जानीये कब तक बंद रहेंगे यूपी में 12वीं तक के स्कूल, शीतलहर के चलते प्रशासन का बड़ा फैसला

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Javed Haider Zaidi

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ठंड और कोहरे के बीच स्कूल परिसर के बाहर लगा “School Closed” बोर्ड, खाली रास्ता और धुंध में दिखता स्कूल भवन

उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के लगातार बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली छात्रों को बड़ी राहत दी है। प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारियों के निर्देश पर कक्षा 12वीं तक के सभी विद्यालयों में अवकाश बढ़ा दिया गया है। इस फैसले के तहत यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई समेत अन्य सभी बोर्ड के स्कूल अस्थायी रूप से बंद रहेंगे।

कब तक बंद रहेंगे स्कूल?
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार कई जिलों में 6 जनवरी से 8 जनवरी तक 12वीं कक्षा तक के सभी विद्यालयों में शैक्षणिक कार्य स्थगित रहेगा। स्थानीय हालात और मौसम की गंभीरता को देखते हुए आगे की स्थिति पर निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।

शीतलहर और गलन से जनजीवन प्रभावित
नए साल की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में ठंड का सितम जारी है। ठंडी हवाओं, घने कोहरे और गिरते तापमान के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सुबह और रात के समय सड़कों पर कोहरे की चादर छाई रहने से दृश्यता भी कम हो रही है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले एक हफ्ते तक न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। कई जिलों में घना कोहरा छाए रहने और शीतलहर की स्थिति बने रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।

ठंड के साथ बढ़ा प्रदूषण का खतरा
ठंड और कोहरे की वजह से प्रदेश के कई शहरी इलाकों में वायु गुणवत्ता भी बिगड़ रही है। कुछ स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में प्रदूषण के कारण सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

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स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से सुबह और देर रात बाहर निकलने से बचें, गर्म कपड़े पहनें और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करें। बच्चों को विशेष रूप से ठंड से बचाने की सलाह दी गई है।

आगे क्या हो सकता है फैसला?
प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है। यदि शीतलहर और ठंड का असर बरकरार रहता है तो स्कूलों की छुट्टियां आगे भी बढ़ाई जा सकती हैं। अभिभावकों और छात्रों को अपने जिले से जारी आधिकारिक आदेशों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

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राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई पर सस्पेंस: बेल हियरिंग आज, चेक बाउंस केस में ₹9 करोड़ बकाया पर टिकी निगाहें

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तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव, चेक बाउंस केस में जमानत सुनवाई से पहले रिहाई को लेकर सस्पेंस।

राजपाल यादव: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की रिहाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। उनके मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई है कि अदालत से राहत मिल सकती है और वह जल्द बाहर आ सकते हैं।

राजपाल यादव का नाम लंबे समय से इस वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं। यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म की असफलता के बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का साथ, परिवार की उम्मीद

राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने हालिया बातचीत में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन, रतन जैन और वरुण धवन जैसे लोग समर्थन जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता किस स्तर पर दी जा रही है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सभी ने सकारात्मक प्रतिबद्धता जताई है।

गोल्डी के मुताबिक, ऐसे वित्तीय लेन-देन में समय लगता है और परिवार मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए हुए है। फरवरी के अंत में परिवार में कुछ निजी कार्यक्रम भी निर्धारित हैं और सभी की इच्छा है कि राजपाल यादव तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि बेल हियरिंग तय है और अदालत के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा कानूनी मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद वह समय पर भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। आरोप था कि उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए थे। अदालत ने उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

बढ़ती बकाया राशि और अदालत का रुख

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस प्रयास दिखाने का निर्देश दिया था। समय के साथ ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने लगभग 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत ने माना कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है। फरवरी 2025 में अदालत ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। अतिरिक्त समय मांगने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

रिहाई कब तक?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजपाल यादव को अदालत से जमानत कब तक मिल सकती है। उनके मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई के बाद सकारात्मक फैसला आ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन और परिवार की उम्मीदें इस कानूनी संघर्ष के बीच एक मानवीय पक्ष को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला ही तय करेगा कि राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई कब संभव हो पाएगी।

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