बच्चों के लिए सोशल मीडिया का नया नियम: फ्रांस भी 15 साल से कम उम्र वालों पर लगा सकता है बैन

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Javed Haider Zaidi

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"तीन बच्चे सोफे पर अपने स्मार्टफोन में व्यस्त, पीछे माता-पिता चिंतित नजर आते हैं, डिजिटल सुरक्षा और सोशल मीडिया के प्रभाव का प्रतीक"

दुनिया भर में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चिंताएँ लगातार बढ़ रही हैं। अब फ्रांस सरकार ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने की योजना बनाई है। यह कदम ऑस्ट्रेलिया में हाल ही में लागू नियमों के बाद आया है, जहाँ बच्चों के डिजिटल जीवन को सुरक्षित बनाने के लिए सोशल मीडिया पर कड़े नियंत्रण की तैयारी की जा रही है।

सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। लगातार स्क्रीन पर समय बिताने, सोशल मीडिया पर दबाव महसूस करने और ऑनलाइन ट्रोलिंग जैसी समस्याओं ने बच्चों और किशोरों को मानसिक तनाव में डाल दिया है। इसी को देखते हुए फ्रांस ने यह बड़ा कदम उठाने की योजना बनाई है।

इस प्रस्ताव के तहत माता-पिता को अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। सरकार का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि उनका मानसिक और सामाजिक विकास बाधित न हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बच्चों को सोशल मीडिया की जटिलताओं और ऑनलाइन खतरों से बचाने में मदद करेगा। वहीं, सोशल मीडिया कंपनियों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी सेवाएँ कम उम्र के बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित हों और उनमें कोई भी प्रकार का हानिकारक कंटेंट न पहुँच सके।

फ्रांस की यह योजना जल्द ही संसद में प्रस्तावित की जा सकती है, और इसके लागू होने पर बच्चों के डिजिटल अनुभव में बड़े बदलाव आने की संभावना है। इसके साथ ही माता-पिता और शिक्षकों के लिए भी यह जरूरी हो जाएगा कि वे बच्चों को डिजिटल दुनिया के सही और सुरक्षित उपयोग के बारे में शिक्षित करें।

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इस कदम से उम्मीद है कि बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और सोशल मीडिया का इस्तेमाल सुरक्षित तरीके से होगा।

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वॉशिंगटन पोस्ट की बड़ी छंटनी में शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर की नौकरी गई, 12 साल का सफर अचानक थमा

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वॉशिंगटन पोस्ट की छंटनी की खबर के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और वरिष्ठ पत्रकार ईशान थरूर की फाइल फोटो, जो अखबार से 12 साल की सेवा के बाद नौकरी से हटाए गए।

अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार वॉशिंगटन पोस्ट में बड़े पैमाने पर हुई छंटनी ने अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता जगत को झकझोर कर रख दिया है। इस फैसले की चपेट में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और जाने-माने विदेशी मामलों के पत्रकार ईशान थरूर भी आ गए हैं। करीब 12 वर्षों तक अखबार से जुड़े रहने के बाद ईशान को नौकरी से हटा दिया गया है। उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए इस मुश्किल दौर की जानकारी दी और अपने दर्द को शब्दों में साझा किया।

एक तिहाई कर्मचारियों की छंटनी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने कुल कर्मचारियों के लगभग एक तिहाई हिस्से को नौकरी से निकाल दिया है। इस प्रक्रिया में अखबार का खेल विभाग बंद कर दिया गया है, जबकि कई विदेशी कार्यालयों पर भी ताले लग गए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि लगभग 800 पत्रकारों की टीम में से 300 से अधिक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

ईशान थरूर ने क्या कहा

ईशान थरूर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि आज उन्हें वॉशिंगटन पोस्ट से हटा दिया गया है और उनके साथ अधिकांश अंतरराष्ट्रीय स्टाफ और कई बेहद प्रतिभाशाली सहकर्मियों की भी छुट्टी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने न्यूज रूम और खासतौर पर उन पत्रकारों के लिए गहरा दुख है, जिन्होंने वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग में अखबार की पहचान बनाई।
ईशान ने यह भी कहा कि लगभग 12 वर्षों तक जिन संपादकों और संवाददाताओं के साथ उन्होंने काम किया, वे केवल सहकर्मी नहीं बल्कि दोस्त रहे, और उनके साथ काम करना उनके लिए सम्मान की बात रही।

‘वर्ल्डव्यू’ कॉलम और पाठकों का साथ

ईशान थरूर ने जनवरी 2017 में वर्ल्डव्यू नाम से कॉलम शुरू किया था, जिसका उद्देश्य दुनिया की घटनाओं और उसमें अमेरिका की भूमिका को सरल और स्पष्ट तरीके से पाठकों तक पहुंचाना था। उन्होंने बताया कि करीब पांच लाख वफादार पाठकों ने वर्षों तक सप्ताह में कई बार इस कॉलम को पढ़ा, जिसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे।

वॉशिंगटन पोस्ट में भूमिका

ईशान थरूर वॉशिंगटन पोस्ट में विदेश मामलों के लेखक के तौर पर काम कर रहे थे। भारतीय राजनीति और वैश्विक घटनाओं पर उनकी पकड़ को लेकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जब भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के दौरे पर था, तब ईशान अपने पिता शशि थरूर से सवाल पूछने को लेकर चर्चा में भी आए थे।

सोशल मीडिया पर समर्थन

ईशान थरूर की छंटनी की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पत्रकारों और पाठकों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई। लोगों ने उन्हें एक बेहतरीन और गंभीर पत्रकार बताया और वॉशिंगटन पोस्ट के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

अखबार प्रबंधन की सफाई

अखबार के कार्यकारी संपादक मैट मरे ने इस फैसले को “दुखद लेकिन जरूरी” बताया है। उनका कहना है कि बदलती तकनीक, डिजिटल मीडिया के प्रभाव और पाठकों की आदतों में आए बदलावों के अनुरूप खुद को ढालने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था, ताकि अखबार को भविष्य के लिए बेहतर दिशा दी जा सके।

मालिकाना हक और पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि वॉशिंगटन पोस्ट के मालिक अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस हैं। उन्होंने साल 2013 में यह अखबार ग्राहम परिवार से करीब 25 करोड़ डॉलर में खरीदा था। तब से अखबार डिजिटल बदलाव के दौर से गुजर रहा है, लेकिन हालिया छंटनी ने पत्रकारिता के भविष्य और मीडिया संस्थानों की स्थिरता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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