चारबाग बस अड्डे पर लगा फुल स्टॉप, लखनऊ में बस यात्रियों के लिए बदल जाएगा सफर का पूरा सिस्टम

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Javed Haider Zaidi

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लखनऊ के चारबाग बस अड्डे से बस सेवाएं बंद होने की तैयारी, आलमबाग बस स्टेशन से संचालन की जानकारी

चारबाग बस स्टेशन से बस सेवाएं जल्द बंद होंगी, प्रशासन ने संचालन आलमबाग शिफ्ट करने का फैसला लिया, जानिए यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर

चारबाग बस अड्डे पर लगा फुल स्टॉप: लखनऊ में रोजाना बस से सफर करने वाले हजारों यात्रियों के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। शहर के सबसे व्यस्त बस अड्डों में शामिल चारबाग बस स्टेशन से बस सेवाएं जल्द बंद की जाएंगी, और अब यात्रियों को बसें आलमबाग बस स्टेशन से मिलेंगी। यह फैसला शहर में बढ़ती भीड़, ट्रैफिक जाम और यातायात व्यवस्था को सुधारने के उद्देश्य से लिया गया है।

चारबाग से बसें हटाने की जरूरत क्यों पड़ी

चारबाग क्षेत्र पहले से ही रेलवे स्टेशन, मेट्रो, ऑटो, ई-रिक्शा और निजी वाहनों की भारी आवाजाही से जूझ रहा है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, चारबाग बस स्टेशन से प्रतिदिन करीब 350 बसों का संचालन होता है, जिनसे 22 से 25 हजार यात्री सफर करते हैं। इतनी बड़ी संख्या में बसों की आवाजाही के कारण आसपास के इलाकों में लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती थी।

इसी दबाव को कम करने के लिए प्रशासन ने बस संचालन को शहर के अपेक्षाकृत खुले और सुव्यवस्थित क्षेत्र आलमबाग बस स्टेशन से संचालित करने का निर्णय लिया है।

यात्रियों के लिए क्या बदलेगा

अब अंतरजनपदीय और लंबी दूरी की बसें चारबाग के बजाय आलमबाग बस स्टेशन से चलेंगी। कानपुर, अयोध्या, सुल्तानपुर, गोरखपुर, उन्नाव समेत कई प्रमुख रूट की बसों की शुरुआत वहीं से होगी। इससे यात्रियों को बेहतर प्लेटफॉर्म व्यवस्था, पार्किंग सुविधा और कम ट्रैफिक झेलना पड़ेगा।

हालांकि, जो यात्री वर्षों से चारबाग से बस पकड़ने के आदी रहे हैं, उन्हें शुरुआत में असुविधा हो सकती है, लेकिन प्रशासन का मानना है कि लंबे समय में यह बदलाव यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

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चारबाग बस स्टेशन का भविष्य क्या होगा

चारबाग बस स्टेशन को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जाएगा। इसे आधुनिक ट्रांजिट हब के रूप में विकसित करने की योजना है। यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर तैयार की जाएगी, जिसमें आधुनिक वेटिंग एरिया, यात्री सुविधाएं, लिफ्ट, एस्केलेटर और व्यावसायिक गतिविधियों को शामिल किया जाएगा।

भविष्य में इस स्थान को मेट्रो और अन्य शहरी परिवहन प्रणालियों से जोड़ने की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे चारबाग एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट सेंटर बन सकता है।

शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा

परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार, बसों के आलमबाग शिफ्ट होने से चारबाग और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम होगा। साथ ही, शहर के दक्षिणी हिस्से में यातायात का बेहतर संतुलन बनेगा। यह कदम लखनऊ में ट्रांसपोर्ट सिस्टम को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

यात्रियों के लिए जरूरी सूचना

यात्रियों को सलाह दी गई है कि सफर से पहले अपने बस रूट और नए बोर्डिंग प्वाइंट की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।

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मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमला, UN से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

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इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमले पर मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान, पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए वीडियो संदेश

मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित शिया मस्जिद खदीजतुल कुबरा में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। नमाज़ अदा कर रहे मासूम नमाज़ियों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कई लोगों की शहादत की खबर है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

इस दर्दनाक घटना पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास (Yasoob Abbas) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस हमले को इंसानियत और इस्लाम दोनों के खिलाफ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सख्त कदम उठाने की अपील की है।

“आतंकियों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं” — मौलाना यासूब अब्बास

मौलाना यासूब अब्बास ने अपने बयान में कहा कि जो लोग खुद को मुसलमान बताकर मस्जिदों में नमाज़ियों पर गोलियां बरसाते हैं, वे दरअसल इस्लाम के नाम पर छिपे हुए वहशी दरिंदे हैं। उनका कहना था कि इस्लाम किसी भी निर्दोष की हत्या की इजाज़त नहीं देता और ऐसे कृत्य करने वालों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में शिया समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वहां की सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं चुप्पी साधे हुए हैं। यह चुप्पी आतंकवाद को और बढ़ावा दे रही है।

संयुक्त राष्ट्र से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

AISPLB के महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से स्पष्ट शब्दों में मांग की कि पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती से लगातार आतंकवाद पनप रहा है और वहां अल्पसंख्यकों, खासकर शिया मुसलमानों की जान सुरक्षित नहीं है।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय मंच अब भी सख्त कार्रवाई नहीं करता, तो ऐसे हमले भविष्य में और भयावह रूप ले सकते हैं।

शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना

अपने बयान के अंत में मौलाना यासूब अब्बास ने हमले में शहीद हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह ईश्वर से दुआ करते हैं कि शहीदों के परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की ताकत मिले और घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ हो।

मानवता पर हमला, पूरी दुनिया के लिए चेतावनी

इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में हुआ यह आतंकी हमला सिर्फ एक समुदाय पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता और धार्मिक सह-अस्तित्व पर हमला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं बनाया गया, तो दक्षिण एशिया में सांप्रदायिक आतंकवाद और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है।

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