चेन्नई एयरपोर्ट पर घने कोहरे का असर: कई घंटों तक उड़ानें रहीं बाधित, रूट बदले गए, यात्रियों को झेलनी पड़ी भारी परेशानी

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चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर घने कोहरे के कारण रनवे पर खड़े विमान, कम दृश्यता की वजह से उड़ानें बाधित और रूट बदले जाने का दृश्य

रविवार सुबह चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मौसम ने अचानक करवट ली और घने कोहरे के कारण उड़ान संचालन बुरी तरह प्रभावित हो गया। कम दृश्यता के चलते कई घंटों तक विमानों की आवाजाही बाधित रही, जिससे सैकड़ों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे रहे कि कुछ अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों का रूट बदलना पड़ा, जबकि कई फ्लाइटें देरी से संचालित हुईं।

सुबह-सुबह बिगड़े हालात, उड़ानों पर पड़ा सीधा असर

अधिकारियों के अनुसार, रविवार तड़के चेन्नई के मीनांबक्कम इलाके में स्थित हवाई अड्डे पर मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। सुबह करीब साढ़े पांच बजे दृश्यता लगभग 1500 मीटर दर्ज की गई थी, लेकिन कुछ ही देर में हालात तेजी से बिगड़ते चले गए। सुबह साढ़े छह बजे तक दृश्यता घटकर करीब 350 मीटर रह गई और साढ़े सात बजे के आसपास यह और गिरकर महज 150 मीटर तक पहुंच गई।

इतनी कम दृश्यता में विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ संभव नहीं हो पाया, जिसके चलते एयर ट्रैफिक कंट्रोल को कई उड़ानों के संचालन पर रोक लगानी पड़ी।

बदले गए रूट, नजदीकी एयरपोर्ट्स की ओर मोड़ी गई फ्लाइटें

कोहरे के कारण चेन्नई आने वाली कम से कम तीन उड़ानों का मार्ग बदल दिया गया। कुआलालंपुर और हैदराबाद से आ रही दो उड़ानों को तिरुचिरापल्ली हवाई अड्डे की ओर डायवर्ट किया गया, जबकि एक निजी एयरलाइन की फ्लाइट को बेंगलुरु वापस लौटना पड़ा। इसके अलावा कुछ अन्य उड़ानों में भी मामूली देरी दर्ज की गई।

यात्रियों में दिखी नाराजगी

अचानक रूट बदले जाने और उड़ानों में देरी के चलते यात्रियों को काफी असुविधा हुई। कई यात्रियों ने हवाई अड्डे पर घंटों इंतजार किया, जबकि कुछ को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने पड़े। खासतौर पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स छूटने की चिंता सताती रही।

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बाद में सुधरे हालात

हवाई अड्डा अधिकारियों का कहना है कि सुबह के समय कोहरा घना था, लेकिन दिन चढ़ने के साथ दृश्यता में धीरे-धीरे सुधार आने की उम्मीद जताई गई। मौसम साफ होने के बाद उड़ान संचालन को सामान्य करने के प्रयास किए गए।

मौसम बना वजह, अलर्ट पर रहा प्रशासन

विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों के मौसम में तटीय इलाकों में अचानक कोहरा छा जाना असामान्य नहीं है। हालांकि, इतनी कम दृश्यता विमान संचालन के लिए गंभीर चुनौती बन जाती है। यही वजह है कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उड़ानों को डायवर्ट करने का फैसला लिया गया।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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