Bank Strike Today: आज बैंक हड़ताल से शाखाएं बंद, लेकिन घबराएं नहीं—UPI, ATM और नेट बैंकिंग से ऐसे निपटाएं जरूरी काम

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Javed Haider Zaidi

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बैंक हड़ताल के दौरान बंद बैंक शाखा का बाहर लगा ताला, एटीएम मशीन और मोबाइल फोन पर चलती डिजिटल बैंकिंग ऐप का प्रतीकात्मक दृश्य।

देशभर में आज ट्रेड यूनियनों और बैंक कर्मचारी संगठनों की ओर से बुलाई गई हड़ताल का असर कई सरकारी बैंकों की शाखाओं पर दिख सकता है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) समेत कई बैंकों की ब्रांचों में स्टाफ की कमी या कामकाज ठप रहने की आशंका है। ऐसे में आम ग्राहकों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जरूरी बैंकिंग काम कैसे होंगे।

हालांकि, डिजिटल दौर में “बैंक बंद” का मतलब “बैंकिंग बंद” नहीं है। अगर आपको आज पैसे ट्रांसफर करने हैं, बिल भरना है या कैश निकालना है, तो कई ऐसे विकल्प मौजूद हैं जिनसे आपका काम बिना रुके हो सकता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि हड़ताल के दिन कौन-कौन सी सेवाएं चालू रहेंगी और किन कामों के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।

डिजिटल सेवाएं रहेंगी चालू, ऐसे निपटाएं काम

1. UPI और डिजिटल वॉलेट: सबसे आसान विकल्प

Google Pay, PhonePe, Paytm और अन्य UPI आधारित ऐप्स सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। बैंक हड़ताल का सीधा असर डिजिटल पेमेंट सर्वर पर नहीं पड़ता। आप आसानी से किसी को पैसे भेज सकते हैं, दुकानों पर भुगतान कर सकते हैं या QR कोड स्कैन कर ट्रांजेक्शन पूरा कर सकते हैं।

छोटे से बड़े भुगतान तक, UPI आज के दिन सबसे भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकता है।

2. ATM से निकालें कैश

अगर आपको नकद की जरूरत है तो नजदीकी एटीएम का उपयोग करें। अधिकतर बैंकों में एटीएम में कैश भरने का काम आउटसोर्स एजेंसियां करती हैं। इसलिए हड़ताल के बावजूद एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की संभावना है।

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हालांकि, एहतियात के तौर पर एक से अधिक एटीएम विकल्प ध्यान में रखें।

3. मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग 24×7 उपलब्ध

NEFT, RTGS और IMPS जैसी फंड ट्रांसफर सेवाएं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जारी रहेंगी। आप अपने बैंक की मोबाइल ऐप या आधिकारिक वेबसाइट से बड़े ट्रांजेक्शन कर सकते हैं।

इसके अलावा आप घर बैठे ही:

  • एफडी (FD) खुलवा सकते हैं
  • चेकबुक के लिए आवेदन कर सकते हैं
  • अकाउंट स्टेटमेंट डाउनलोड कर सकते हैं

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ये सेवाएं पूरी तरह सक्रिय हैं।

4. बिल पेमेंट और रिचार्ज में कोई रुकावट नहीं

बिजली, पानी, गैस, मोबाइल या डीटीएच रिचार्ज जैसे कामों के लिए बैंक जाने की आवश्यकता नहीं है। ये सेवाएं ऑटोमेटेड सिस्टम से संचालित होती हैं और पेमेंट ऐप्स या नेट बैंकिंग के जरिए आसानी से की जा सकती हैं।

अगर आपकी बिल की अंतिम तारीख आज है, तो भी आप समय पर भुगतान कर सकते हैं।

5. डेबिट-क्रेडिट कार्ड और POS मशीनें सक्रिय

पेट्रोल पंप, मॉल, मेडिकल स्टोर या ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान आपका डेबिट या क्रेडिट कार्ड सामान्य रूप से काम करेगा। POS मशीनें और ऑनलाइन पेमेंट गेटवे हड़ताल से प्रभावित नहीं होते।

इसलिए खरीदारी या जरूरी भुगतान में किसी तरह की रुकावट की संभावना नहीं है।

इन कामों के लिए करना पड़ सकता है इंतजार

जहां डिजिटल सेवाएं सुचारु हैं, वहीं कुछ ऐसे कार्य हैं जो केवल बैंक शाखा में ही संभव होते हैं और आज प्रभावित हो सकते हैं:

  • बैंक काउंटर पर कैश जमा करना
  • चेक क्लियरिंग में देरी
  • नया डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनवाना
  • लॉकर एक्सेस
  • केवाईसी अपडेट या लोन संबंधी मीटिंग

यदि आपका काम इन सेवाओं से जुड़ा है, तो आपको अगली कार्यदिवस यानी 13 फरवरी का इंतजार करना पड़ सकता है।

ग्राहकों के लिए सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे दिनों में घबराने की जरूरत नहीं है। डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं का उपयोग करें और केवल अत्यंत जरूरी होने पर ही शाखा संबंधी काम को प्राथमिकता दें।

अगर कोई बड़ा ट्रांजेक्शन करना है तो पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से स्थिति की पुष्टि कर लें। साथ ही, साइबर सुरक्षा का ध्यान रखते हुए केवल आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का ही उपयोग करें।

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राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई पर सस्पेंस: बेल हियरिंग आज, चेक बाउंस केस में ₹9 करोड़ बकाया पर टिकी निगाहें

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तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव, चेक बाउंस केस में जमानत सुनवाई से पहले रिहाई को लेकर सस्पेंस।

राजपाल यादव: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की रिहाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। उनके मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई है कि अदालत से राहत मिल सकती है और वह जल्द बाहर आ सकते हैं।

राजपाल यादव का नाम लंबे समय से इस वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं। यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म की असफलता के बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का साथ, परिवार की उम्मीद

राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने हालिया बातचीत में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन, रतन जैन और वरुण धवन जैसे लोग समर्थन जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता किस स्तर पर दी जा रही है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सभी ने सकारात्मक प्रतिबद्धता जताई है।

गोल्डी के मुताबिक, ऐसे वित्तीय लेन-देन में समय लगता है और परिवार मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए हुए है। फरवरी के अंत में परिवार में कुछ निजी कार्यक्रम भी निर्धारित हैं और सभी की इच्छा है कि राजपाल यादव तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि बेल हियरिंग तय है और अदालत के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा कानूनी मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद वह समय पर भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। आरोप था कि उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए थे। अदालत ने उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

बढ़ती बकाया राशि और अदालत का रुख

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस प्रयास दिखाने का निर्देश दिया था। समय के साथ ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने लगभग 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत ने माना कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है। फरवरी 2025 में अदालत ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। अतिरिक्त समय मांगने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

रिहाई कब तक?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजपाल यादव को अदालत से जमानत कब तक मिल सकती है। उनके मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई के बाद सकारात्मक फैसला आ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन और परिवार की उम्मीदें इस कानूनी संघर्ष के बीच एक मानवीय पक्ष को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला ही तय करेगा कि राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई कब संभव हो पाएगी।

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