Gazetted Holiday List 2026: साल 2026 की पूरी राजपत्रित छुट्टियों की लिस्ट जारी, देखें अनिवार्य अवकाश कैलेंडर

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

Gazetted Holiday List 2026 in Hindi – साल 2026 की पूरी राजपत्रित छुट्टियों की सूची और अवकाश कैलेंडर

Gazetted Holiday List 2026 को लेकर बड़ी अपडेट सामने आ चुकी है। साल 2026 में केंद्र सरकार द्वारा घोषित राजपत्रित छुट्टियों की आधिकारिक सूची जारी कर दी गई है। इस लिस्ट में राष्ट्रीय पर्वों के साथ-साथ प्रमुख धार्मिक और सामाजिक त्योहारों को शामिल किया गया है, जिन पर सरकारी कार्यालयों में अनिवार्य अवकाश रहेगा।

सरकारी कर्मचारी, बैंकिंग सेक्टर, स्कूल-कॉलेज, कॉर्पोरेट ऑफिस और आम लोग सभी के लिए यह छुट्टियों की सूची बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी आधार पर सालभर की छुट्टी, यात्रा और पारिवारिक कार्यक्रमों की योजना बनाई जाती है।

Gazetted Holiday क्या होती है?

राजपत्रित (Gazetted) छुट्टियां वे अवकाश होते हैं, जिन्हें भारत सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से घोषित किया जाता है। इन छुट्टियों के दौरान केंद्र सरकार के सभी कार्यालय बंद रहते हैं और अधिकतर बैंक, सरकारी संस्थान व शिक्षण संस्थान भी बंद रहते हैं।

Gazetted Holiday List 2026: पूरी छुट्टियों की टेबल

2026 में लॉन्ग वीकेंड का शानदार मौका

साल 2026 में कई ऐसी राजपत्रित छुट्टियां हैं, जो सप्ताहांत के साथ मिलकर लॉन्ग वीकेंड का अवसर देंगी। गणतंत्र दिवस, गुड फ्राइडे, गांधी जयंती और क्रिसमस जैसी छुट्टियां कर्मचारियों और यात्रियों के लिए खास रहेंगी।

बैंक, स्कूल और ऑफिस पर असर

राजपत्रित छुट्टियों के दौरान सभी केंद्र सरकार के कार्यालय बंद रहेंगे। अधिकतर सरकारी बैंक, सार्वजनिक उपक्रम और शैक्षणिक संस्थान भी इन दिनों बंद रहते हैं। प्राइवेट सेक्टर में छुट्टियां कंपनी की नीति के अनुसार लागू होती हैं।

Also Read

क्यों जरूरी है Gazetted Holiday List 2026?

  • ऑफिस और स्कूल की सालभर की योजना बनाने में मदद
  • यात्रा और टिकट बुकिंग की सही प्लानिंग
  • छात्रों के लिए परीक्षा और पढ़ाई की बेहतर रणनीति
  • सरकारी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य अवकाश की जानकारी

निष्कर्ष

Gazetted Holiday List 2026 हर वर्ग के लोगों के लिए बेहद उपयोगी है। अगर आप समय रहते अपनी छुट्टियों की प्लानिंग करना चाहते हैं, तो यह कैलेंडर आपके लिए एक जरूरी दस्तावेज साबित होगा।

Next Post

राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई पर सस्पेंस: बेल हियरिंग आज, चेक बाउंस केस में ₹9 करोड़ बकाया पर टिकी निगाहें

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव, चेक बाउंस केस में जमानत सुनवाई से पहले रिहाई को लेकर सस्पेंस।

राजपाल यादव: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की रिहाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। उनके मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई है कि अदालत से राहत मिल सकती है और वह जल्द बाहर आ सकते हैं।

राजपाल यादव का नाम लंबे समय से इस वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं। यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म की असफलता के बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का साथ, परिवार की उम्मीद

राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने हालिया बातचीत में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन, रतन जैन और वरुण धवन जैसे लोग समर्थन जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता किस स्तर पर दी जा रही है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सभी ने सकारात्मक प्रतिबद्धता जताई है।

गोल्डी के मुताबिक, ऐसे वित्तीय लेन-देन में समय लगता है और परिवार मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए हुए है। फरवरी के अंत में परिवार में कुछ निजी कार्यक्रम भी निर्धारित हैं और सभी की इच्छा है कि राजपाल यादव तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि बेल हियरिंग तय है और अदालत के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा कानूनी मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद वह समय पर भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। आरोप था कि उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए थे। अदालत ने उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

बढ़ती बकाया राशि और अदालत का रुख

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस प्रयास दिखाने का निर्देश दिया था। समय के साथ ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने लगभग 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत ने माना कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है। फरवरी 2025 में अदालत ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। अतिरिक्त समय मांगने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

रिहाई कब तक?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजपाल यादव को अदालत से जमानत कब तक मिल सकती है। उनके मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई के बाद सकारात्मक फैसला आ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन और परिवार की उम्मीदें इस कानूनी संघर्ष के बीच एक मानवीय पक्ष को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला ही तय करेगा कि राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई कब संभव हो पाएगी।

Next Post

Loading more posts...