यूपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए 8033 परीक्षा केंद्र तय किए, 52 लाख से अधिक छात्र देंगे परीक्षा

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"यूपी बोर्ड 2026 परीक्षा केंद्र और टाइम टेबल, हाई स्कूल और इंटर बोर्ड परीक्षा"

यूपी बोर्ड ने 2026 की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी है। इस बार कुल 8033 परीक्षा केंद्रों पर बोर्ड परीक्षाएं आयोजित होंगी। परीक्षा प्रक्रिया 18 फरवरी से 12 मार्च, 2026 तक चलेगी और राज्यभर के छात्र इन केंद्रों पर उपस्थित होंगे।

उच्च शिक्षा विभाग और यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि इस वर्ष यूपी बोर्ड में कुल 52,30,297 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें कक्षा 10 में 27,50,945 और कक्षा 12 में 24,79,352 छात्र शामिल हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में छात्रों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी को दर्शाता है।

परीक्षा केंद्रों का विस्तृत विवरण

सचिव भगवती सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्रों का चयन राज्यभर में छात्रों की सुविधा और विद्यालयों की क्षमता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इस वर्ष कुल 8033 परीक्षा केंद्रों का चयन किया गया है। इन केंद्रों में:

  • 596 सरकारी स्कूल
  • 3453 एडेड स्कूल
  • 3984 अनएडेड स्कूल

शामिल हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि पहले 7448 केंद्र प्रस्तावित किए गए थे, लेकिन विभिन्न मानकों और छात्रों की संख्या को देखते हुए 8033 को अंतिम रूप दिया गया। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 585 नए परीक्षा केंद्र जोड़े गए हैं। यह कदम परीक्षार्थियों के लिए भीड़ कम करने और परीक्षा संचालन को सुचारू बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

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परीक्षा का शेड्यूल और समय

इस वर्ष परीक्षा कार्यक्रम में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सचिव भगवती सिंह ने अभिभावकों और छात्रों को समय पर जानकारी देने पर जोर दिया।

  • कक्षा 10: हिंदी और प्राइमरी हिंदी की परीक्षा पहले 16 फरवरी, 2026 को सुबह 8 बजे से 11:15 बजे तक होने वाली थी। इसे अब 18 फरवरी, 2026 को सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक आयोजित किया जाएगा।
  • कक्षा 12: जनरल हिंदी और हिंदी के पेपर पहले 16 फरवरी, 2026 को होने थे। अब ये परीक्षा 18 फरवरी, 2026 को दोपहर 2 बजे से 5:15 बजे तक होगी।
  • संस्कृत का पेपर: जो पहले 10 मार्च, 2026 को निर्धारित था, अब इसे 12 मार्च, 2026 को दोपहर 2 बजे से 5:15 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

सचिव ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्रों और समय-सारणी की जानकारी समय रहते प्राप्त करें और परीक्षा से संबंधित सभी निर्देशों का पालन करें।

परीक्षा केंद्रों का चयन: सुविधाओं और सुरक्षा पर जोर

परीक्षा केंद्रों का चयन करते समय छात्रों की सुविधा, सुरक्षा और परीक्षा संचालन में सुविधा को ध्यान में रखा गया है। प्रत्येक केंद्र में पर्याप्त संख्या में सुपरवाइजर और असिस्टेंट की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा कोविड-19 जैसी स्वास्थ्य आवश्यकताओं और सुरक्षा मानकों का भी पूरा पालन किया जाएगा।

यूपी बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों की निगरानी और व्यवस्थापन के लिए स्मार्ट तकनीक और सॉफ्टवेयर का उपयोग किया है, जिससे छात्रों और अभिभावकों को परीक्षा से संबंधित जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध हो सके

परीक्षाओं में छात्रों की संख्या और तैयारी

इस वर्ष कक्षा 10 और 12 की परीक्षा में कुल 52 लाख 30 हजार 297 छात्र शामिल हैं। हाई स्कूल में 27,50,945 और इंटरमीडिएट में 24,79,352 छात्र पंजीकृत हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में वृद्धि को दर्शाता है, जो बोर्ड परीक्षा के महत्व और शिक्षा में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

