देश में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। इस मैसेज में दावा किया जा रहा है कि सरकार हर नागरिक के बैंक अकाउंट में 46,715 रुपये जमा कर रही है, ताकि देश में बढ़ती आर्थिक चुनौतियों और संकट को कम किया जा सके। लोग इसे बड़े पैमाने पर शेयर कर रहे हैं और इसे सच मान रहे हैं। लेकिन क्या यह दावा सच है या सिर्फ एक नया साइबर फ्रॉड स्कैम है?
क्या है वायरल मैसेज में दावा?
वायरल मैसेज में यह कहा जा रहा है कि सरकार ने देश के हर नागरिक को आर्थिक मदद के तौर पर 46,715 रुपये देने का फैसला किया है। मैसेज में अक्सर “Register for support” या अन्य लिंक भी दिया जाता है, जिस पर क्लिक कर लोगों से बैंक डिटेल्स और पर्सनल जानकारी मांगी जाती है।
ऐसे मैसेज को देखकर आम नागरिकों में उत्सुकता तो बढ़ती है, लेकिन यह वही जगह है जहां स्कैमर्स आपकी जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं।
PIB फैक्ट चेक ने किया खुलासा: दावा पूरी तरह फर्जी
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट-चेक टीम ने इस वायरल मैसेज की जांच की। जांच में पाया गया कि:
- वित्त मंत्रालय ने न तो कोई योजना शुरू की है और न ही ऐसा कोई ऐलान किया है।
- वायरल मैसेज पूरी तरह भ्रामक और फर्जी है।
- “Register for support” जैसे लिंक फिशिंग स्कैम के लिए बनाए गए हैं, जिनका उद्देश्य आपकी बैंक डिटेल्स और पर्सनल जानकारी चुराना है।
PIB ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मैसेज पर कभी भरोसा न करें और इसे फॉरवर्ड न करें।
फिशिंग क्या है और यह कैसे काम करता है?
फिशिंग एक साइबर फ्रॉड है, जिसमें धोखे से लोगों से संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है। आम तौर पर यह लिंक या मैसेज आपको किसी आकर्षक ऑफर या आर्थिक मदद का लालच देकर रजिस्ट्रेशन के बहाने आपकी जानकारियाँ निकालते हैं।
साइबर अपराधियों के तरीके:
- नकली लिंक भेजकर आपके बैंक अकाउंट की जानकारी मांगना
- OTP, CVV या पासवर्ड चोरी करना
- फर्जी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाना
सरकार की चेतावनी और सुरक्षा उपाय
सरकार और PIB ने नागरिकों से स्पष्ट रूप से कहा है कि:
- सोशल मीडिया पर वायरल ऐसे किसी भी मैसेज पर भरोसा न करें।
- किसी भी संदिग्ध लिंक पर बैंक डिटेल्स या पर्सनल जानकारी शेयर न करें।
- फर्जी मैसेज या लिंक मिलने पर साइबर सेल या PIB फैक्ट चेक टीम को रिपोर्ट करें।
सुरक्षा के लिए सुझाव:
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सोचें।
- OTP, CVV, पासवर्ड जैसी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन हमेशा चालू रखें।
- मोबाइल और कंप्यूटर में एंटीवायरस का इस्तेमाल करें।
- कोई संदिग्ध गतिविधि लगे तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचित करें।
सवाल जो हर नागरिक के मन में हैं
- क्या सच में सरकार 46,715 रुपये हर अकाउंट में देगी? (नहीं)
- क्या वायरल लिंक सुरक्षित हैं? बिलकुल नहीं, यह फिशिंग हो सकता है।
- अगर मैसेज वायरल हो रहा है तो क्या करना चाहिए? नहीं शेयर करें, PIB या साइबर सेल को रिपोर्ट करें।
साइबर फ्रॉड लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। इसलिए थोड़ी सी सतर्कता आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।