Vision-2047: लखनऊ में आयोजित शिखर सम्मेलन में सरकार ने पेश किया रोडमैप, निवेश और आधुनिक तकनीक से मछली पालन को मिलेगा नया विस्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने Vision-2047 के तहत मत्स्य विकास को राज्य की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने का लक्ष्य तय किया है। लखनऊ में आयोजित मत्स्य विकास एवं निवेश शिखर सम्मेलन में सरकार ने साफ किया कि आने वाले वर्षों में मछली पालन को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक पद्धतियों और निवेश के सहयोग से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मत्स्य मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास जल संसाधनों, मानव श्रम और बाजार की अपार संभावनाएं हैं। यदि इनका योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए तो प्रदेश न केवल मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल बनेगा। उन्होंने बताया कि Vision-2047 रोडमैप में मछली पालन से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और मूल्य संवर्धन पर विशेष फोकस किया गया है।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने आधुनिक हैचरी सिस्टम, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज, रोग प्रबंधन और तकनीकी प्रशिक्षण पर जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि नई योजनाओं के माध्यम से मछुआ समुदाय को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा, जिससे उनकी आय में सीधा लाभ पहुंचेगा।
सम्मेलन में निवेशकों ने भी मत्स्य क्षेत्र में रुचि दिखाई और निजी-सरकारी भागीदारी के जरिए नई परियोजनाओं की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके अलावा, डिजिटल तकनीक और स्मार्ट फिशिंग मॉडल को लागू करने के सुझाव भी दिए गए, जिससे उत्पादन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ सके।
सरकार का मानना है कि मत्स्य विकास न केवल पोषण सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि ग्रामीण और तटीय इलाकों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। पिछले कुछ वर्षों में राज्य में मत्स्य बीज वितरण, तालाबों के विकास और उत्पादन प्रक्रिया में वैज्ञानिक मानकों को अपनाने जैसे कदम उठाए गए हैं। इन पहलों के परिणामस्वरूप मत्स्य उत्पादकता और मछुआ समुदाय की जीवन गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार, Vision-2047 का यह प्रयास उत्तर प्रदेश को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख राज्य बनाने की व्यापक योजना का हिस्सा है। आने वाले समय में नीति सुधार, तकनीकी सहयोग और निवेश के जरिए मत्स्य क्षेत्र को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।