UP Board Exam 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 को नकलविहीन, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराने के लिए बोर्ड ने इस बार सख्त कदम उठाए हैं। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रदेश के 18 जिलों को संवेदनशील घोषित कर दिया गया है। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, कुछ खास तिथियों और विषयों की परीक्षाओं के दौरान विशेष और अति उच्च स्तर की निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 के बीच आयोजित होंगी। इस दौरान लाखों छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगे। बोर्ड प्रशासन का कहना है कि पिछली परीक्षाओं के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार निगरानी व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत किया गया है।
क्यों घोषित किए गए 18 जिले संवेदनशील
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह की ओर से जारी सूचना में बताया गया है कि जिन जिलों में पूर्व में नकल, अव्यवस्था या परीक्षा संबंधी शिकायतें सामने आती रही हैं, उन्हें संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन जिलों में परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त प्रशासनिक सतर्कता बरती जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संवेदनशील घोषित किए गए जिलों में आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया और गोंडा शामिल हैं।
इन तिथियों पर रहेगी अति उच्च सतर्कता
बोर्ड के अनुसार परीक्षा अवधि के कुछ दिन ऐसे हैं, जिन्हें विशेष रूप से संवेदनशील माना गया है। इन दिनों परीक्षाएं अति उच्च सतर्कता और विशेष निगरानी में कराई जाएंगी।
20 फरवरी को प्रथम पाली में हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान और इंटरमीडिएट नागरिक शास्त्र,
23 फरवरी को प्रथम पाली में हाईस्कूल अंग्रेजी,
25 फरवरी को प्रथम पाली में हाईस्कूल विज्ञान,
26 फरवरी को प्रथम पाली में हाईस्कूल गणित और इंटरमीडिएट भूगोल,
तथा 27 फरवरी को दूसरी पाली में आयोजित परीक्षाओं के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
इन तिथियों पर अतिरिक्त उड़न दस्ते सक्रिय रहेंगे और हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी
संवेदनशील जिलों के सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी अनिवार्य की गई है। इसके साथ ही केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों की जवाबदेही तय की गई है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
स्थानीय प्रशासन को भी पूरी तरह सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। नकल माफिया, फर्जी परीक्षार्थियों और अव्यवस्था फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों के लिए संदेश
बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि ये सख्त कदम छात्रों को डराने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें निष्पक्ष माहौल देने के लिए उठाए गए हैं। ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी।