जिलाधिकारी (पूर्वी) और एसडीएम सरोजिनी नगर की संयुक्त टीम बनाकर:

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  • स्थल का सर्वे कराने
  • विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने
  • और अवैध अतिक्रमण शीघ्र हटाने के निर्देश दिए

कूड़े के ढेर और जलभराव पर भी सख्ती

बिजनौर रोड, बिजनौर तिराहा, रहीमाबाद और कानपुर रोड अप्रोच मार्ग पर कूड़े के ढेर और जलभराव की समस्या को भी गंभीरता से लिया गया। नगर निगम को तत्काल सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

लेज़र लाइट और पतंग उड़ाने पर सख्त निगरानी

एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर की परिधि में:

  • लेज़र लाइट के उपयोग
  • और पतंग उड़ाने पर पहले से लगे प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी दिए गए।

कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में एटीसी, लखनऊ विकास प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश राज्य वन विभाग, नगर निगम और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशासन का साफ संदेश है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और एयरपोर्ट के आसपास किसी भी प्रकार का खतरा पैदा करने वाली गतिविधि या संरचना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमला, UN से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

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इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमले पर मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान, पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए वीडियो संदेश

मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित शिया मस्जिद खदीजतुल कुबरा में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। नमाज़ अदा कर रहे मासूम नमाज़ियों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कई लोगों की शहादत की खबर है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

इस दर्दनाक घटना पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास (Yasoob Abbas) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस हमले को इंसानियत और इस्लाम दोनों के खिलाफ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सख्त कदम उठाने की अपील की है।

“आतंकियों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं” — मौलाना यासूब अब्बास

मौलाना यासूब अब्बास ने अपने बयान में कहा कि जो लोग खुद को मुसलमान बताकर मस्जिदों में नमाज़ियों पर गोलियां बरसाते हैं, वे दरअसल इस्लाम के नाम पर छिपे हुए वहशी दरिंदे हैं। उनका कहना था कि इस्लाम किसी भी निर्दोष की हत्या की इजाज़त नहीं देता और ऐसे कृत्य करने वालों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में शिया समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वहां की सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं चुप्पी साधे हुए हैं। यह चुप्पी आतंकवाद को और बढ़ावा दे रही है।

संयुक्त राष्ट्र से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

AISPLB के महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से स्पष्ट शब्दों में मांग की कि पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती से लगातार आतंकवाद पनप रहा है और वहां अल्पसंख्यकों, खासकर शिया मुसलमानों की जान सुरक्षित नहीं है।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय मंच अब भी सख्त कार्रवाई नहीं करता, तो ऐसे हमले भविष्य में और भयावह रूप ले सकते हैं।

शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना

अपने बयान के अंत में मौलाना यासूब अब्बास ने हमले में शहीद हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह ईश्वर से दुआ करते हैं कि शहीदों के परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की ताकत मिले और घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ हो।

मानवता पर हमला, पूरी दुनिया के लिए चेतावनी

इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में हुआ यह आतंकी हमला सिर्फ एक समुदाय पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता और धार्मिक सह-अस्तित्व पर हमला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं बनाया गया, तो दक्षिण एशिया में सांप्रदायिक आतंकवाद और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है।

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