लखनऊ में अशोक लेलैंड EV प्लांट का उद्घाटन, राजनाथ सिंह बोले— विकसित भारत का रास्ता विकसित उत्तर प्रदेश से होकर जाएगा

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लखनऊ के सरोजनी नगर में अशोक लेलैंड के इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लांट के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।

अशोक लेलैंड EV प्लांट: उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ के सरोजनी नगर में अशोक लेलैंड के इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) प्लांट का उद्घाटन किया। यह प्लांट हिंदुजा समूह की कंपनी अशोक लेलैंड द्वारा स्कूटर इंडिया की 70 एकड़ भूमि पर स्थापित किया गया है, जहां पहले चरण में प्रति वर्ष 2500 इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्माण किया जाएगा।

इस मौके पर केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी, हिंदुजा समूह के शीर्ष अधिकारी और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री ने परिसर में सिंदूर और रुद्राक्ष के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

योगी बोले— यूपी अब संभावनाओं को परिणाम में बदलने वाला राज्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब असीमित संभावनाओं वाला नहीं, बल्कि संभावनाओं को परिणाम में बदलने वाला राज्य बन चुका है।
उन्होंने कहा,

“2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान अराजकता और उपद्रव से जुड़ी थी। आज वही प्रदेश उत्सव, निवेश और विकास का केंद्र बन गया है।”

सीएम योगी ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार के कारण देश-विदेश के निवेशक यूपी की ओर आकर्षित हो रहे हैं। बीते साढ़े आठ वर्षों में राज्य को 45 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव जमीन पर उतर चुके हैं।

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5000 ईवी उत्पादन का अगला लक्ष्य, हजारों युवाओं को रोजगार

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्लांट में अगले चरण में प्रति वर्ष 5000 इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इससे प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने हिंदुजा समूह का आभार जताते हुए कहा कि यह निवेश मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती देगा।

राजनाथ सिंह का बड़ा बयान— विकसित भारत का रास्ता यूपी से

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा,

“विकसित भारत का रास्ता, विकसित उत्तर प्रदेश से होकर जाएगा।”

उन्होंने कहा कि अशोक लेलैंड का यह ईवी प्लांट उत्तर प्रदेश को स्वच्छ और हरित परिवहन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाएगा। राजनाथ सिंह ने योगी सरकार के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज यूपी आर्थिक विकास का पर्याय बन चुका है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि रक्षा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश अब गोला-बारूद, एयरक्राफ्ट और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मिलेगी नई उड़ान

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि यह प्लांट देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई दिशा देगा।
उन्होंने बताया कि पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत देशभर में 70 हजार से अधिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि 11,500 करोड़ रुपये की फेम-2 योजना ने ईवी को अपनाने की प्रक्रिया को तेज किया है।

हिंदुजा समूह देगा 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षण

हिंदुजा समूह के अध्यक्ष धीरज हिंदुजा ने कहा कि समूह उत्तर प्रदेश में और निवेश की संभावनाएं तलाश रहा है।
उन्होंने बताया कि समूह राज्य के 10 हजार युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देगा, जिसके लिए जल्द ही एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
फिलहाल इस प्लांट में 17–18 सीटर इलेक्ट्रिक बसों का निर्माण होगा, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये रखी गई है।

लखनऊ को मिलेगी नई औद्योगिक पहचान

अशोक लेलैंड की स्थापना वर्ष 1948 में हुई थी और आज कंपनी 15 से अधिक देशों में भारतीय विनिर्माण क्षमता का प्रतिनिधित्व कर रही है। कंपनी भविष्य में हाइड्रोजन आधारित वाहनों की तकनीक भी भारत लाने की तैयारी में है।

अशोक लेलैंड के इस ईवी प्लांट के साथ लखनऊ को न केवल हरित औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश का दावा भी मजबूत होगा कि देश का औद्योगिक और आर्थिक भविष्य अब तेजी से यूपी से होकर आगे बढ़ रहा है

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भर्ती परीक्षाओं में जाति-धर्म पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं: सीएम योगी का सख्त निर्देश, पेपर सेटर्स पर होगी कड़ी निगरानी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भर्ती बोर्डों को प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में जाति, धर्म या संप्रदाय पर अमर्यादित टिप्पणी न करने का निर्देश देते हुए।

भर्ती परीक्षाओं में विवादित सवालों पर सख्ती, सीएम योगी का स्पष्ट संदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों को लेकर समय-समय पर उठने वाले विवादों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्डों के चेयरपर्सन्स को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि किसी भी परीक्षा के प्रश्नपत्र में किसी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की आस्था और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली कोई भी अमर्यादित टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्देश केवल भर्ती बोर्डों तक सीमित न रहे, बल्कि इसे सभी पेपर सेटर्स तक सख्ती से पहुंचाया जाए और उसका पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति बार-बार इस तरह की गलती करता है तो उसे हैबिचुअल ऑफेंडर मानते हुए तुरंत प्रतिबंधित किया जाए।

पेपर सेटर्स के एमओयू में भी शामिल होगा नियम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती बोर्डों को यह भी निर्देश दिया कि प्रश्नपत्र तैयार करने से जुड़े विशेषज्ञों और संस्थानों के साथ होने वाले समझौतों यानी एमओयू में भी इस नियम को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

सरकार का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था लागू होने से भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी समुदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले सवालों की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी।

विवादित प्रश्नों से उपजा था आक्रोश

दरअसल हाल के समय में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में पूछे गए कुछ सवालों को लेकर सामाजिक और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

हाल ही में आयोजित यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द से जुड़े एक विकल्प को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस पर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से आपत्ति जताई गई थी। मामला तूल पकड़ने के बाद सरकार ने इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए भविष्य के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का फैसला किया।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश को लेकर भी निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बदलते मौसम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जारी वर्षा को लेकर भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने जिलों में फील्ड में जाकर फसलों को हुए संभावित नुकसान का तत्काल आकलन कराएं। मुख्यमंत्री ने राहत आयुक्त को भी निर्देश दिए कि वे स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर नुकसान की रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार कराएं।

किसानों को समय पर मिले मुआवजा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यदि बारिश या अन्य प्राकृतिक कारणों से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है तो उसका आकलन समय पर किया जाए और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को किसी भी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े और राहत राशि समय पर उनके खाते में पहुंच सके।

परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन निर्देशों को प्रशासनिक सख्ती और संवेदनशीलता दोनों के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और मर्यादा बनाए रखने पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक परिस्थितियों से प्रभावित किसानों के लिए त्वरित राहत सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

सरकार का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं में सवालों की भाषा और विषयवस्तु बेहद संवेदनशील होती है, इसलिए उन्हें तैयार करते समय सामाजिक सौहार्द और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से अब भर्ती बोर्डों को स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

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