आज का मौसम: यूपी में शीतलहर का प्रकोप बढ़ा, कई जिलों में तापमान 5 डिग्री के करीब, ठंड से जनजीवन बेहाल

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Javed Haider Zaidi

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उत्तर प्रदेश में शीतलहर के बीच घना कोहरा, ठंडी सड़क पर चलती गाड़ियां, कड़ाके की ठंड और गिरता तापमान दर्शाता दृश्य

आज का मौसम: उत्तर प्रदेश में सर्दी ने एक बार फिर से अपना तीखा तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर का असर तेज हो गया है, जिससे न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। कुछ इलाकों में पारा 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जिसके चलते सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।

ठंडी हवाओं के साथ-साथ घने कोहरे ने हालात और भी मुश्किल बना दिए हैं। सुबह के वक्त कई जगहों पर दृश्यता बेहद कम देखी जा रही है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ रहा है, वहीं लंबी दूरी की यात्राओं में देरी की स्थिति भी सामने आ रही है।

हरदोई समेत कई जिलों में बढ़ी ठिठुरन

राज्य के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में ठंड का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। हरदोई, बाराबंकी, उन्नाव, लखनऊ और आसपास के जिलों में ठिठुरन बढ़ गई है। रात के समय तेज ठंडी हवाओं के कारण लोग जल्दी घरों में सिमटने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव करते नजर आ रहे हैं।

दिन में धूप, लेकिन ठंड से राहत नहीं

हालांकि दिन के समय कुछ इलाकों में धूप निकल रही है, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण ठंड से खास राहत नहीं मिल पा रही है। तापमान में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद शाम ढलते ही ठिठुरन बढ़ जाती है। मौसम के इस बदले मिजाज ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है।

बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर

बढ़ती ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ रहा है। सर्दी-जुकाम, खांसी और सांस से जुड़ी समस्याओं में इजाफा देखा जा रहा है। डॉक्टरों की सलाह है कि इस मौसम में विशेष सावधानी बरती जाए और ठंड से बचाव के उपाय अपनाए जाएं।

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अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है शीतलहर

मौसम के मौजूदा रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में भी शीतलहर की स्थिति बनी रहने की संभावना जताई जा रही है। रात के तापमान में और गिरावट हो सकती है, जबकि सुबह के समय कोहरा और ठंडी हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।

प्रशासन ने की सतर्क रहने की अपील

ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए प्रशासन की ओर से लोगों को गर्म कपड़े पहनने, अलाव का सुरक्षित उपयोग करने और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। खासकर सुबह और देर रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।

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राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई पर सस्पेंस: बेल हियरिंग आज, चेक बाउंस केस में ₹9 करोड़ बकाया पर टिकी निगाहें

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तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव, चेक बाउंस केस में जमानत सुनवाई से पहले रिहाई को लेकर सस्पेंस।

राजपाल यादव: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की रिहाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। उनके मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई है कि अदालत से राहत मिल सकती है और वह जल्द बाहर आ सकते हैं।

राजपाल यादव का नाम लंबे समय से इस वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं। यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म की असफलता के बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का साथ, परिवार की उम्मीद

राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने हालिया बातचीत में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन, रतन जैन और वरुण धवन जैसे लोग समर्थन जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता किस स्तर पर दी जा रही है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सभी ने सकारात्मक प्रतिबद्धता जताई है।

गोल्डी के मुताबिक, ऐसे वित्तीय लेन-देन में समय लगता है और परिवार मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए हुए है। फरवरी के अंत में परिवार में कुछ निजी कार्यक्रम भी निर्धारित हैं और सभी की इच्छा है कि राजपाल यादव तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि बेल हियरिंग तय है और अदालत के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा कानूनी मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद वह समय पर भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। आरोप था कि उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए थे। अदालत ने उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

बढ़ती बकाया राशि और अदालत का रुख

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस प्रयास दिखाने का निर्देश दिया था। समय के साथ ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने लगभग 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत ने माना कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है। फरवरी 2025 में अदालत ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। अतिरिक्त समय मांगने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

रिहाई कब तक?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजपाल यादव को अदालत से जमानत कब तक मिल सकती है। उनके मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई के बाद सकारात्मक फैसला आ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन और परिवार की उम्मीदें इस कानूनी संघर्ष के बीच एक मानवीय पक्ष को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला ही तय करेगा कि राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई कब संभव हो पाएगी।

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