School Closed: शीतलहर और कोहरे के चलते कक्षा 5 तक छुट्टियां बढ़ीं, 6 से 12वीं के स्कूलों का समय बदला

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Javed Haider Zaidi

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शीतलहर और घने कोहरे के चलते बंद स्कूल का गेट, उत्तर प्रदेश में बढ़ी ठंड के कारण स्कूलों में छुट्टी

School Closed: उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। पहाड़ों से आ रही सर्द पछुआ हवाओं ने एक बार फिर मौसम को सख्त बना दिया है। पश्चिमी यूपी के कई जिलों में शीतलहर, गलन और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इसी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से स्कूलों को लेकर अहम फैसला लिया है।

कक्षा 5 तक 15 जनवरी तक छुट्टी

मौसम की गंभीरता को देखते हुए गाजियाबाद जिले में नर्सरी से कक्षा 5 तक के सभी स्कूलों में 15 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। ठंड और कोहरे की वजह से छोटे बच्चों को होने वाली परेशानी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

6 से 12वीं तक बदला स्कूल टाइम

वहीं कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यालय अब सुबह 10 बजे से पहले नहीं खुलेंगे। इन कक्षाओं के लिए स्कूल का समय सीमित कर दिया गया है और दोपहर 3 बजे छुट्टी कर दी जाएगी, ताकि बच्चों को सुबह की अत्यधिक ठंड और कोहरे से बचाया जा सके।

मौसम ने बदली करवट, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

गाजियाबाद में मौसम एक बार फिर करवट ले चुका है। रविवार को धूप निकलने के बावजूद सर्द हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। मौसम विभाग ने जिले के लिए कोहरे और शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि इसके बाद के दो दिनों के लिए येलो अलर्ट रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक घना कोहरा, सर्द हवाएं और तेज गलन बनी रहेगी। खासकर सुबह और रात के समय हालात ज्यादा मुश्किल हो सकते हैं।

प्रदेश का चौथा सबसे ठंडा जिला रहा गाजियाबाद

रविवार को गाजियाबाद प्रदेश का चौथा सबसे ठंडा जिला रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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  • मेरठ: 4.1 डिग्री (पहला स्थान)
  • नोएडा: 4.4 डिग्री (दूसरा)
  • बहराइच: 4.6 डिग्री (तीसरा)

गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता करीब 90 फीसदी दर्ज की गई और हवाएं 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं। आधी रात के बाद पाला भी पड़ा, जिससे सुबह के समय गलन और बढ़ गई।

कोहरे से दृश्यता घटी, दिन में यातायात सामान्य

घने कोहरे के चलते देर रात और सुबह के समय दृश्यता काफी कम रही, जिससे वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। हालांकि दिन निकलते ही कोहरा छंट गया और यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।

तेज हवा से प्रदूषण में थोड़ी राहत

तेज हवाओं की वजह से जिले को प्रदूषण से भी कुछ राहत मिली है। रविवार को गाजियाबाद का एक्यूआई 351 से घटकर 289 पर पहुंच गया। हालांकि लोनी (366) और वसुंधरा (322) अब भी सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाके रहे।
यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह के मुताबिक, हवा की रफ्तार बढ़ने और नमी कम होने से धूल के कण बिखरे, जिससे प्रदूषण स्तर में गिरावट आई है और आगे और सुधार की उम्मीद है।

आगे और गिरेगा तापमान

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी। डॉ. यूपी शाही के अनुसार, आधी रात के बाद फिर कोहरा पड़ेगा और दृश्यता कम रहेगी। सोमवार को अधिकतम तापमान 15 डिग्री और न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। अगले तीन-चार दिन तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा।

पश्चिमी यूपी में शीतलहर की चेतावनी

मौसम विभाग ने गाजियाबाद, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और संभल में शीतलहर की संभावना जताई है। अगले दो से तीन दिनों में दिन और रात के तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है।
इसके अलावा तराई के 15 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट और 23 जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे की चेतावनी जारी की गई है।

स्वास्थ्य को लेकर भी सलाह

चिकित्सकों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को गर्म कपड़ों में अच्छी तरह ढककर रखने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाने की जरूरत है।

कुल मिलाकर, यूपी में ठंड का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है। शीतलहर और कोहरे को देखते हुए स्कूलों का यह फैसला बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से राहत भरा है, वहीं आम लोगों को भी आने वाले दिनों में सतर्क रहने की जरूरत है।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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