दिल्ली बुक फेयर 2026: किताबों का सबसे बड़ा मेला आज से शुरू, 35 देशों के 1000+ प्रकाशक और 600 कार्यक्रम

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Javed Haider Zaidi

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दिल्ली बुक फेयर 2026 में किताबों के स्टॉल, लेखक वार्ता और दर्शक कार्यक्रम का दृश्य

दिल्ली बुक फेयर 2026: साहित्य और ज्ञान के प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। दुनिया के सबसे बड़े बुक फेयर में से एक, दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर 2026, आज से शुरू हो रहा है। यह आयोजन 18 जनवरी तक चलेगा और इसमें अनुमानित 20 लाख लोग हिस्सा लेंगे। यह बुक फेयर न केवल किताबों का मेला है, बल्कि यह लेखकों, साहित्यिक चर्चाओं और ज्ञानवर्धक अनुभवों का भी प्रमुख केंद्र बनता है।

दिल्ली बुक फेयर में देश-दुनिया के कई प्रसिद्ध लेखक अपने विचार साझा करेंगे और पाठकों को सीधे उनसे मिलने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, किताबों के स्टॉल, लेखक सत्र और थीम आधारित प्रदर्शन इसे हर उम्र के पाठक के लिए आकर्षक बनाते हैं।

दिल्ली बुक फेयर तक पहुंचने का आसान तरीका

दिल्ली में ट्रैफिक की समस्या अक्सर चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन मेट्रो से यहां पहुंचना सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है।

  • मेट्रो मार्ग: ब्लू लाइन पर पड़ने वाले सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर उतरें।
  • स्टेशन से आयोजन स्थल तक पैदल पहुंचा जा सकता है।
  • यदि आप अपने वाहन से आ रहे हैं, तो मेट्रो या कैब विकल्प ज्यादा सुविधाजनक होंगे, क्योंकि आसपास पार्किंग सीमित है।

35 देश, 1000+ प्रकाशक और 3000 स्टॉल

इस वर्ष बुक फेयर में 35 से अधिक देशों के 1000+ प्रकाशक भाग ले रहे हैं।

  • करीब 3000 स्टॉल्स पर किताबों के अलावा किताबों से जुड़ी अन्य एक्सेसरीज भी उपलब्ध होंगी।
  • हर स्टॉल पर नए और पुराने दोनों तरह की किताबें देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा।

इस वर्ष का आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किताबों के प्रेमियों को एक साथ लाने वाला है। पाठक दुनिया के विभिन्न साहित्यिक प्रवृत्तियों और प्रकाशनों को करीब से देख पाएंगे।

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600 से अधिक आयोजन और 1000+ वक्ता

लेखकों और साहित्य प्रेमियों के लिए यह मेले का सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा।

  • इस बार 600 से अधिक कार्यक्रम और सत्र आयोजित किए जाएंगे।
  • लगभग 1000+ लेखक और वक्ता अपने विचार और अनुभव साझा करेंगे।
  • यह अवसर सीधे लेखक से मिलने और उनके दृष्टिकोण जानने का भी है।

बुक फेयर में विभिन्न कार्यशालाएं, डिबेट, बच्चों के लिए कहानी सत्र और लेखक-पाठक संवाद भी आयोजित होंगे। यह सभी उम्र के पाठकों के लिए सृजनात्मक और ज्ञानवर्धक अनुभव साबित होंगे।

निशुल्क प्रवेश: पहली बार बुक फेयर में

दिल्ली बुक फेयर 2026 में प्रवेश पूरी तरह से निशुल्क रहेगा।

  • कोई टिकट या पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।
  • पाठक और परिवार बिना किसी बाधा के बुक फेयर का आनंद ले सकते हैं।
    यह पहल आयोजन को अधिक सुलभ और सभी के लिए खुला बनाती है।

इस बार की थीम: भारतीय सैन्य इतिहास

इस साल बुक फेयर की थीम है: ‘भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा 75’

मुख्य आकर्षण:

  • अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और एलसीएम तेजस की प्रतिकृतियां
  • देश के 21 परमवीर चक्र विजेताओं को श्रद्धांजलि
  • 1947 से ऑपरेशन सिंधूर तक के प्रमुख युद्ध और सैन्य अभियान पर सत्र

इस थीम के माध्यम से युवा और पाठक भारतीय सैन्य गौरव और इतिहास को करीब से जान पाएंगे। यह पहल विशेष रूप से इतिहास और देशभक्ति के प्रति रुचि रखने वालों के लिए महत्वपूर्ण है।

