ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने ईरान की इस्लामिक क्रांति के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई के खिलाफ फैल रहे अपमानजनक बयानों और मीडिया अफवाहों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान किसी भी स्थिति में सहन नहीं किए जा सकते और बोर्ड हमेशा इस तरह के प्रोपेगैंडा का विरोध करेगा।
मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि कुछ इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया लगातार यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि आयतुल्लाह खामेनेई ईरान छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने इसे पूरी तरह भ्रामक और झूठा बताया। उनके अनुसार,
“जो लोग ‘या अली’ कहते हैं, वे कभी मैदान नहीं छोड़ते, बल्कि दूसरों को भी सही रास्ते पर टिकने के लिए प्रेरित करते हैं।”
उन्होंने अमेरिका और इज़राइल के एजेंडे पर काम करने वाले भ्रष्ट मीडिया और खासकर भारत के गोदी मीडिया के रवैये की भी कड़ी निंदा की। मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि आयतुल्लाह खामेनेई एक महान धार्मिक और राजनीतिक नेता हैं, और उनका अपमान करना अत्यंत निंदनीय है।
उन्होंने इतिहास का उदाहरण देते हुए बताया कि पहले मोहम्मद रज़ा शाह पहलवी के शासनकाल में भी दुनिया की ताकतें इमाम खुमैनी को ईरान लौटने से रोकना चाहती थीं। लेकिन इमाम खुमैनी ईरान लौट आए और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने उन्हें मेहराबाद एयरपोर्ट से आज़ादी स्क्वायर तक सम्मानपूर्वक पहुँचाया। मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि आज भी पूरी ईरान और शिया समुदाय उनके साथ खड़ा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि चाहे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हो, प्रिंट मीडिया हो या डॉक मीडिया, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ऐसे अपमानजनक और भ्रामक बयानों का विरोध करता है और भविष्य में भी इस तरह के किसी भी प्रयास को पूरी तरह खारिज करेगा।