PM Kisan Yojana 22वीं किस्त: आपके खाते में आएंगे 2000 रुपये या नहीं? ऐसे करें लिस्ट में नाम चेक, जानें जरूरी शर्तें

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Javed Haider Zaidi

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PM Kisan Yojana 22वीं किस्त से जुड़ी जानकारी, किसान मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर लाभार्थी सूची में अपना नाम चेक करते हुए

PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) के तहत देश के करोड़ों किसानों को हर साल आर्थिक सहायता दी जाती है। केंद्र सरकार पात्र किसानों को सालाना 6000 रुपये की मदद करती है, जो 2000-2000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। इस योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की गई थी, ताकि किसानों की खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सके और उनकी आमदनी को सहारा दिया जा सके।

प्रधानमंत्री किसान योजना की 21वीं किस्त पिछले साल 19 नवंबर को जारी की गई थी। इसके बाद से ही किसान 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी संकेतों के मुताबिक, पीएम किसान की 22वीं किस्त मार्च महीने में जारी की जा सकती है, हालांकि अभी तक सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। सरकार हमेशा की तरह किस्त जारी होने से पहले इसकी औपचारिक घोषणा करेगी।

पीएम किसान योजना के तहत कितनी मिलती है राशि

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को साल में कुल 6000 रुपये दिए जाते हैं। यह राशि तीन बराबर किस्तों में दी जाती है—

  • अप्रैल से जुलाई
  • अगस्त से नवंबर
  • दिसंबर से मार्च

हर किस्त में किसानों के खाते में 2000 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं। यह पैसा सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए किसानों के बैंक खातों में भेजा जाता है।

ई-केवाईसी नहीं कराई तो अटक सकती है 22वीं किस्त

अगर आप पीएम किसान योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन किसानों की ओटीपी आधारित ई-केवाईसी पूरी नहीं होगी, उनके खाते में 22वीं किस्त के 2000 रुपये नहीं आएंगे। इसके अलावा बैंक खाते का आधार से लिंक होना और भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन भी जरूरी है।

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ऐसे चेक करें पीएम किसान लाभार्थी लिस्ट में अपना नाम

किसान यह आसानी से जांच सकते हैं कि उनका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें—

  1. पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।
  2. होम पेज पर ‘Beneficiary List’ विकल्प पर क्लिक करें।
  3. अब अपना राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव का चयन करें।
  4. ‘Get Report’ पर क्लिक करते ही आपके गांव के सभी लाभार्थियों की सूची स्क्रीन पर आ जाएगी।

लिस्ट में नाम है तो मिलेंगे 2000 रुपये

अगर लाभार्थी सूची में आपका नाम दिखाई देता है, तो समझ लीजिए कि आप पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त के लिए पात्र हैं और तय समय पर आपके बैंक खाते में 2000 रुपये ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। वहीं, अगर लिस्ट में नाम नहीं है, तो आपको अगली किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसी स्थिति में किसान को अपने नजदीकी कृषि कार्यालय या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से संपर्क करना चाहिए।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

22वीं किस्त से पहले किसान यह जरूर जांच लें कि उनकी ई-केवाईसी पूरी है या नहीं, बैंक खाता आधार से लिंक है या नहीं और नाम लाभार्थी सूची में दर्ज है या नहीं। समय रहते ये काम पूरे करने से किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है।

पीएम किसान योजना आज देश की सबसे बड़ी किसान कल्याण योजनाओं में से एक है, जो सीधे तौर पर किसानों की आर्थिक मजबूती में अहम भूमिका निभा रही है।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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