बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार सामने आ रही हिंसा और अत्याचार की घटनाओं को लेकर शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) ने गहरी चिंता जताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है। बोर्ड का कहना है कि किसी भी सभ्य समाज में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाना न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि यह पूरी मानवता के लिए शर्मनाक है।
शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना मोहम्मद मिर्ज़ा यासूब अब्बास (Maulana Yasoob Abbas) ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखते हुए कहा कि इस्लाम किसी भी निर्दोष व्यक्ति की हत्या या उत्पीड़न की इजाजत नहीं देता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धर्म के नाम पर हिंसा फैलाने वाले लोग न तो धर्म का प्रतिनिधित्व करते हैं और न ही इंसानियत का।
धर्म के नाम पर हो रही हिंसा अस्वीकार्य: मौलाना यासूब अब्बास
मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के लोगों पर हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा,
“किसी भी धर्म में निर्दोषों की हत्या का कोई स्थान नहीं है। यदि कहीं भी धर्म के नाम पर हिंसा हो रही है, तो वह सीधे-सीधे मानवता के विरुद्ध अपराध है।”
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
लगातार बढ़ रही हैं हिंसा की घटनाएं
हाल के महीनों में बांग्लादेश से हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ मारपीट, लूटपाट और हत्या की कई घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं ने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में मानवाधिकार संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने और आम नागरिकों को निशाना बनाए जाने की खबरों ने सामाजिक सौहार्द पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिया पर्सनल लॉ बोर्ड का सख्त संदेश
शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपने प्रस्ताव में साफ कहा है कि
- अल्पसंख्यकों की सुरक्षा किसी भी देश की प्राथमिक जिम्मेदारी है
- हिंसा और आतंक को किसी भी रूप में समर्थन नहीं दिया जा सकता
- दोषियों को कानून के दायरे में लाकर सख्त सजा दी जानी चाहिए
मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यदि ऐसे मामलों पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैल सकती है।
मानवता और भाईचारे की अपील
अपने बयान के अंत में मौलाना यासूब अब्बास ने सभी देशों से आपसी भाईचारे, धार्मिक सहिष्णुता और इंसानी मूल्यों को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शांति और न्याय ही किसी भी समाज की असली पहचान होती है।


