ट्रेन के जरिए नशे की बड़ी सप्लाई नाकाम, बेंगलुरु में 26 किलो गांजा बरामद; ओडिशा के दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

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Javed Haider Zaidi

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येलहंका रेलवे स्टेशन पर कर्नाटक रेलवे पुलिस द्वारा ट्रेन से बरामद 26.12 किलोग्राम गांजा, ओडिशा के दो तस्कर हिरासत में, जब्त मादक पदार्थ और पुलिस कार्रवाई का दृश्य

बेंगलुरु। नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कर्नाटक रेलवे पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने ट्रेन के माध्यम से गांजा की भारी खेप बेंगलुरु लाने की साजिश को नाकाम करते हुए ओडिशा के दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से कुल 26.12 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 13.36 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई शनिवार 17 जनवरी को बेंगलुरु के येलहंका रेलवे स्टेशन पर की गई।

खुफिया सूचना से खुला तस्करी का राज
कर्नाटक रेलवे पुलिस के स्पेशल स्क्वाड को गांजा तस्करी से जुड़ी एक पुख्ता खुफिया सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि ओडिशा से एक यात्री ट्रेन के जरिए गांजा की बड़ी खेप बेंगलुरु लाई जा रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने पूरी रणनीति के साथ येलहंका रेलवे स्टेशन पर निगरानी शुरू की। जैसे ही ट्रेन नंबर 18463 प्रशांति एक्सप्रेस स्टेशन पर पहुंची, पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दो यात्रियों को चिन्हित कर उन्हें रोका।

सामान की तलाशी में मिली भारी मात्रा में गांजा
पुलिस द्वारा यात्रियों के सामान की गहन जांच की गई। तलाशी के दौरान बैग के अंदर छिपाकर रखा गया 26.12 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके साथ ही आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि मोबाइल फोन में तस्करी नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं, जिनके आधार पर पूरे गिरोह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

ओडिशा के कंधमाल जिले के निवासी हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिचित्रानंद पट्टा (33) और चैतन्य झंकार (25) के रूप में हुई है। दोनों ओडिशा के कंधमाल जिले के रहने वाले हैं और पेशे से लकड़हारा बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से गांजा तस्करी में शामिल हो सकते हैं, हालांकि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि वे किसी बड़े ड्रग माफिया नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे या नहीं।

13.36 लाख रुपये आंकी गई जब्त गांजे की कीमत
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 13,36,000 रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होना यह संकेत देता है कि इसकी सप्लाई किसी बड़े बाजार में की जानी थी। बेंगलुरु जैसे महानगर में इसकी डिलीवरी से पहले ही खेप पकड़े जाने को पुलिस एक बड़ी सफलता मान रही है।

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NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज, हिरासत में आरोपी
बेंगलुरु ग्रामीण रेलवे पुलिस ने इस मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसेस (NDPS) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा किस इलाके से लाया गया था, इसका मुख्य सप्लायर कौन है और बेंगलुरु में इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

ड्रग तस्करी नेटवर्क पर सख्त नजर
रेलवे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। जब्त मोबाइल फोन और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की जांच तेज कर दी गई है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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