बच्चों और युवा पाठकों के लिए विशेष आकर्षण

दिल्ली बुक फेयर में बच्चों और युवा पाठकों के लिए विशेष सत्र और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

  • कहानी सत्र, ड्राइंग वर्कशॉप और लेखक-वार्ता बच्चों में पढ़ने की आदत और रचनात्मकता बढ़ाने में मदद करेगी।
  • युवा पाठक अपने पसंदीदा लेखकों और कवियों से सीधे मिल सकते हैं और उनके अनुभवों से सीख सकते हैं।

डिजिटल और अंतरराष्ट्रीय पहल

इस वर्ष बुक फेयर में डिजिटल और अंतरराष्ट्रीय पहल भी की गई हैं।

  • कई प्रकाशक ई-बुक्स और डिजिटल सामग्री का प्रदर्शन करेंगे।
  • विदेशों के प्रसिद्ध लेखक और वक्ता ऑनलाइन सेशन के माध्यम से पाठकों से संवाद करेंगे।
  • यह पहल बुक फेयर को वैश्विक और डिजिटल स्तर पर भी पहुँचाने का प्रयास है।
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राजपाल यादव जेल में, नवाजुद्दीन सिद्दीकी पर उठे सवाल — पुराने वीडियो ने बढ़ाई बहस

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राजपाल यादव के जेल जाने के बाद नवाजुद्दीन सिद्दीकी का पुराना वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर उठे मदद को लेकर सवाल

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों एक चेक बाउंस मामले को लेकर चर्चा में हैं। कानूनी कार्रवाई के बाद उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल जाना पड़ा। जैसे ही यह खबर सामने आई, फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच हलचल तेज हो गई। जहां कुछ कलाकार उनके समर्थन में सामने आए, वहीं सोशल मीडिया पर एक अलग ही बहस शुरू हो गई है, जिसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी का नाम भी जुड़ गया है।

राजपाल यादव पिछले 25 साल से अधिक समय से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। उन्होंने कई यादगार कॉमिक किरदार निभाए हैं और अपनी अलग पहचान बनाई है। लेकिन इन दिनों वह आर्थिक और कानूनी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक पुराने वित्तीय विवाद और चेक बाउंस मामले में अदालत की कार्रवाई के बाद उन्हें जेल जाना पड़ा।

इस बीच सोशल मीडिया पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो एक कॉमेडी शो का है, जिसमें नवाजुद्दीन अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि जब वह मुंबई में काम की तलाश कर रहे थे, तब कई बार राजपाल यादव ने उनका साथ दिया। उन्होंने कहा था कि उस दौर में कई संघर्ष कर रहे कलाकार राजपाल यादव के घर पर इकट्ठा होते थे, वहीं खाना बनता था और सब मिलकर रहते थे।

अब जब राजपाल यादव (Rajpal Yadav) मुश्किल समय से गुजर रहे हैं, तो सोशल मीडिया पर कुछ लोग नवाजुद्दीन से सवाल कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि जब संघर्ष के दिनों में राजपाल ने साथ दिया था, तो आज उनके कठिन समय में नवाजुद्दीन को भी मदद के लिए आगे आना चाहिए। कई पोस्ट में यह भी लिखा गया कि दोस्ती और एहसान को याद रखने का यही समय है।

हालांकि, इस मामले में नवाजुद्दीन सिद्दीकी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं यह भी सच है कि किसी की निजी मदद या आर्थिक सहयोग सार्वजनिक रूप से सामने आए, यह जरूरी नहीं होता। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा एक भावनात्मक प्रतिक्रिया है, लेकिन वास्तविक स्थिति क्या है, यह दोनों पक्ष ही बेहतर जानते हैं।

दूसरी ओर, अभिनेता सोनू सूद और गुरमीत चौधरी जैसे कुछ कलाकारों ने राजपाल यादव के समर्थन में खुलकर बात की है। उन्होंने कहा है कि इंडस्ट्री को अपने साथियों के मुश्किल समय में साथ खड़ा होना चाहिए।

यह पूरा घटनाक्रम सिर्फ एक कानूनी मामला नहीं रह गया है, बल्कि दोस्ती, संघर्ष और इंसानियत जैसे मुद्दों को भी सामने ला रहा है। राजपाल यादव का संघर्ष लोगों को भावुक कर रहा है, क्योंकि उन्होंने सालों तक दर्शकों को हंसाया है। अब उनके प्रशंसक चाहते हैं कि उनके चेहरे की मुस्कान वापस लौटे।

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