Magh Mela Teesra Shahi Snan के शुभ अवसर पर:
Mauni Amavasya हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र दिन माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मौनी अमावस्या पर स्नान करने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं और पुण्य फल प्राप्त होते हैं। इसके अलावा, इस दिन पूजा-पाठ, दान और तर्पण करने का भी विशेष महत्व होता है।
लेकिन कई बार व्यक्ति किसी पवित्र नदी या धार्मिक स्थल तक नहीं जा पाता। ऐसी स्थिति में घर पर ही कुछ मंत्रों का जप करने से भी गंगा स्नान जितना पुण्य फल प्राप्त किया जा सकता है।
घर में स्नान करते समय जप करने योग्य मंत्र
अगर आप घर में नहाते समय इन मंत्रों का जप करें तो सभी पवित्र नदियों का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है। इसे ही दिव्य स्नान कहा गया है।
मंत्र:
गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु।
सर्वे समुद्रा सरितस तीर्थानि जलदानदा आयातु मम।
शांतं दुर्दक्षकारकं हर हर गंगे।
इस मंत्र का जप करते समय ध्यान रखें कि आपका मन शांत और एकाग्र हो।
आत्म शुद्धि और ईश्वरीय कृपा पाने के मंत्र
मौनी अमावस्या के दिन घर के किसी एकांत स्थान में इन मंत्रों का जप करने से आत्म शुद्धि होती है और देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।
मंत्र सूची:
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
- ॐ सूर्याय नम: या ॐ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्य प्रचोदयात्
- ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्
- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्
- ॐ भास्कराय विद्महे महातेजाय धीमहि तन्नो सूर्य प्रचोदयात
इन मंत्रों का जप करने से मानसिक और आत्मिक शांति प्राप्त होती है।
पितरों की कृपा प्राप्त करने के मंत्र
मौनी अमावस्या पितरों को प्रसन्न करने का विशेष दिन भी माना जाता है। इस दिन पितृ तर्पण, पिंडदान आदि करने से पितृदोष शांत होता है। यदि आप यह कर नहीं पा रहे हैं तो इन मंत्रों का जप करके भी पितरों का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है।
पितृ मंत्र:
- ॐ पितृभ्य: नम:
- ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः
- ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः पितृगणाय च नमः
- ॐ पितृगणाय विद्महे, जगत धारिणी धीमहि, तन्नो पितृ प्रचोदयात्
इन मंत्रों का जप करने से पितृ कृपा प्राप्त होती है और जीवन में समृद्धि एवं मानसिक संतोष आता है।
मौनी अमावस्या 2026 का महत्व
माघ शुक्ल पक्ष की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। यह दिन विशेष रूप से मौन व्रत, स्नान, दान, तर्पण और मंत्र जप के लिए पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किया गया कोई भी पुण्य कर्म कई गुना फलदायी होता है।
मौनी अमावस्या के दिन घर पर रहकर भी आप उपरोक्त मंत्रों का जप करके पवित्र नदियों में स्नान जितना पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। यह दिन आत्मा की शुद्धि, मानसिक शांति और पितृ कृपा का दिन है।