मौलाना यासूब अब्बास का बयान: आयतुल्लाह खामेनेई के खिलाफ मीडिया प्रोपेगैंडा निंदनीय, शिया कौम उनके साथ खड़ी

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

मौलाना यासूब अब्बास आयतुल्लाह खामेनेई के खिलाफ फैले मीडिया प्रोपेगैंडा की कड़ी निंदा करते हुए।

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने ईरान की इस्लामिक क्रांति के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई के खिलाफ फैल रहे अपमानजनक बयानों और मीडिया अफवाहों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान किसी भी स्थिति में सहन नहीं किए जा सकते और बोर्ड हमेशा इस तरह के प्रोपेगैंडा का विरोध करेगा।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि कुछ इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया लगातार यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि आयतुल्लाह खामेनेई ईरान छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने इसे पूरी तरह भ्रामक और झूठा बताया। उनके अनुसार,

“जो लोग ‘या अली’ कहते हैं, वे कभी मैदान नहीं छोड़ते, बल्कि दूसरों को भी सही रास्ते पर टिकने के लिए प्रेरित करते हैं।”

उन्होंने अमेरिका और इज़राइल के एजेंडे पर काम करने वाले भ्रष्ट मीडिया और खासकर भारत के गोदी मीडिया के रवैये की भी कड़ी निंदा की। मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि आयतुल्लाह खामेनेई एक महान धार्मिक और राजनीतिक नेता हैं, और उनका अपमान करना अत्यंत निंदनीय है।

उन्होंने इतिहास का उदाहरण देते हुए बताया कि पहले मोहम्मद रज़ा शाह पहलवी के शासनकाल में भी दुनिया की ताकतें इमाम खुमैनी को ईरान लौटने से रोकना चाहती थीं। लेकिन इमाम खुमैनी ईरान लौट आए और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने उन्हें मेहराबाद एयरपोर्ट से आज़ादी स्क्वायर तक सम्मानपूर्वक पहुँचाया। मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि आज भी पूरी ईरान और शिया समुदाय उनके साथ खड़ा है।

Also Read

उन्होंने जोर देकर कहा कि चाहे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हो, प्रिंट मीडिया हो या डॉक मीडिया, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ऐसे अपमानजनक और भ्रामक बयानों का विरोध करता है और भविष्य में भी इस तरह के किसी भी प्रयास को पूरी तरह खारिज करेगा

Next Post

मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमला, UN से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमले पर मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान, पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए वीडियो संदेश

मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित शिया मस्जिद खदीजतुल कुबरा में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। नमाज़ अदा कर रहे मासूम नमाज़ियों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कई लोगों की शहादत की खबर है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

इस दर्दनाक घटना पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास (Yasoob Abbas) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस हमले को इंसानियत और इस्लाम दोनों के खिलाफ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सख्त कदम उठाने की अपील की है।

“आतंकियों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं” — मौलाना यासूब अब्बास

मौलाना यासूब अब्बास ने अपने बयान में कहा कि जो लोग खुद को मुसलमान बताकर मस्जिदों में नमाज़ियों पर गोलियां बरसाते हैं, वे दरअसल इस्लाम के नाम पर छिपे हुए वहशी दरिंदे हैं। उनका कहना था कि इस्लाम किसी भी निर्दोष की हत्या की इजाज़त नहीं देता और ऐसे कृत्य करने वालों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में शिया समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वहां की सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं चुप्पी साधे हुए हैं। यह चुप्पी आतंकवाद को और बढ़ावा दे रही है।

संयुक्त राष्ट्र से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

AISPLB के महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से स्पष्ट शब्दों में मांग की कि पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती से लगातार आतंकवाद पनप रहा है और वहां अल्पसंख्यकों, खासकर शिया मुसलमानों की जान सुरक्षित नहीं है।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय मंच अब भी सख्त कार्रवाई नहीं करता, तो ऐसे हमले भविष्य में और भयावह रूप ले सकते हैं।

शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना

अपने बयान के अंत में मौलाना यासूब अब्बास ने हमले में शहीद हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह ईश्वर से दुआ करते हैं कि शहीदों के परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की ताकत मिले और घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ हो।

मानवता पर हमला, पूरी दुनिया के लिए चेतावनी

इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में हुआ यह आतंकी हमला सिर्फ एक समुदाय पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता और धार्मिक सह-अस्तित्व पर हमला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं बनाया गया, तो दक्षिण एशिया में सांप्रदायिक आतंकवाद और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है।

Next Post

Loading more posts...