सीरिया के प्रांत हुम्स में एक शांतिपूर्ण नमाज़ के दौरान दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है। एक आत्मघाती हमलावर ने स्थानीय समय अनुसार शुक्रवार की नमाज़ के दौरान मस्जिद के अंदर अपने आपको उड़ाया, जिससे कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। स्थानीय अधिकारियों और अस्पताल सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि अधिकतर मृतक वहीं के ही नागरिक हैं, जो इबादत के लिए इकट्ठा हुए थे।
घटना के तुरंत बाद अस्पतालों में खून से लथपथ घायल पर्यटन ने सबसे पहले इलाज की गुहार लगाई, वहीं पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच कर राहत और बचाव कार्य में जुट गए।
हमले से मची दहशत और माहौल
हुम्स के इस जिलो में आधी रात से नमाज़ के समय तक अक्सर सुकून भरा माहौल रहता है, लेकिन शुक्रवार को सुबह नमाज़ के दौरान अचानक धमाके की आवाज़ ने पूरा इलाका झकझोर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, हमले की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि आसपास के घरों की खिड़कियाँ तक हिल गईं।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया,
“हम लोग अपने रोज़मर्रा के काम से मस्जिद आए थे। किसी को अंदाज़ा भी नहीं था कि इस पवित्र जगह पर ऐसा हादसा होगा। जब धमाका हुआ, तो लोग भागे, चीखें सुनकर कोई समझ नहीं पा रहा था कि क्या हो रहा है।”
घायलों को पास के सरकारी अस्पताल और क्लीनिकों में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर 24 घंटे से लगातार उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
ISIS की भूमिका पर शक, जांच जारी
स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि शुरुआती जांच में यह संकेत मिल रहे हैं कि यह हमला ISIS जैसे कठोर विचारधारा वाले संगठन का कृत्य हो सकता है। हालांकि अभी तक किसी संगठन ने आधिकारिक तौर पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा बलों को ऐसे कई सबूत मिले हैं जो ISIS के तार से जोड़ते हैं।
एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया,
“हम शुरुआती जांच में कुछ ऐसे सुराग भी मिला रहे हैं जो हमें इस बात की ओर ले जा रहे हैं कि ISIS का हाथ हो सकता है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट आने तक कुछ भी निश्चित नहीं कहा जा सकता।”
सीरियाई सरकार ने भी इस मामले पर बयान जारी कर कहा है कि वह पूरे मामले की गंभीरता से अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर जांच कर रही है।
स्थानीय समुदाय और प्रतिक्रिया
मस्जिद के इमाम और समुदाय के वरिष्ठ सदस्यों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और कहा कि ऐसे कृत्य भाईचारे और मानवता के खिलाफ हैं। हुम्स के स्थानीय निवासी इस घटना के बाद दुःख और गुस्से दोनों का सामना कर रहे हैं।
एक स्थानीय नागरिक ने कहा,
“हम यहाँ रोज़ाना नमाज़ के लिए आते हैं, हम कोई दुश्मन नहीं हैं। किसी भी धार्मिक स्थल पर हमला करना मानवीयता के खिलाफ है।”
वहीं वैश्विक और पड़ोसी देशों की प्रतिक्रिया
सीरिया के इस हमले की खबर जैसे ही आई, आसपास के देशों ने भी घटनास्थल पर परिस्थितियों की निंदा की है और शांति बनाए रखने का आह्वान किया है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस प्रकार की हिंसा की कड़ी निंदा की है और कहा है कि वैश्विक स्तर पर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी देशों को मिलकर कदम उठाने की आवश्यकता है।
विशेष विश्लेषण: आतंकवाद और सामाजिक असंतुलन
विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में अभी भी आतंकवादी गतिविधियों का खतरा बना हुआ है। ISIS जैसे संगठनों की विचारधारा और हिंसक तरीके समय-समय पर स्थानीय समुदायों में भय और तनाव पैदा करते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि
- बेहतर सुरक्षा तंत्र बनाना
- स्थानीय समुदायों को संगठित करना
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा खुफ़िया जानकारी
इन कदमों से इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।