लखनऊ के अछलीखेड़ा गांव में बढ़ते बंदर हमले से ग्रामीणों की सुरक्षा प्रभावित, प्रशासन और वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग

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Javed Haider Zaidi

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लखनऊ के अछलीखेड़ा गांव में बढ़ते बंदर हमले से ग्रामीणों की सुरक्षा प्रभावित, प्रशासन और वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग

अछलीखेड़ा, लखनऊ: लखनऊ के अछलीखेड़ा गांव में इन दिनों बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। गांव के लोग डर के साए में जी रहे हैं। खेतों में लगे अनाज, घरों के बाहर रखी सामग्री और बच्चों की सुरक्षा अब गंभीर चिंता का विषय बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में अचानक बड़े पैमाने पर बंदरों का झुंड गांव में आ गया, जिसने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित कर दी है।

बंदरों के बढ़ते हमले से घर-खेत असुरक्षित

ग्रामीणों के अनुसार, बंदर अब सिर्फ फसल ही नहीं बल्कि घर के आस-पास रखी चीज़ों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। अनाज, सब्ज़ियां, कपड़े और पानी के टैंक अब सुरक्षित नहीं हैं। कई लोग घर के बाहर सुरक्षा के लिए अस्थायी इंतजाम कर चुके हैं, लेकिन बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

स्थानीय किसान रामप्रकाश यादव का कहना है, “बंदर खेतों में हमारी फसलें बर्बाद कर रहे हैं और घर में भी घुस आते हैं। बच्चे और बुजुर्ग घर के बाहर निकलने से डर रहे हैं। हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी अब डर और असुरक्षा में गुज़र रही है।”

शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं

ग्रामीणों ने कई बार नगर निगम, वन विभाग और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोग प्रशासन की इस उदासीनता से निराश हैं। सुनील शर्मा बताते हैं, “हमारी आवाज़ सुनने वाला कोई नहीं है। हम चाहते हैं कि प्रशासन तुरंत हमारे गांव में सुरक्षा व्यवस्था करे।”

गांव की जीवनशैली प्रभावित

बंदरों के लगातार हमले के कारण बच्चों के खेल, स्कूल जाना और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कुछ ग्रामीणों ने घर के बाहर कांटे और अस्थायी बाड़ लगा कर अपने सामान को बचाने की कोशिश की है, लेकिन इससे भी समस्या कम नहीं हुई।

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स्थानीय महिला सावित्री देवी कहती हैं, “रात में भी बंदर घरों के आसपास दिखाई देते हैं। डर के कारण हम घर के बाहर कम ही निकल पाते हैं। बच्चों को स्कूल भेजना भी खतरे भरा हो गया है।”

ग्रामीणों की गुहार

ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि प्रशासन तुरंत बंदरों के नियंत्रण और सुरक्षा उपाय करे। उनका कहना है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उनका जीवन और भी कठिन हो जाएगा।

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मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमला, UN से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

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इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमले पर मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान, पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए वीडियो संदेश

मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित शिया मस्जिद खदीजतुल कुबरा में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। नमाज़ अदा कर रहे मासूम नमाज़ियों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कई लोगों की शहादत की खबर है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

इस दर्दनाक घटना पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास (Yasoob Abbas) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस हमले को इंसानियत और इस्लाम दोनों के खिलाफ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सख्त कदम उठाने की अपील की है।

“आतंकियों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं” — मौलाना यासूब अब्बास

मौलाना यासूब अब्बास ने अपने बयान में कहा कि जो लोग खुद को मुसलमान बताकर मस्जिदों में नमाज़ियों पर गोलियां बरसाते हैं, वे दरअसल इस्लाम के नाम पर छिपे हुए वहशी दरिंदे हैं। उनका कहना था कि इस्लाम किसी भी निर्दोष की हत्या की इजाज़त नहीं देता और ऐसे कृत्य करने वालों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में शिया समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वहां की सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं चुप्पी साधे हुए हैं। यह चुप्पी आतंकवाद को और बढ़ावा दे रही है।

संयुक्त राष्ट्र से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

AISPLB के महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से स्पष्ट शब्दों में मांग की कि पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती से लगातार आतंकवाद पनप रहा है और वहां अल्पसंख्यकों, खासकर शिया मुसलमानों की जान सुरक्षित नहीं है।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय मंच अब भी सख्त कार्रवाई नहीं करता, तो ऐसे हमले भविष्य में और भयावह रूप ले सकते हैं।

शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना

अपने बयान के अंत में मौलाना यासूब अब्बास ने हमले में शहीद हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह ईश्वर से दुआ करते हैं कि शहीदों के परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की ताकत मिले और घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ हो।

मानवता पर हमला, पूरी दुनिया के लिए चेतावनी

इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में हुआ यह आतंकी हमला सिर्फ एक समुदाय पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता और धार्मिक सह-अस्तित्व पर हमला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं बनाया गया, तो दक्षिण एशिया में सांप्रदायिक आतंकवाद और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है।

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