क्रिसमस से पहले अचानक बदला स्कूलों का शेड्यूल, ठंड के बीच बड़ा फैसला

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Javed Haider Zaidi

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School children walking in fog and cold weather during winter, showing impact of cold wave on schools in North India

उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच स्कूलों को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। तापमान में लगातार गिरावट और शीतलहर की चेतावनी के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में स्कूलों के संचालन में बदलाव किया गया है। क्रिसमस से ठीक पहले आए इस फैसले ने लाखों छात्रों और अभिभावकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

पिछले कुछ दिनों से सुबह और देर शाम के समय ठंड का असर काफी बढ़ गया है। कई स्थानों पर दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे बच्चों के लिए स्कूल आना-जाना जोखिम भरा माना जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने स्कूलों को लेकर एहतियाती कदम उठाए हैं।

ठंड और कोहरे से बिगड़ी स्थिति

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में शीतलहर का असर अभी कुछ दिनों तक बना रह सकता है। न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है और कई जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की ठंड में छोटे बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।

राज्यवार स्कूल अपडेट

दिल्ली में फिलहाल स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है, जबकि 25 दिसंबर को क्रिसमस के अवसर पर सभी स्कूलों में अवकाश रहेगा। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मौसम की स्थिति बिगड़ने पर आगे भी स्कूलों को लेकर नए निर्देश जारी हो सकते हैं।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कक्षा एक से आठ तक के छात्रों के लिए स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि सुबह के समय ठंड का प्रभाव बच्चों पर अधिक पड़ता है, इसलिए यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है।

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हरियाणा में अभी पूरे राज्य के लिए अवकाश की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कुछ जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हालात को देखते हुए आगे छुट्टियों पर फैसला किया जाएगा।

पंजाब में पहले से घोषित विंटर वेकेशन जारी है, जिसमें क्रिसमस और नए साल की छुट्टियां भी शामिल हैं। ठंड को देखते हुए बच्चों को घर पर ही सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।

क्रिसमस और विंटर वेकेशन का असर

क्रिसमस की छुट्टी पहले से तय थी, लेकिन ठंड और मौसम की गंभीरता के कारण कई जगहों पर छुट्टियों का दायरा बढ़ गया है। इससे जहां छात्रों को राहत मिली है, वहीं अभिभावकों ने भी बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस फैसले को सही बताया है।

आगे क्या बढ़ सकती हैं छुट्टियां

मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार फिलहाल ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि कुछ राज्यों में स्कूलों की छुट्टियां और बढ़ाई जा सकती हैं, हालांकि इसका अंतिम फैसला स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग करेगा।

निष्कर्ष

कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच स्कूलों के शेड्यूल में किया गया यह बदलाव बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकेत है। क्रिसमस से पहले लिया गया यह फैसला लाखों परिवारों के लिए राहत भरा साबित हुआ है। अब सभी की नजरें मौसम और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

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राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई पर सस्पेंस: बेल हियरिंग आज, चेक बाउंस केस में ₹9 करोड़ बकाया पर टिकी निगाहें

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तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव, चेक बाउंस केस में जमानत सुनवाई से पहले रिहाई को लेकर सस्पेंस।

राजपाल यादव: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की रिहाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। उनके मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई है कि अदालत से राहत मिल सकती है और वह जल्द बाहर आ सकते हैं।

राजपाल यादव का नाम लंबे समय से इस वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं। यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म की असफलता के बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का साथ, परिवार की उम्मीद

राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने हालिया बातचीत में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन, रतन जैन और वरुण धवन जैसे लोग समर्थन जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता किस स्तर पर दी जा रही है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सभी ने सकारात्मक प्रतिबद्धता जताई है।

गोल्डी के मुताबिक, ऐसे वित्तीय लेन-देन में समय लगता है और परिवार मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए हुए है। फरवरी के अंत में परिवार में कुछ निजी कार्यक्रम भी निर्धारित हैं और सभी की इच्छा है कि राजपाल यादव तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि बेल हियरिंग तय है और अदालत के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा कानूनी मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद वह समय पर भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। आरोप था कि उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए थे। अदालत ने उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

बढ़ती बकाया राशि और अदालत का रुख

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस प्रयास दिखाने का निर्देश दिया था। समय के साथ ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने लगभग 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत ने माना कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है। फरवरी 2025 में अदालत ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। अतिरिक्त समय मांगने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

रिहाई कब तक?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजपाल यादव को अदालत से जमानत कब तक मिल सकती है। उनके मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई के बाद सकारात्मक फैसला आ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन और परिवार की उम्मीदें इस कानूनी संघर्ष के बीच एक मानवीय पक्ष को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला ही तय करेगा कि राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई कब संभव हो पाएगी।

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