PM Internship Scheme: आवेदन की बाढ़, लेकिन इंटर्नशिप पूरी करने वालों की संख्या बेहद कम

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Javed Haider Zaidi

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(Photo : PTI)

सरकारी आंकड़ों में सामने आया बड़ा अंतर, युवाओं में शुरुआती उत्साह तो ज़्यादा लेकिन स्कीम को अंत तक पूरा करने की दर चिंता का विषय

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम (PM Internship Scheme) को देशभर के युवाओं से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। लाखों छात्रों और युवाओं ने इस योजना के तहत आवेदन किया, लेकिन ताज़ा सरकारी आंकड़ों से यह साफ हुआ है कि इंटर्नशिप शुरू करने और उसे पूरा करने वालों की संख्या अपेक्षा से काफी कम है

डेटा के मुताबिक, स्कीम के पहले चरण में बड़ी संख्या में इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध कराए गए और हजारों युवाओं को ऑफर लेटर भी जारी किए गए। इसके बावजूद, केवल सीमित संख्या में उम्मीदवार ही इंटर्नशिप की पूरी अवधि पूरी कर पाए। कई मामलों में चयन के बाद उम्मीदवारों ने जॉइन ही नहीं किया, जबकि कुछ ने बीच में ही इंटर्नशिप छोड़ दी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। इंटर्नशिप की लोकेशन, रहने-खाने की व्यवस्था, स्टाइपेंड को लेकर असंतोष, भूमिका की स्पष्टता न होना और मार्गदर्शन की कमी जैसी समस्याएं युवाओं को बीच में ही योजना से दूर कर सकती हैं। इसके अलावा, कुछ छात्रों के लिए इंटर्नशिप की अवधि और शैक्षणिक कैलेंडर का टकराव भी एक बड़ी वजह बनकर सामने आया है।

हालांकि, कुछ राज्यों में इंटर्नशिप पूरी करने की दर अपेक्षाकृत बेहतर दर्ज की गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि सही प्लानिंग और स्थानीय सहयोग से योजना को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम का उद्देश्य युवाओं को वास्तविक कार्य अनुभव प्रदान करना और उन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है। सरकार का कहना है कि स्कीम की निगरानी लगातार की जा रही है और फीडबैक के आधार पर जरूरी सुधार किए जाएंगे, ताकि आने वाले चरणों में ज्यादा से ज्यादा युवा इंटर्नशिप को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें।

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विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इंटर्नशिप के ढांचे को और व्यावहारिक बनाया गया, तो यह योजना देश के युवाओं के लिए रोजगार की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो सकती है।

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यूपी पुलिस SI परीक्षा आज से: समय से पहले पहुंचें, ये दस्तावेज़ ले जाना अनिवार्य, पढ़ें पूरी गाइडलाइन

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परीक्षा केंद्र के बाहर एडमिट कार्ड और दस्तावेज़ लेकर लाइन में खड़े यूपी पुलिस SI परीक्षा 2026 के अभ्यर्थी, सुरक्षा जांच के बाद प्रवेश करते हुए।

यूपी पुलिस SI परीक्षा आज से, दो दिन दो शिफ्ट में होगी परीक्षा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित UP Police SI Exam 2026 आज यानी 14 मार्च से शुरू हो रही है। यह परीक्षा 14 और 15 मार्च को प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले सभी जरूरी निर्देशों को ध्यान से पढ़ने और समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है।

भर्ती बोर्ड के अनुसार परीक्षा दोनों दिन दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से 12 बजे तक होगी, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने और औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए पांच मिनट अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।

परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचना अनिवार्य

परीक्षा को सुचारू और व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से पहले ही केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। उम्मीदवारों को कम से कम 60 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट करना होगा।

यदि कोई अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने के बाद केंद्र पर पहुंचता है तो उसे परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे ट्रैफिक या अन्य किसी संभावित देरी से बचने के लिए समय से पहले ही घर से निकलें।

परीक्षा में क्या-क्या ले जाना अनिवार्य

परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए कुछ दस्तावेज़ों का साथ होना बेहद जरूरी है। इनके बिना अभ्यर्थी को परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अनिवार्य दस्तावेज़ इस प्रकार हैं:

  • UP SI Admit Card 2026 की प्रिंटेड कॉपी
  • वैध फोटो पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर ID या अन्य सरकारी पहचान पत्र)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • काला या नीला बॉलपॉइंट पेन
  • जाति या आरक्षण प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • PwD या दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • सरकारी ID प्रूफ की अतिरिक्त कॉपी (जरूरत पड़ने पर)

अभ्यर्थियों को यह भी सलाह दी गई है कि वे परीक्षा के दिन साधारण और आरामदायक कपड़े पहनकर आएं। भारी आभूषण, घड़ियां या अन्य अनावश्यक एक्सेसरीज़ पहनने से बचें, क्योंकि सुरक्षा जांच के दौरान इन्हें हटाने के लिए कहा जा सकता है।

परीक्षा में क्या ले जाना सख्त मना

परीक्षा को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए कई वस्तुओं को परीक्षा केंद्र में ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इनमें शामिल हैं:

  • मोबाइल फोन
  • स्मार्ट वॉच
  • ब्लूटूथ डिवाइस या ईयरफोन
  • कैलकुलेटर
  • नोट्स, किताबें या किसी प्रकार की लिखित सामग्री
  • किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट

यदि किसी अभ्यर्थी के पास ये वस्तुएं पाई जाती हैं तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए प्रदेश भर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की ड्यूटी लगाई गई है।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत तैनात किए गए बल की संख्या इस प्रकार है:

  • राजपत्रित अधिकारी – 372
  • निरीक्षक – 2142
  • उप निरीक्षक – 7640
  • मुख्य आरक्षी – 8479
  • आरक्षी – 12969
  • होमगार्ड – 749
  • पीएसी – 4 कंपनी और 2 प्लाटून जनपदों में, जबकि 3 प्लाटून पीएसी जीआरपी को

प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।

अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षा से पहले अपने एडमिट कार्ड और सभी जरूरी दस्तावेज़ों को अच्छी तरह जांच लें। साथ ही परीक्षा केंद्र का पता पहले से देख लें ताकि परीक्षा के दिन किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

समय पर पहुंचना, नियमों का पालन करना और किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों से दूर रहना ही परीक्षा को सुचारू रूप से देने का सबसे अच्छा तरीका माना जा रहा है।

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