JEE Main और JEE Advanced में क्या फ़र्क है? IIT के लिए जानिए पूरी प्रक्रिया

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

Illustration of JEE Main and JEE Advanced exams concept with student, books, and IIT building, educational infographic for Indian engineering entrance exams

हर साल लाखों छात्र इंजीनियरिंग के सपने देखने के लिए JEE Main और JEE Advanced जैसी परीक्षाओं में बैठते हैं। नाम तो एक‑सा लगता है, लेकिन दोनों परीक्षाओं में उद्देश्य, कठिनाई, पैटर्न और प्रवेश के अवसर में बड़ा अंतर है।

आज हम आपको बताएंगे कि JEE Main और JEE Advanced में क्या अंतर है, कौन किसके लिए योग्य है, और कैसे तैयारी करनी चाहिए।

JEE Main: भारत की राष्ट्रीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा

JEE Main का आयोजन National Testing Agency (NTA) करती है। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए है जो NITs, IIITs और अन्य केंद्रीय/स्टेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश चाहते हैं।

मुख्य बिंदु — JEE Main:

  • आयोजन: NTA
  • उम्मीदवार संख्या: लगभग 12–13 लाख छात्र
  • भाषा: हिंदी, अंग्रेज़ी और कई क्षेत्रीय भाषाएँ
  • उद्देश्य: बी.टेक/बी.ई. पाठ्यक्रम में दाखिला और JEE Advanced के लिए क्वालिफाई करना
  • परीक्षा समय: साल में दो बार
  • कठिनाई स्तर: आसान से मध्यम, NCERT syllabus आधारित
  • Eligibility for Advanced: Top rankers JEE Advanced में बैठ सकते हैं

JEE Advanced: IIT के लिए अंतिम चाबी

JEE Advanced केवल उन छात्रों के लिए है जिन्होंने JEE Main में excellent प्रदर्शन किया हो। लगभग Top 2,50,000 छात्रों को JEE Advanced में बैठने का मौका मिलता है।

Also Read

मुख्य बिंदु — JEE Advanced:

  • आयोजन: हर साल एक IIT (rotational basis)
  • उम्मीदवार संख्या: Top qualifiers from JEE Main
  • उद्देश्य: IIT में प्रवेश
  • परीक्षा समय: साल में एक बार
  • कठिनाई स्तर: बहुत उच्च, deep concept + logic + problem-solving
  • पेपर संरचना: दो पेपर, total 6 घंटे

मुख्य अंतर — JEE Main vs JEE Advanced

फ़ीचरJEE MainJEE Advanced
उद्देश्यNITs, IIITs, GFTIsIITs
आयोजकNTAIIT Joint Admission Board
उम्मीदवार संख्यालाखोंTop 2,50,000
परीक्षा आवृत्ति2 बार/साल1 बार/साल
कठिनाई स्तरModerateHigh
पेपरएक Paperदो Papers
स्किल टेस्टConcept + SpeedDeep Analysis + Logic

तैयारी में फर्क

JEE Main:

  • NCERT concepts मजबूत करना
  • Speed और accuracy बढ़ाना
  • Previous year papers से trend समझना

JEE Advanced:

  • Deep concept clarity
  • Analytical और application-based practice
  • Advanced problem-solving techniques सीखना

Experts कहते हैं कि Advanced में Main syllabus का लगभग 80–90% overlap है, लेकिन questions अधिक complex और analytical होते हैं।

कौन किस परीक्षा के लिए योग्य है?

  • NIT / IIIT / GFTI → JEE Main
  • IIT → JEE Main क्वालिफाई करके Top rankers JEE Advanced

निष्कर्ष

भारत में इंजीनियरिंग की तैयारी सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि strategy + consistent practice + time management मांगती है। दोनों परीक्षाओं को सही समझना ही सफलता की कुंजी है।

JEE Main और JEE Advanced में सही तैयारी और समझ से ही IIT या Top Engineering College का सपना पूरा हो सकता है।

Next Post

RPSC का सख्त फैसला: दो बार परीक्षा में गैरहाजिर हुए तो OTR होगा ब्लॉक, दोबारा चालू कराने पर देना होगा जुर्माना

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

RPSC ने भर्ती परीक्षाओं में बिना शामिल हुए गैरहाजिर रहने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए, दो बार अनुपस्थित रहने पर OTR ब्लॉक करने और जुर्माना लगाने का फैसला

Ajmer News: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अब बिना तैयारी या केवल “ट्रायल” के लिए आवेदन कर परीक्षा में शामिल न होने वाले अभ्यर्थियों पर सीधी कार्रवाई होगी। नए नियमों के तहत अगर कोई अभ्यर्थी लगातार परीक्षाओं में गैरहाजिर रहता है, तो उसका वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) ब्लॉक कर दिया जाएगा।

एक वित्तीय वर्ष में दो बार अनुपस्थित हुए तो OTR ब्लॉक

कार्मिक विभाग द्वारा लागू किए गए नए नियमों के अनुसार, यदि कोई अभ्यर्थी एक ही वित्तीय वर्ष में आयोजित दो भर्ती परीक्षाओं में अनुपस्थित रहता है, तो उसकी OTR सुविधा स्वतः ब्लॉक हो जाएगी। इस स्थिति में OTR को दोबारा सक्रिय कराने के लिए 750 रुपये का शुल्क देना होगा।

यदि उसी वित्तीय वर्ष में अभ्यर्थी फिर से दो और परीक्षाओं में अनुपस्थित रहता है, तो OTR बहाली के लिए 1500 रुपये का जुर्माना देना अनिवार्य होगा। आयोग का कहना है कि यह कदम गंभीर और योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देने तथा भर्ती प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए उठाया गया है।

इन भर्तियों पर लागू होंगे नए नियम

RPSC ने यह चेतावनी पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती (1100 पद) और सहायक कृषि अभियंता भर्ती-2025 के संदर्भ में जारी की है। इन दोनों भर्तियों की परीक्षा 19 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित है। आयोग के अनुसार, बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के बिना परीक्षा दिए अनुपस्थित रहने से न सिर्फ परीक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है, बल्कि संसाधनों की भी अनावश्यक बर्बादी होती है।

आवेदन सुधार और वापसी का अंतिम मौका

RPSC ने अभ्यर्थियों को राहत देते हुए आवेदन में सुधार और उसे वापस लेने का भी अवसर दिया है। आयोग के अनुसार, 11 फरवरी से 17 फरवरी 2026 तक अभ्यर्थी अपने आवेदन में नाम, फोटो, पिता का नाम और जेंडर को छोड़कर अन्य विवरणों में सुधार कर सकते हैं।

जो अभ्यर्थी पात्र नहीं हैं या किसी कारणवश परीक्षा में शामिल नहीं होना चाहते, वे इसी अवधि में अपना आवेदन वापस ले सकते हैं। आयोग ने चेतावनी दी है कि गलत जानकारी देने, अपात्र होने के बावजूद आवेदन वापस न लेने या बार-बार नियमों की अनदेखी करने वाले अभ्यर्थियों को भविष्य की भर्तियों से डिबार (Debar) भी किया जा सकता है।

अभ्यर्थियों के लिए साफ संदेश

RPSC ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सोच-समझकर ही आवेदन करें और केवल उन्हीं परीक्षाओं के लिए फॉर्म भरें, जिनमें वे वास्तव में शामिल होना चाहते हैं। यह फैसला न सिर्फ भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा, बल्कि गंभीर अभ्यर्थियों के हितों की भी रक्षा करेगा।

Next Post

Loading more posts...