उत्तर प्रदेश में जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण स्कूली छात्रों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने अहम निर्णय लिया है। लगातार गिरते तापमान और सुबह के समय कम दृश्यता को देखते हुए प्रशासन ने कक्षा एक से आठ तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को लेकर नया आदेश जारी किया है। इस फैसले से प्रदेश के लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को राहत मिली है।
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर का असर बना हुआ है। सुबह के समय कोहरा इतना घना हो रहा है कि सड़कों पर आवागमन प्रभावित हो रहा है। ऐसे हालात में छोटे बच्चों का स्कूल आना-जाना जोखिम भरा माना जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी स्तर पर यह निर्णय लिया गया है।
कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल फिलहाल बंद, तय हुई नई तिथि
प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूल अस्थायी रूप से बंद रहेंगे। मौजूदा आदेश के तहत इन स्कूलों को अब 6 जनवरी 2026 से दोबारा खोले जाने की योजना है।
हालांकि यह स्पष्ट किया गया है कि स्कूलों को खोलने का अंतिम फैसला मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद ही लागू किया जाएगा।
यदि आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे की स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो स्कूलों की छुट्टियां आगे बढ़ाई जा सकती हैं।
मौसम की स्थिति बनी कारण
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। सुबह और देर रात ठंडी हवाओं के साथ घना कोहरा छाया रहता है, जिससे दृश्यता काफी कम हो जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में छोटे बच्चों को सुबह जल्दी बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूल बंद रखने का फैसला किया है।
अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को निर्देश
प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि वे बच्चों और अभिभावकों को सरकारी आदेश की सही जानकारी दें। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए और केवल जिला प्रशासन द्वारा जारी सूचना को ही मान्य माना जाए।
अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए जरूरी सावधानियां अपनाएं और मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।
जिलाधिकारी कार्यालय का स्पष्ट रुख
जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से कहा गया है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम सामान्य होने पर ही स्कूलों को नियमित रूप से खोला जाएगा।
प्रशासन लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है और स्थिति के अनुसार आगे के फैसले लिए जाएंगे।