US–Venezuela: अमेरिका ने मादुरो की हिरासत की पहली तस्वीर साझा की, वैश्विक राजनीति में हलचल

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Javed Haider Zaidi

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वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो USS Iwo Jima युद्धपोत पर हिरासत में, हाथ बंधे और आंखों पर पट्टी, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान। (स्रोत: News18 Hindi)

US–Venezuela LIVE: अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता तनाव अब गंभीर स्थिति में पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति Nicolás Maduro (निकोलस मादुरो) की पहली तस्वीर साझा की है, जिसमें वह USS Iwo Jima युद्धपोत पर हिरासत में दिखाई दे रहे हैं।

हिरासत और तस्वीर का विवरण

तस्वीर में मादुरो को हाथ बंधे और आंखों पर पट्टी बांधे हुए दिखाया। तस्वीर में वह साधारण कपड़े पहने हैं और उनके हाथ में पानी की बोतल है। अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि यह कार्रवाई ड्रग-संबंधी अभियोगों और अंतरराष्ट्रीय अपराधों के तहत की गई है।

वेनेजुएला की प्रतिक्रिया

वेनेजुएला सरकार ने इस कार्रवाई को सैन्य आक्रमण करार दिया है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। राष्ट्रपति मादुरो ने नागरिकों से एकजुट रहने और सुरक्षित रहने की अपील की है। राजधानी काराकास और आसपास के इलाकों में आपातकाल लागू किया गया और सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

वैश्विक और क्षेत्रीय प्रभाव

इस कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा पैदा कर दी है। रूस, चीन और कई लैटिन अमेरिकी देशों ने अमेरिका की कार्रवाई की आलोचना की है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय देशों ने शांतिपूर्ण समाधान और कानूनी प्रक्रिया का समर्थन किया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से दक्षिण अमेरिका में मानवीय संकट, सीमा अस्थिरता और शरणार्थी संकट की चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं। नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल है, और कई लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं।

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वॉशिंगटन पोस्ट की बड़ी छंटनी में शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर की नौकरी गई, 12 साल का सफर अचानक थमा

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वॉशिंगटन पोस्ट की छंटनी की खबर के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और वरिष्ठ पत्रकार ईशान थरूर की फाइल फोटो, जो अखबार से 12 साल की सेवा के बाद नौकरी से हटाए गए।

अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार वॉशिंगटन पोस्ट में बड़े पैमाने पर हुई छंटनी ने अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता जगत को झकझोर कर रख दिया है। इस फैसले की चपेट में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और जाने-माने विदेशी मामलों के पत्रकार ईशान थरूर भी आ गए हैं। करीब 12 वर्षों तक अखबार से जुड़े रहने के बाद ईशान को नौकरी से हटा दिया गया है। उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए इस मुश्किल दौर की जानकारी दी और अपने दर्द को शब्दों में साझा किया।

एक तिहाई कर्मचारियों की छंटनी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने कुल कर्मचारियों के लगभग एक तिहाई हिस्से को नौकरी से निकाल दिया है। इस प्रक्रिया में अखबार का खेल विभाग बंद कर दिया गया है, जबकि कई विदेशी कार्यालयों पर भी ताले लग गए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि लगभग 800 पत्रकारों की टीम में से 300 से अधिक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

ईशान थरूर ने क्या कहा

ईशान थरूर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि आज उन्हें वॉशिंगटन पोस्ट से हटा दिया गया है और उनके साथ अधिकांश अंतरराष्ट्रीय स्टाफ और कई बेहद प्रतिभाशाली सहकर्मियों की भी छुट्टी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने न्यूज रूम और खासतौर पर उन पत्रकारों के लिए गहरा दुख है, जिन्होंने वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग में अखबार की पहचान बनाई।
ईशान ने यह भी कहा कि लगभग 12 वर्षों तक जिन संपादकों और संवाददाताओं के साथ उन्होंने काम किया, वे केवल सहकर्मी नहीं बल्कि दोस्त रहे, और उनके साथ काम करना उनके लिए सम्मान की बात रही।

‘वर्ल्डव्यू’ कॉलम और पाठकों का साथ

ईशान थरूर ने जनवरी 2017 में वर्ल्डव्यू नाम से कॉलम शुरू किया था, जिसका उद्देश्य दुनिया की घटनाओं और उसमें अमेरिका की भूमिका को सरल और स्पष्ट तरीके से पाठकों तक पहुंचाना था। उन्होंने बताया कि करीब पांच लाख वफादार पाठकों ने वर्षों तक सप्ताह में कई बार इस कॉलम को पढ़ा, जिसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे।

वॉशिंगटन पोस्ट में भूमिका

ईशान थरूर वॉशिंगटन पोस्ट में विदेश मामलों के लेखक के तौर पर काम कर रहे थे। भारतीय राजनीति और वैश्विक घटनाओं पर उनकी पकड़ को लेकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जब भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के दौरे पर था, तब ईशान अपने पिता शशि थरूर से सवाल पूछने को लेकर चर्चा में भी आए थे।

सोशल मीडिया पर समर्थन

ईशान थरूर की छंटनी की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पत्रकारों और पाठकों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई। लोगों ने उन्हें एक बेहतरीन और गंभीर पत्रकार बताया और वॉशिंगटन पोस्ट के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

अखबार प्रबंधन की सफाई

अखबार के कार्यकारी संपादक मैट मरे ने इस फैसले को “दुखद लेकिन जरूरी” बताया है। उनका कहना है कि बदलती तकनीक, डिजिटल मीडिया के प्रभाव और पाठकों की आदतों में आए बदलावों के अनुरूप खुद को ढालने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था, ताकि अखबार को भविष्य के लिए बेहतर दिशा दी जा सके।

मालिकाना हक और पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि वॉशिंगटन पोस्ट के मालिक अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस हैं। उन्होंने साल 2013 में यह अखबार ग्राहम परिवार से करीब 25 करोड़ डॉलर में खरीदा था। तब से अखबार डिजिटल बदलाव के दौर से गुजर रहा है, लेकिन हालिया छंटनी ने पत्रकारिता के भविष्य और मीडिया संस्थानों की स्थिरता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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