प्रयागराज में बड़ा विमान हादसा: प्रयागराज में बुधवार, 21 जनवरी 2026 को उस समय हड़कंप मच गया जब भारतीय सेना का एक ट्रेनी विमान अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा शहर के बीचोंबीच केपी कॉलेज के पीछे स्थित एक दलदली तालाब में हुआ, जो माघ मेले के मुख्य क्षेत्र से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर है। गनीमत यह रही कि विमान में सवार दोनों पायलट समय रहते पैराशूट के जरिए बाहर निकलने में सफल रहे और उनकी जान बच गई।
उड़ान के दौरान बिगड़ा संतुलन, फिर हुआ हादसा
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेनी विमान सामान्य प्रशिक्षण उड़ान पर था। उड़ान के दौरान अचानक विमान का संतुलन बिगड़ने लगा। कुछ ही सेकेंड में वह हवा में डगमगाने लगा और नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद विमान तेजी से नीचे आया और एक दलदली तालाब में जा गिरा।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे से ठीक पहले आसमान में तेज, धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिससे आसपास के लोग सहम गए। कई लोगों को पहले तो लगा कि कोई बड़ा विस्फोट हुआ है, लेकिन जब उन्होंने तालाब की ओर देखा तो वहां विमान गिरा हुआ नजर आया।
पैराशूट से कूदे पायलट, टली बड़ी अनहोनी
हादसे से पहले विमान में सवार पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए पैराशूट के जरिए बाहर कूदने का फैसला लिया। चश्मदीदों के मुताबिक, तीन लोग पैराशूट से नीचे आते दिखे, जो सीधे तालाब में उतरे और दलदल में फंस गए।
स्थानीय ग्रामीण और आसपास मौजूद लोग बिना देर किए मदद के लिए आगे आए और दलदल में फंसे पायलटों को बाहर निकाला। इसके बाद तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आई मुश्किलें
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं। सेना का एक हेलिकॉप्टर भी घटनास्थल पर भेजा गया। हालांकि, हादसे वाली जगह दलदली तालाब होने और चारों ओर घनी जलकुंभी फैली होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में शुरुआती दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
दलदल की वजह से भारी उपकरणों को मौके तक पहुंचाने में समय लगा। बावजूद इसके, दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
माघ मेले के बीच बढ़ी सतर्कता
प्रयागराज में इन दिनों माघ मेले के चलते देशभर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद हैं। ऐसे में यह हादसा प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया। राहत की बात यह रही कि दुर्घटना रिहायशी इलाके या मेला क्षेत्र के भीतर नहीं हुई, जिससे किसी आम नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा।
प्रशासन ने तुरंत पूरे इलाके को सील कर दिया और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई, ताकि जांच और सुरक्षा कार्यों में कोई बाधा न आए।
माइक्रोलाइट ट्रेनी एयरक्राफ्ट बताया जा रहा विमान
अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान भारतीय वायुसेना का माइक्रोलाइट ट्रेनी एयरक्राफ्ट था, जिसका उपयोग प्रशिक्षण उड़ानों के लिए किया जाता है। इस तरह के विमानों से नए पायलटों को बेसिक फ्लाइंग ट्रेनिंग दी जाती है।
वायुसेना के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रशिक्षण उड़ानों में तय सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाता है। हादसे की असली वजह तकनीकी खराबी थी या किसी अन्य कारण से विमान का संतुलन बिगड़ा, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल पाएगा।
वायुसेना और पुलिस कर रही संयुक्त जांच
हादसे के बाद वायुसेना की तकनीकी टीम और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से जरूरी सबूत जुटाए जा रहे हैं और विमान के मलबे की बारीकी से जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा। फिलहाल दोनों पायलट खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं और उनकी स्थिति स्थिर है।
राहत की सांस, लेकिन सवाल बरकरार
इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, जो सबसे बड़ी राहत की बात है। समय पर पायलटों का निर्णय, पैराशूट की उपलब्धता और स्थानीय लोगों की तत्परता ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।
हालांकि, माघ मेले जैसे बड़े आयोजन के दौरान शहर के पास इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें वायुसेना की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सके कि आखिर यह हादसा किन कारणों से हुआ।