Chamoli train accident: चमोली (उत्तराखंड): उत्तराखंड के चमोली जिले में मंगलवार को एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया। जिले में चल रही विष्णुगढ़–पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग के अंदर दो लोको ट्रेनें आपस में टकरा गईं। इस दुर्घटना में 60 से अधिक लोग घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
हादसा उस समय हुआ जब सुरंग के भीतर एक लोको ट्रेन कर्मचारियों और अधिकारियों को लेकर आगे बढ़ रही थी, जबकि दूसरी लोको ट्रेन निर्माण सामग्री और उपकरण लेकर आ रही थी। सीमित दृश्यता और संकरे रास्ते के कारण दोनों ट्रेनें आपस में टकरा गईं, जिससे डिब्बों में सवार कई लोग घायल हो गए।
हादसे के बाद मची अफरा-तफरी
टक्कर के तुरंत बाद सुरंग के अंदर अफरा-तफरी मच गई। कई मजदूर और कर्मचारी घबराहट में इधर-उधर भागने लगे। सुरंग के अंदर अंधेरा और धूल फैलने से स्थिति और कठिन हो गई। हालांकि परियोजना प्रबंधन ने तुरंत आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू किया और प्रशासन को सूचना दी गई।
तेजी से चला राहत और बचाव कार्य
हादसे की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और मेडिकल टीमें मौके पर पहुंच गईं। सुरंग के अंदर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों और गोपेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश घायलों को हल्की से मध्यम चोटें आई हैं। कुछ लोगों को हाथ-पैर में फ्रैक्चर और सिर में चोट की शिकायत है, लेकिन किसी की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने सभी घायलों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की है।
प्रशासन का बयान
चमोली जिला प्रशासन ने बताया कि हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खामी या आपसी समन्वय की कमी को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही होगा।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना स्थल पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परियोजना प्रबंधन की प्रतिक्रिया
विष्णुगढ़–पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि सुरंग के भीतर यातायात व्यवस्था और सिग्नल सिस्टम की दोबारा जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
परियोजना प्रबंधन ने घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने और उनके परिवारों को हर संभव सहायता देने की बात कही है।
स्थानीय लोगों में चिंता
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और मजदूरों के बीच चिंता का माहौल है। पहले भी इस क्षेत्र में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह की परियोजनाओं में अतिरिक्त सावधानी और सख्त निगरानी की जरूरत होती है।