अयोध्या: राम मंदिर के विशेष और आसान दर्शन के सभी पास 31 दिसंबर तक भर गए, रोज बढ़ रहा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

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Javed Haider Zaidi

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"अयोध्या राम मंदिर के बाहर दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें, विशेष और आसान दर्शन पास भरने के बाद उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब"

राम जन्मभूमि मंदिर के प्रति देशभर के श्रद्धालुओं का उत्साह उतना ही उमंग भरा दिख रहा है जितना जीवन के किसी सबसे बड़े आध्यात्मिक अनुभव का हो सकता है। विश्व प्रसिद्ध अयोध्या के राम मंदिर में होने वाले विशेष और आसान दर्शन के सारे पास (pass) 31 दिसंबर तक के लिए भर चुके हैं।

सप्ताह दर सप्ताह इस स्थान पर दर्शन के लिए आने वाले लोगों की संख्या में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। हर दिन सुबह से ही आसपास के मार्गों पर भक्तों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जो ‘राम लला के दर्शन’ का अनुभव पाने के लिए उत्साह के साथ आगे बढ़ते नजर आते हैं।

दर्शन पास भरने से पहले से ही बढ़ रहा था उत्साह

अयोध्या के प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस बार विशेष और आसान दर्शन के लिए पास शुरू होते ही भारी मांग देखी गई और लगभग सब कुछ निर्धारित समय से पहले ही भर गया। इसमें

  • 01 जनवरी से 31 दिसंबर 2025 तक के पास
  • सुबह, दोपहर और शाम की शिफ्ट
    समाहित हैं, जिनके लिए निर्धारित स्थानों पर रजिस्ट्रेशन कराया जा चुका था।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि

“हर दिन भक्तों की संख्या बढ़ रही है-सबका उत्साह और श्रद्धा एक अप्रतिम ऊर्जा का रूप ले रही है। दर्शन की व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए हम रोज़ाना समीक्षा कर रहे हैं।”

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हर उम्र के श्रद्धालु आ रहे हैं दर्शन के लिए

राम लला के दर्शन के लिए कतार में सुबह-सुबह बुज़ुर्ग, युवा, परिवार और बच्चे सभी समान रूप से दिखाई देते हैं।
कई भक्त कहते हैं कि यह जीवन का महान अनुभव है, जबकि कई इसे आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम बताते हैं।

एक वरिष्ठ महिला भक्त ने बताया,

“हम हर वर्ष आते हैं, पर इस बार जो भी अनुभव मिला है, वह कहीं और नहीं मिलता। दर्शन से जैसे आत्मा को सुकून मिलता है।”

कई युवाओं ने भी इसे आध्यात्मिक युग की सबसे बड़ी उपलब्धि जैसा बताया।

दर्शनों का प्रकिया और सुरक्षा प्रबंध

अयोध्या प्रशासन द्वारा सुरक्षित और सहज दर्शन के लिए व्यापक सुरक्षा-व्यवस्था की गई है।

  • दर्शन मार्गों को व्यवस्थित रूप से लगाया गया है
  • हर चेकपोस्ट पर स्वास्थ्य तथा सुरक्षा कर्मी तैनात हैं
  • वृद्ध, बच्चें और दिव्यांगजन के लिए विशेष मार्ग बनाये गये हैं

स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि श्रमित प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा इंतजामों के कारण दर्शन में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जा रही है।

आसन दर्शन पास के क्रियाकलाप की सफलता ने बढ़ाई व्यवस्था

आसन दर्शन की व्यवस्था ने विशेष रूप से बुज़ुर्ग, महिलाओं और स्वास्थ्य-संवेदनशील लोगों को रामलला के दर्शन का अनुभव सरल, शांत और आरामदायक रूप से प्राप्त करने में मदद की है।
इस व्यवस्था को बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, जिससे दूर-दूर से आए श्रद्धालु प्रसन्न हैं।

एक युवा भक्त ने साझा किया,

“मेरी माँ को पैदल दर्शन में कठिनाई होती, लेकिन आसान दर्शन पास से उन्हें आराम से रामलला के दर्शन मिले। यह व्यवस्था अच्छी सोच का परिणाम है।”

दर्शन का रिकॉर्ड और भविष्य की तैयारियाँ

राम मंदिर निर्माण के बाद से इस वर्ष दर्शन की संख्या में अनोखा उछाल देखा गया है। पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार दर्शन के लिए आने वाले लोगों की संख्या कई गुणा बढ़ी है, जिससे नगर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने पहले से अधिक तैयारी रखी है।

नगर प्रशासन की एक टीम लगातार भीड़-व्यवस्थापन, यातायात, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर रही है ताकि आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।

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राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई पर सस्पेंस: बेल हियरिंग आज, चेक बाउंस केस में ₹9 करोड़ बकाया पर टिकी निगाहें

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तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव, चेक बाउंस केस में जमानत सुनवाई से पहले रिहाई को लेकर सस्पेंस।

राजपाल यादव: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की रिहाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। उनके मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई है कि अदालत से राहत मिल सकती है और वह जल्द बाहर आ सकते हैं।

राजपाल यादव का नाम लंबे समय से इस वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं। यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म की असफलता के बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का साथ, परिवार की उम्मीद

राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने हालिया बातचीत में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन, रतन जैन और वरुण धवन जैसे लोग समर्थन जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता किस स्तर पर दी जा रही है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सभी ने सकारात्मक प्रतिबद्धता जताई है।

गोल्डी के मुताबिक, ऐसे वित्तीय लेन-देन में समय लगता है और परिवार मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए हुए है। फरवरी के अंत में परिवार में कुछ निजी कार्यक्रम भी निर्धारित हैं और सभी की इच्छा है कि राजपाल यादव तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि बेल हियरिंग तय है और अदालत के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा कानूनी मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद वह समय पर भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। आरोप था कि उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए थे। अदालत ने उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

बढ़ती बकाया राशि और अदालत का रुख

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस प्रयास दिखाने का निर्देश दिया था। समय के साथ ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने लगभग 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत ने माना कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है। फरवरी 2025 में अदालत ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। अतिरिक्त समय मांगने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

रिहाई कब तक?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजपाल यादव को अदालत से जमानत कब तक मिल सकती है। उनके मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई के बाद सकारात्मक फैसला आ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन और परिवार की उम्मीदें इस कानूनी संघर्ष के बीच एक मानवीय पक्ष को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला ही तय करेगा कि राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई कब संभव हो पाएगी।

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