Mumbai BMC Election Result 2026: मुंबई बीएमसी चुनाव परिणाम, किस पार्टी को कितनी सीटें? वार्ड-वार नतीजे यहां देखें

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

मुंबई BMC Election 2026 के वार्ड वाइज चुनाव परिणाम और विजेता सूची।

मुंबई BMC Election 2026 परिणाम: शिवसेना, बीजेपी, कांग्रेस की वार्ड वाइज लिस्ट

मुंबई में नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजे आ गए हैं। इस बार चुनाव में शिवसेना, बीजेपी, कांग्रेस और MNS के प्रत्याशियों ने भाग लिया। मुंबई के मतदाताओं ने अपने पसंदीदा प्रतिनिधियों को चुनकर शहर के भविष्य की दिशा तय की।

वार्ड वाइज विजेता सूची

वार्ड नंबरविजेतापार्टी
Ward 182Milind VidyaShiv Sena
Ward 135Navnath BanBJP
Ward 1Rekha YadavShiv Sena
Ward 163Shaila LandeShiv Sena
Ward 2 Tejaswini GhosalkarBJP
Ward 214 Ajit PatilBJP
Ward 51 Varsha TembwalkarShiv Sena
Ward 183 Asha Deepak KaleCongress

मुख्य हाइलाइट्स

  • शिवसेना और बीजेपी की टक्कर कड़ी रही।
  • कांग्रेस ने कुछ महत्वपूर्ण वार्डों में जीत दर्ज की।
  • MNS का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।
  • मतदान प्रतिशत में शहर के विभिन्न इलाकों में भारी अंतर देखा गया।

विश्लेषण और भविष्य की दिशा

मुंबई BMC के नतीजे स्थानीय राजनीति में नई हलचल लाएंगे। शहर के विकास और योजनाओं की दिशा इस चुनाव के परिणामों से प्रभावित होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कार्यकाल में विभिन्न पार्टियों के बीच संतुलन और सहयोग अहम रहेगा।

Next Post

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: 118 सांसदों के हस्ताक्षर, राहुल गांधी के साइन न होने पर उठे सवाल

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस, 118 सांसदों के हस्ताक्षर, राहुल गांधी के साइन न होने पर राजनीतिक चर्चा

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्षी दलों ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा सचिवालय में सौंप दिया है। इस प्रस्ताव पर कुल 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि, इस पूरी कवायद में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय यह रहा कि नेता विपक्ष राहुल गांधी के हस्ताक्षर इस नोटिस में शामिल नहीं हैं। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों ने भी इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

विपक्षी सांसदों ने संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के तहत यह नोटिस दिया है। आरोप है कि लोकसभा स्पीकर का रवैया सदन के संचालन में भेदभावपूर्ण रहा है और विपक्ष को बार-बार बोलने से रोका गया। नोटिस में स्पीकर के आचरण को लेकर चार प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख किया गया है।

विपक्ष का कहना है कि 2 फरवरी को नेता विपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद 3 फरवरी को विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबित किया गया, जिसे एकतरफा कार्रवाई बताया गया है। 4 फरवरी को सत्ता पक्ष के एक सांसद द्वारा दो पूर्व प्रधानमंत्रियों पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का भी जिक्र नोटिस में है। आरोप है कि विपक्ष की आपत्ति के बावजूद उस टिप्पणी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके साथ ही स्पीकर द्वारा विपक्षी महिला सांसदों को लेकर की गई टिप्पणी को भी आपत्तिजनक बताया गया है।

हालांकि प्रस्ताव लाने वाले सांसदों ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे व्यक्तिगत रूप से लोकसभा स्पीकर का सम्मान करते हैं, लेकिन उनका मानना है कि सदन के संचालन में निष्पक्षता और संतुलन की कमी दिखाई दी है। नोटिस मिलने के बाद लोकसभा स्पीकर ने सचिव जनरल को इसकी जांच करने और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने कहा कि विपक्ष के पास संख्या बल न होने के बावजूद यह प्रस्ताव एक संदेश देने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है और चेयर से अपेक्षा होती है कि वह सभी सांसदों के साथ समान व्यवहार करे।

Also Read

राहुल गांधी के हस्ताक्षर न होने को लेकर पूछे गए सवाल पर मोहम्मद जावेद ने कहा कि भले ही राहुल गांधी ने साइन नहीं किए हों, लेकिन 118 सांसदों का समर्थन अपने आप में एक मजबूत संदेश है। वहीं टीएमसी के समर्थन को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी के सांसदों के हस्ताक्षर भले ही नोटिस पर न हों, लेकिन वे विपक्ष के साथ खड़े हैं।

Next Post

Loading more posts...