FASTag नियमों में बड़ा बदलाव, Toll Plaza से अब बिना रुकावट गुजरेंगे वाहन

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Javed Haider Zaidi

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FASTag नियमों में बदलाव के बाद टोल प्लाजा से बिना रुकावट गुजरता वाहन

नई दिल्ली: देशभर के वाहन चालकों के लिए FASTag को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। टोल भुगतान व्यवस्था को और सरल बनाने के लिए FASTag नियमों में अहम बदलाव किया गया है। अब वाहनों को टोल प्लाजा (Toll Plaza) पर अनावश्यक जांच और प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे सफर पहले से ज्यादा सुगम और तेज़ हो जाएगा।

हटाई गई ‘Know Your Vehicle’ प्रक्रिया

अब तक FASTag जारी होने के बाद वाहन मालिकों को Know Your Vehicle (KYV) नाम की प्रक्रिया पूरी करनी होती थी। इसमें वाहन से जुड़ी जानकारियों का सत्यापन किया जाता था। कई बार इस प्रक्रिया में देरी या तकनीकी खामियों के कारण FASTag ब्लॉक हो जाता था, जिससे टोल पर वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती थी।

नए नियमों के तहत, नए FASTag जारी करते समय KYV प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया है, जिससे टैग सीधे सक्रिय रहेगा और टोल प्लाजा पर रुकावट की संभावना कम होगी।

टोल पार करना होगा और आसान

अधिकारियों के अनुसार, इस बदलाव का मकसद टोल कलेक्शन सिस्टम को पूरी तरह निर्बाध बनाना है। KYV हटने के बाद FASTag से जुड़े तकनीकी अड़चनें कम होंगी और वाहन बिना रुकावट टोल पार कर सकेंगे। इससे खासतौर पर हाईवे पर लंबी कतारों और समय की बर्बादी में कमी आने की उम्मीद है।

फर्जी FASTag पर रहेगी सख्ती

हालांकि प्रक्रिया आसान की गई है, लेकिन FASTag के दुरुपयोग को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था जारी रहेगी। यदि किसी टैग के गलत इस्तेमाल या फर्जीवाड़े की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित मामले में दस्तावेज़ों की जांच की जा सकती है।

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‘एक वाहन–एक FASTag’ नियम लागू रहेगा

नए बदलाव के बावजूद एक वाहन के लिए एक ही FASTag रखने का नियम पहले की तरह लागू रहेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी वाहन पर एक से अधिक टैग का इस्तेमाल न हो और टोल प्रणाली पारदर्शी बनी रहे।

यात्रियों को मिलेगी सीधी राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि FASTag नियमों में यह बदलाव आम लोगों के रोजमर्रा के सफर को आसान बनाएगा। टोल प्लाजा पर रुकने की मजबूरी कम होगी, यात्रा समय घटेगा और डिजिटल टोल व्यवस्था पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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