लखनऊ में चाइनीज मांझे ने एक बार फिर अपनी जानलेवा हकीकत दिखा दी। राजधानी के हैदरगंज इलाके में 32 वर्षीय मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव शोएब की दर्दनाक मौत ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि प्रशासन और समाज दोनों के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए चाइनीज मांझे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
बाइक से जा रहे थे शोएब, अचानक बन गया काल
बुधवार दोपहर शोएब एवररेडी चौराहे से फ्लाइओवर होते हुए चौक की ओर जा रहे थे। वह अपनी बाइक पर सवार थे, तभी अचानक हवा में लटक रहा चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। धारदार मांझे से उनकी गर्दन बुरी तरह कट गई और वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े। राहगीरों की मदद से उन्हें तुरंत ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शोएब पुराने लखनऊ के दुबग्गा इलाके में अपनी मां, पत्नी और दो मासूम बेटियों के साथ रहते थे। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटियां इतनी छोटी हैं कि उन्हें अभी यह भी समझ नहीं है कि उनके पिता अब कभी लौटकर नहीं आएंगे।
गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस ने इस मामले में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चाइनीज मांझा बेचने, खरीदने और इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैन के बावजूद खुलेआम बिक रहा चाइनीज मांझा
गौरतलब है कि चाइनीज मांझे पर पहले से ही कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) का प्रतिबंध है। इसके बावजूद बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इसकी बिक्री जारी है। पतंगबाज इसे इसलिए इस्तेमाल करते हैं क्योंकि यह सामान्य देशी मांझे की तुलना में ज्यादा मजबूत और सस्ता होता है, जिससे सामने वाले की पतंग आसानी से कट जाती है।
कानून के तहत चाइनीज मांझा बेचने या इस्तेमाल करने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 15 के तहत पांच साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 188 के तहत छह महीने की सजा और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
CM योगी के आदेश के बाद तेज हुआ अभियान
शोएब की मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस और प्रशासन को तत्काल अभियान चलाने का आदेश दिया। इसके तहत लखनऊ में कई पतंग की दुकानों पर छापेमारी की गई, जहां से बड़ी मात्रा में चाइनीज मांझा बरामद किया गया। कुछ दुकानदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इंसान ही नहीं, पशु-पक्षियों के लिए भी खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक चाइनीज मांझा नायलॉन, मेटैलिक पाउडर, कांच के कण और अन्य खतरनाक तत्वों से बनाया जाता है। यह न केवल इंसानों के लिए बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी जानलेवा साबित होता है। हर साल कई पक्षी और राहगीर इसकी चपेट में आकर घायल या मृत हो जाते हैं।
शोएब की मौत एक चेतावनी है कि प्रतिबंध सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। सख्त निगरानी और सामाजिक जागरूकता ही ऐसे हादसों को रोक सकती है। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद चाइनीज मांझे के खिलाफ चलाया गया अभियान कितनी मजबूती से जमीन पर उतरता है और क्या भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द झेलना पड़ेगा या नहीं।