दिल्ली: निजामुद्दीन दरगाह के सज्जादनशीं सैयद मोहम्मद निजामी का गीजर ब्लास्ट में निधन, परिवार और श्रद्धालुओं में गहरा शोक

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Javed Haider Zaidi

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“दिल्ली निजामुद्दीन दरगाह में गीजर ब्लास्ट के बाद सज्जादनशीं सैयद मोहम्मद निजामी का निधन, पुलिस जांच करती हुई”

दिल्ली: राजधानी की प्रसिद्ध दरगाह हजरत निजामुद्दीन में एक दुखद हादसा हुआ है। दरगाह के सज्जादनशीं सैयद मोहम्मद निजामी का बाथरूम में अचानक गीजर ब्लास्ट होने से निधन हो गया। यह घटना 7 फरवरी की शाम के समय हुई और इसके बाद परिवार और दरगाह से जुड़े लोग सदमे में हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सज्जादनशीं सैयद मोहम्मद निजामी, ख्वाजा हसन सानी निजामी के भतीजे थे। हादसे के समय बाथरूम में अचानक आग और विस्फोट हुआ, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दरगाह प्रशासन और स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।

पुलिस और फायर ब्रिगेड ने घटनास्थल पर किया निरीक्षण

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा गीजर की तकनीकी खराबी के कारण हुआ प्रतीत होता है, लेकिन पुलिस इसकी पूरी गहन जांच कर रही है।
दरगाह के लोग और श्रद्धालु सज्जादनशीं सैयद मोहम्मद निजामी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके लिए श्रद्धांजलि और संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

दरगाह प्रशासन ने किया शोक जताया और सहायता का वादा

दरगाह प्रशासन ने बताया कि मृतक के परिवार के साथ पूरी मदद की जाएगी और घटना के कारणों की गहन जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। प्रशासन ने कहा कि यह एक अत्यंत दुखद हादसा है और सभी लोगों से अपील की है कि वे परिवार और दरगाह प्रशासन के साथ संवेदनाओं में खड़े रहें।

सज्जादनशीं सैयद मोहम्मद निजामी की अचानक मृत्यु ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे दरगाह समुदाय और भक्तों को गहरे दुख में डाल दिया है। श्रद्धालु उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं और दरगाह में शोक की लहर व्याप्त है।

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घटना से उठ रहे सवाल और आगे की कार्रवाई

विशेषज्ञों और तकनीकी टीमों की नजर अब इस ओर है कि गीजर ब्लास्ट की वास्तविक वजह क्या रही। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि घटना की पूरी जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।

दिल्ली की यह दरगाह न केवल धार्मिक बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में सज्जादनशीं का निधन श्रद्धालुओं और धार्मिक समुदाय के लिए एक गहरी क्षति माना जा रहा है।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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