Weather Update: गलन भरी सर्दी और घने कोहरे से बढ़ी परेशानी, लोहड़ी–मकर संक्रांति पर भी नहीं मिलेगी राहत

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Javed Haider Zaidi

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उत्तर प्रदेश में गलन भरी सर्दी और घने कोहरे के बीच ठंड से जूझते लोग, सर्द मौसम का असर जनजीवन पर

Weather Update: उत्तर प्रदेश में ठंड का प्रकोप लगातार बना हुआ है। गलन भरी सर्दी, बर्फीली हवाएं और घना कोहरा आम जनजीवन के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। सुबह और रात के समय ठिठुरन ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है, जबकि सड़क पर निकलने वालों को कोहरे की वजह से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं।

फिर बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार, सप्ताह के अंत में उत्तर प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिलेगा। सुबह के समय घना कोहरा और दिनभर गलन भरी ठंड बने रहने की संभावना है। मंगलवार को हवाओं की अधिकतम गति 11 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे ठंड का असर और तेज महसूस होगा।
लोहड़ी और मकर संक्रांति जैसे त्योहारों पर भी मौसम सर्द रहने का अनुमान है। रात के समय बर्फीली हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान और नीचे गिर सकता है।

इन जिलों में कोहरे का ज्यादा असर

पिछले कुछ दिनों में दिन में धूप निकलने से तापमान में हल्का सुधार जरूर देखने को मिला, लेकिन सुबह और शाम के समय कोहरा परेशानी बढ़ा रहा है। सोमवार की सुबह कुछ शहरों में दृश्यता सामान्य रही, लेकिन मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, रामपुर, अमरोहा, मुरादाबाद और पीलीभीत में घना कोहरा छाया रहा।
इन इलाकों में कई जगहों पर विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंच गई, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग का कहना है कि आज भी इन जिलों में कोहरा छाने की पूरी संभावना है।

सुबह-शाम धुंध, दोपहर में धूप

मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, वातावरण में नमी अधिक होने के कारण आने वाले दिनों में सुबह और शाम धुंध व कोहरा बना रह सकता है। हालांकि दोपहर के समय तेज धूप निकलने से थोड़ी राहत मिलेगी। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण दिन में हल्की ठंड महसूस होगी, लेकिन शाम ढलते ही गलन बढ़ जाएगी।

कानपुर के मौसम का हाल

कानपुर में मौसम को लेकर विशेषज्ञों ने भी अहम जानकारी दी है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार, अगले दो दिनों तक मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा और दिन में तेज धूप निकलेगी। इससे दिन के तापमान में स्थिरता बनी रहेगी।
हालांकि शाम से लेकर सुबह तक गलन वाली ठंड बनी रहेगी और तापमान में 1 से 2 डिग्री का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान के ऊपर बने नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से मंगलवार से तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन शुक्रवार के बाद फिर से ठंड बढ़ने के आसार हैं।

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सोमवार को कानपुर में अधिकतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान उत्तर-पश्चिमी विक्षोभ के दबाव के चलते हवा की औसत गति 2.2 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि अधिकतम गति 6.2 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची।

सावधानी बेहद जरूरी

मौसम विभाग और चिकित्सकों ने लोगों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाने को कहा गया है। वाहन चालकों को कोहरे के समय धीमी गति से चलने और फॉग लाइट का इस्तेमाल करने की हिदायत दी गई है।

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8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट: राज्यसभा में वित्त मंत्रालय ने दी जानकारी, कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में होगी समीक्षा

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"8वें वेतन आयोग 2026 अपडेट: केंद्र सरकार ने राज्यसभा को जानकारी दी, कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते और पेंशन की समीक्षा की जाएगी, बैंक कर्मचारियों पर लागू नहीं।"

8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट: देश के केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर लंबी प्रतीक्षा के बाद बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में पूछे गए सवालों का लिखित जवाब देते हुए जानकारी दी कि 8वें वेतन आयोग का औपचारिक गठन पिछले साल 3 नवंबर, 2025 को कर दिया गया था। यह आयोग केंद्र सरकार के लिए काम करने वाले कर्मचारियों और रिटायर पेंशनर्स के वेतन, भत्तों, पेंशन संरचना और सेवा की शर्तों की समीक्षा करेगा।

8वें वेतन आयोग का गठन और कार्यकाल

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री Pankaj Chaudhary (पंकज चौधरी) ने राज्यसभा में बताया कि 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि आयोग अपनी सिफारिशें साल 2027 तक केंद्र सरकार को सौंपेगा। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी और इसका सरकार पर कितना वित्तीय बोझ पड़ेगा।

सरकार ने इस बारे में साफ कहा कि फिलहाल इस वित्तीय बोझ का कोई अनुमान लगाना संभव नहीं है। वास्तविक स्थिति आयोग की सिफारिशों के आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

आयोग किन मुद्दों की करेगा समीक्षा

वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा को बताया कि आयोग निम्नलिखित क्षेत्रों की समीक्षा करेगा:

  1. कर्मचारियों के वेतन और भत्ते: केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की वर्तमान सैलरी संरचना और भत्तों की समीक्षा की जाएगी।
  2. पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट्स: केंद्र सरकार से रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन और संबंधित भत्तों में संभावित वृद्धि पर सुझाव दिए जाएंगे।
  3. सेवा की शर्तें: सरकारी कर्मचारियों की सेवा की शर्तों, प्रमोशन नीति और अन्य नियमों की समीक्षा भी आयोग करेगा।

इस समीक्षा के जरिए आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन और भत्ते आधुनिक जरूरतों और महंगाई के अनुसार उपयुक्त हों।

कौन लाभान्वित होंगे और कौन नहीं

8वें वेतन आयोग लागू होने पर केंद्रीय सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत सभी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। आयोग की सिफारिशों के बाद कर्मचारियों की सैलरी बढ़ सकती है और रिटायर पेंशनर्स की पेंशन में भी वृद्धि की संभावना है।

हालांकि, बैंक कर्मचारियों पर यह वेतन आयोग लागू नहीं होगा। सरकारी बैंक कर्मचारियों का वेतन भारतीय बैंक संघ (IBA) के समझौतों के तहत तय किया जाता है। इसलिए बैंक कर्मचारी इस वेतन आयोग के दायरे में शामिल नहीं होंगे।

राज्यसभा में उठे सवाल और सरकार का जवाब

राज्यसभा में सांसदों ने सरकार से यह सवाल किया था कि 8वें वेतन आयोग किन मुद्दों पर काम करेगा और इसकी सिफारिशें कब तक लागू हो सकती हैं। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आयोग न केवल वर्तमान कर्मचारियों के वेतन और भत्तों का मूल्यांकन करेगा, बल्कि रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन और सेवा से जुड़े अन्य लाभों पर भी सुझाव देगा।

सरकार ने यह भी कहा कि आयोग अपनी रिपोर्ट तय समयसीमा के भीतर सौंपेगा और इसके बाद ही आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाएगा। इससे स्पष्ट होता है कि कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी और भत्तों के लिए अभी कुछ और समय इंतजार करना होगा।

आयोग लागू होने के बाद संभावित वित्तीय असर

सरकार ने कहा कि 8वें वेतन आयोग लागू होने के बाद वित्तीय बोझ का सटीक आकलन आयोग की सिफारिशें आने के बाद ही संभव होगा। हालांकि विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि आयोग कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में पर्याप्त वृद्धि की सिफारिश करता है, तो सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।

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