यूपी बोर्ड ने छात्रों की तैयारी को आसान बनाने के लिए सैंपल पेपर, मॉडल टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र भी जारी किए हैं। सचिव भगवती सिंह ने कहा कि छात्रों को अनुशासन, समय प्रबंधन और पाठ्यक्रम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

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RPSC का सख्त फैसला: दो बार परीक्षा में गैरहाजिर हुए तो OTR होगा ब्लॉक, दोबारा चालू कराने पर देना होगा जुर्माना

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RPSC ने भर्ती परीक्षाओं में बिना शामिल हुए गैरहाजिर रहने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए, दो बार अनुपस्थित रहने पर OTR ब्लॉक करने और जुर्माना लगाने का फैसला

Ajmer News: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अब बिना तैयारी या केवल “ट्रायल” के लिए आवेदन कर परीक्षा में शामिल न होने वाले अभ्यर्थियों पर सीधी कार्रवाई होगी। नए नियमों के तहत अगर कोई अभ्यर्थी लगातार परीक्षाओं में गैरहाजिर रहता है, तो उसका वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) ब्लॉक कर दिया जाएगा।

एक वित्तीय वर्ष में दो बार अनुपस्थित हुए तो OTR ब्लॉक

कार्मिक विभाग द्वारा लागू किए गए नए नियमों के अनुसार, यदि कोई अभ्यर्थी एक ही वित्तीय वर्ष में आयोजित दो भर्ती परीक्षाओं में अनुपस्थित रहता है, तो उसकी OTR सुविधा स्वतः ब्लॉक हो जाएगी। इस स्थिति में OTR को दोबारा सक्रिय कराने के लिए 750 रुपये का शुल्क देना होगा।

यदि उसी वित्तीय वर्ष में अभ्यर्थी फिर से दो और परीक्षाओं में अनुपस्थित रहता है, तो OTR बहाली के लिए 1500 रुपये का जुर्माना देना अनिवार्य होगा। आयोग का कहना है कि यह कदम गंभीर और योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देने तथा भर्ती प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए उठाया गया है।

इन भर्तियों पर लागू होंगे नए नियम

RPSC ने यह चेतावनी पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती (1100 पद) और सहायक कृषि अभियंता भर्ती-2025 के संदर्भ में जारी की है। इन दोनों भर्तियों की परीक्षा 19 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित है। आयोग के अनुसार, बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के बिना परीक्षा दिए अनुपस्थित रहने से न सिर्फ परीक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है, बल्कि संसाधनों की भी अनावश्यक बर्बादी होती है।

आवेदन सुधार और वापसी का अंतिम मौका

RPSC ने अभ्यर्थियों को राहत देते हुए आवेदन में सुधार और उसे वापस लेने का भी अवसर दिया है। आयोग के अनुसार, 11 फरवरी से 17 फरवरी 2026 तक अभ्यर्थी अपने आवेदन में नाम, फोटो, पिता का नाम और जेंडर को छोड़कर अन्य विवरणों में सुधार कर सकते हैं।

जो अभ्यर्थी पात्र नहीं हैं या किसी कारणवश परीक्षा में शामिल नहीं होना चाहते, वे इसी अवधि में अपना आवेदन वापस ले सकते हैं। आयोग ने चेतावनी दी है कि गलत जानकारी देने, अपात्र होने के बावजूद आवेदन वापस न लेने या बार-बार नियमों की अनदेखी करने वाले अभ्यर्थियों को भविष्य की भर्तियों से डिबार (Debar) भी किया जा सकता है।

अभ्यर्थियों के लिए साफ संदेश

RPSC ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सोच-समझकर ही आवेदन करें और केवल उन्हीं परीक्षाओं के लिए फॉर्म भरें, जिनमें वे वास्तव में शामिल होना चाहते हैं। यह फैसला न सिर्फ भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा, बल्कि गंभीर अभ्यर्थियों के हितों की भी रक्षा करेगा।

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