DGCA ने फ्लाइट में पावर बैंक उपयोग पर नए नियम लागू किए, यात्रियों के लिए सुरक्षा दिशानिर्देश जारी

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Javed Haider Zaidi

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एयरलाइन कैबिन में यात्री के हाथ में पावर बैंक, चार्जिंग निषिद्ध का संकेत, हवाई यात्रा सुरक्षा और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जोखिम को दर्शाता दृश्य

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने हवाई यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पावर बैंक और लिथियम-आयन बैटरी से जुड़ी नई एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत अब फ्लाइट में पावर बैंक का उपयोग या चार्ज करना पूरी तरह निषिद्ध होगा। साथ ही, यात्रियों को निर्देश दिया गया है कि पावर बैंक और लिथियम बैटरियों को केवल केबिन हैंड बैगेज में रखा जाए।

DGCA के अनुसार, यह कदम उन कई घटनाओं के मद्देनजर उठाया गया है, जहां लिथियम बैटरी में शॉर्ट-सर्किट या ओवरहीटिंग के कारण आग लगने की घटनाएँ सामने आई हैं।

मुख्य बदलाव

DGCA की नई एडवाइजरी के अनुसार:

  • पावर बैंक और लिथियम-आयन बैटरियों को फ्लाइट में सीट पावर आउटलेट से कनेक्ट करके चार्ज करना अब मना है।
  • इन्हें केबिन हैंड बैगेज में रखना अनिवार्य है; ओवरहेड कम्पार्टमेंट में नहीं।
  • यदि बैटरी में असामान्य गर्मी, धुआँ या गंध महसूस हो, तो यात्रियों को तुरंत केबिन क्रू को सूचित करना होगा।

DGCA ने एयरलाइंस को भी निर्देश दिए हैं कि वे यात्रियों को इन सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करें और क्रू को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करें।

सुरक्षा कारण

DGCA ने बताया कि लिथियम-आयन बैटरियों में आग लगने का जोखिम अन्य बैटरियों की तुलना में अधिक होता है। खराब गुणवत्ता, ओवरचार्जिंग या शॉर्ट सर्किट के कारण थर्मल रनवे (Thermal Runaway) की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ओवरहेड कम्पार्टमेंट में पावर बैंक होने की स्थिति में आग का पता लगाना और उसे नियंत्रित करना मुश्किल होता है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि ये कदम विमानन सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने की दिशा में आवश्यक हैं।

एयरलाइंस और एयरपोर्ट के दिशानिर्देश

DGCA ने एयरलाइंस को भी कई सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं:

  • केबिन में पावर बैंक और बैटरियों के लिए सावधानी संदेश देना
  • क्रू को बैटरी संबंधी खतरों की पहचान और प्राथमिक कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित करना
  • जहाज में फायर फाइटिंग इक्विपमेंट सुनिश्चित करना
  • एयरपोर्ट टर्मिनल पर यात्रियों को जागरूक करने वाले साइन और विज़ुअल मैटेरियल प्रदर्शित करना

अन्य एयरलाइंस का अनुभव

भारत में DGCA की यह एडवाइजरी लागू होने से पहले ही कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने इसी तरह की पाबंदियाँ लागू की थीं। उदाहरण के लिए, Emirates ने अक्टूबर 2025 से अपने सभी फ्लाइट में पावर बैंक के उपयोग पर रोक लगा दी थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाने के साथ ही किसी भी संभावित दुर्घटना के जोखिम को कम करेगा।

यात्रियों के लिए सलाह

DGCA ने यात्रियों को स्पष्ट किया है कि वे:

  1. पावर बैंक को केवल केबिन बैगेज में रखें
  2. उड़ान के दौरान इसका उपयोग या चार्जिंग न करें।
  3. किसी भी असामान्य धुआँ, गर्मी या विस्फोट के संकेत मिलने पर तुरंत केबिन क्रू को सूचित करें

इस दिशा में एयरलाइंस और एयरपोर्ट भी यात्रियों को जागरूक करने के लिए विशेष कदम उठा रहे हैं।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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