मुनव्वर राना की बेटी हिबा राना को पति ने दिया तीन तलाक, दहेज उत्पीड़न और मारपीट का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मामला

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मुनव्वर राना की बेटी हिबा राना ने पति और ससुर पर तीन तलाक, दहेज उत्पीड़न और मारपीट का आरोप लगाया, पुलिस जांच जारी

Munawar Rana Daughter: लखनऊ से सामने आए एक गंभीर पारिवारिक विवाद में दिवंगत मशहूर शायर मुनव्वर राना (Munawwar Rana) की बेटी हिबा राना ने अपने पति और ससुर पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और तीन तलाक देने के आरोप लगाए हैं। सआदतगंज थाना पुलिस ने हिबा राना की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हिबा राना की शादी वर्ष 2013 में मोहम्मद साकिब से सुन्नी रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी। एफआईआर में उल्लेख है कि शादी के समय हिबा के पिता और परिजनों ने दहेज में सोने-हीरे के आभूषणों के साथ करीब 10 लाख रुपये नकद भी दिए थे। इसके बावजूद शादी के कुछ समय बाद ही हिबा पर अतिरिक्त दहेज लाने का दबाव बनाया जाने लगा।

एफआईआर के मुताबिक, ससुराल पहुंचने के बाद पति मोहम्मद साकिब और ससुर हसीब अहमद की ओर से 20 लाख रुपये और देने की मांग की गई। पारिवारिक शांति बनाए रखने और वैवाहिक जीवन को बचाने के लिए पीड़िता के परिजनों ने कई बार मांगें पूरी करने का प्रयास भी किया। इसके बावजूद हिबा राना को लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। आरोप है कि साकिब आए दिन मारपीट करता था और उन्हें अपमानित करता था।

हिबा राना और मोहम्मद साकिब के दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं। एफआईआर में बताया गया है कि 9 अप्रैल 2025 को पति ने हिबा राना के साथ बेरहमी से मारपीट की और गाली-गलौज की। जब उनकी बहन आर्शिया राना उन्हें देखने ससुराल पहुंचीं, तो साकिब ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया और हमला करने का प्रयास किया।

इसी दौरान आरोप है कि मोहम्मद साकिब ने हिबा राना को तीन बार तलाक कहते हुए घर से धक्का देकर बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं, उसने दोनों बच्चों को घर के एक कमरे में बंद कर दिया, जिससे स्थिति और भी संवेदनशील हो गई।

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एफआईआर में यह भी दर्ज है कि इस घटना के बाद से हिबा राना मानसिक रूप से बेहद परेशान और डरी हुई हैं। उनका कहना है कि पति और ससुर की ओर से लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जिससे उनके और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।

सआदतगंज पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न सिर्फ एक पारिवारिक विवाद, बल्कि दहेज उत्पीड़न और महिला सुरक्षा से जुड़े अहम सवालों को भी सामने लाता है।

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मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमला, UN से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

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इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमले पर मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान, पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए वीडियो संदेश

मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित शिया मस्जिद खदीजतुल कुबरा में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। नमाज़ अदा कर रहे मासूम नमाज़ियों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कई लोगों की शहादत की खबर है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

इस दर्दनाक घटना पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास (Yasoob Abbas) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस हमले को इंसानियत और इस्लाम दोनों के खिलाफ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सख्त कदम उठाने की अपील की है।

“आतंकियों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं” — मौलाना यासूब अब्बास

मौलाना यासूब अब्बास ने अपने बयान में कहा कि जो लोग खुद को मुसलमान बताकर मस्जिदों में नमाज़ियों पर गोलियां बरसाते हैं, वे दरअसल इस्लाम के नाम पर छिपे हुए वहशी दरिंदे हैं। उनका कहना था कि इस्लाम किसी भी निर्दोष की हत्या की इजाज़त नहीं देता और ऐसे कृत्य करने वालों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में शिया समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वहां की सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं चुप्पी साधे हुए हैं। यह चुप्पी आतंकवाद को और बढ़ावा दे रही है।

संयुक्त राष्ट्र से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

AISPLB के महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से स्पष्ट शब्दों में मांग की कि पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती से लगातार आतंकवाद पनप रहा है और वहां अल्पसंख्यकों, खासकर शिया मुसलमानों की जान सुरक्षित नहीं है।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय मंच अब भी सख्त कार्रवाई नहीं करता, तो ऐसे हमले भविष्य में और भयावह रूप ले सकते हैं।

शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना

अपने बयान के अंत में मौलाना यासूब अब्बास ने हमले में शहीद हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह ईश्वर से दुआ करते हैं कि शहीदों के परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की ताकत मिले और घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ हो।

मानवता पर हमला, पूरी दुनिया के लिए चेतावनी

इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में हुआ यह आतंकी हमला सिर्फ एक समुदाय पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता और धार्मिक सह-अस्तित्व पर हमला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं बनाया गया, तो दक्षिण एशिया में सांप्रदायिक आतंकवाद और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है।

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