ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड का राष्ट्रीय अधिवेशन 28 दिसंबर को लखनऊ में, Yasoob Abbas ने दिए अहम संकेत

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Javed Haider Zaidi

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"लखनऊ में ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड का राष्ट्रीय अधिवेशन, मौलाना यासूब अब्बास प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, शिया समुदाय के सामाजिक और धार्मिक अधिकारों पर चर्चा, इमामबाड़ा आसिफ उदद्दौला का दृश्य"

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने आज लखनऊ में प्रेस वार्ता आयोजित कर अपने वार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन की जानकारी दी। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए All India Shia Personal Law Board (AISPLB) के महासचिव Maulana Yasoob Abbas ने कहा कि यह अधिवेशन 28 दिसंबर 2025 को इमामबाड़ा आसिफ उदद्दौला (Bara Imambara), लखनऊ में सुबह 11 बजे आयोजित होगा।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि अधिवेशन में पूरे देश से उलेमा, खुत्तबा, बुद्धिजीवी और समाज के जिम्मेदार लोग भाग लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अधिवेशन का उद्देश्य शिया मुसलमानों के धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक अधिकारों को मजबूत करना है।

“हमारा प्रयास केवल धार्मिक मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुधार और अल्पसंख्यक समुदायों के समान अधिकार सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है,” मौलाना यासूब अब्बास ने प्रेस वार्ता में कहा।

अधिवेशन में चर्चा के प्रमुख बिंदु

मौलाना यासूब अब्बास ने प्रेस वार्ता में अधिवेशन में उठाए जाने वाले मुख्य मुद्दों की जानकारी दी:

  1. हिंदुस्तान में Common Civil Code को लागू किए जाने पर विचार।
  2. जन्नत-उल-बकी, मदीना में रौज़ों के पुनर्निर्माण की मांग।
  3. शिया मुसलमानों के हालात जानने के लिए अलग कमीशन बनाने का प्रस्ताव।
  4. अल्पसंख्यकों को मिलने वाले हिस्से में शिया मुसलमानों का अनुपातिक हिस्सा सुनिश्चित करना।
  5. आर्थिक पिछड़ापन और नौकरियों में आरक्षण की मांग।
  6. देश में फैले 8 करोड़ शिया मुसलमानों का संसद और विधान सभाओं में प्रतिनिधित्व
  7. सामाजिक सुधार: शादी‑ब्याह और अन्य अवसरों पर बेजा खर्च में कमी।
  8. देश और दुनिया में फैले आतंकवाद की निंदा और रोकथाम
  9. धार्मिक और प्रचलित शिक्षा में सुधार और तरक्की
  10. नफरत फैलाने वाले भाषण और मॉब लिंचिंग रोकने के कानूनी उपाय
  11. वक्फ बोर्डों में भ्रष्टाचार, वक्फ संपत्तियों की बिक्री और वक्फ संशोधन अधिनियम 2024
  12. हिजाब पर किसी प्रकार की रोक
  13. इस्लाम की सच्ची और असली तस्वीर को दुनिया के सामने पेश करने का प्रयास।
  14. शिया मुस्लिम समाज के राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक अधिकारों की स्थिति का आकलन।

प्रेस वार्ता में अन्य उलेमा की भागीदारी

प्रेस वार्ता में मौलाना यासूब अब्बास के अलावा मौलाना जहीर अब्बास, मौलाना जाफर अब्बास, मौलाना अनवर हुसैन रिज़वी, मौलाना एजाज अतहर, मौलाना इन्तिजाम हैदर और श्री जहीर मुस्तफा ने भी विचार व्यक्त किए। हालांकि सभी ने अपने सुझाव और अनुभव साझा किए, लेकिन मौलाना यासूब अब्बास के स्पष्ट और निर्णायक विचार प्रमुख रहे, जिससे उनके नेतृत्व और भूमिका की अहमियत अधिवेशन में और बढ़ गई।

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अधिवेशन का महत्व और समुदाय के लिए संदेश

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यह अधिवेशन शिया मुसलमानों के लिए राष्ट्रीय मंच का काम करेगा। देशभर से आए प्रतिनिधि समाज की समस्याओं, धार्मिक और सामाजिक सुधारों पर रणनीति तैयार करेंगे। उनका यह भी कहना था कि अधिवेशन में लिए गए निर्णय समाज और समुदाय की भलाई को ध्यान में रखकर होंगे।

उन्होंने विशेष रूप से युवा और महिला प्रतिनिधियों से अपील की कि वे भी सक्रिय भूमिका निभाएँ और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान दें।

लखनऊ में होने वाला यह अधिवेशन शिया मुस्लिम समाज के सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक अधिकारों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। मौलाना यासूब अब्बास के नेतृत्व में यह आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने और अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए ठोस रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमला, UN से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

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इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमले पर मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान, पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए वीडियो संदेश

मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित शिया मस्जिद खदीजतुल कुबरा में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। नमाज़ अदा कर रहे मासूम नमाज़ियों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कई लोगों की शहादत की खबर है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

इस दर्दनाक घटना पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास (Yasoob Abbas) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस हमले को इंसानियत और इस्लाम दोनों के खिलाफ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सख्त कदम उठाने की अपील की है।

“आतंकियों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं” — मौलाना यासूब अब्बास

मौलाना यासूब अब्बास ने अपने बयान में कहा कि जो लोग खुद को मुसलमान बताकर मस्जिदों में नमाज़ियों पर गोलियां बरसाते हैं, वे दरअसल इस्लाम के नाम पर छिपे हुए वहशी दरिंदे हैं। उनका कहना था कि इस्लाम किसी भी निर्दोष की हत्या की इजाज़त नहीं देता और ऐसे कृत्य करने वालों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में शिया समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वहां की सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं चुप्पी साधे हुए हैं। यह चुप्पी आतंकवाद को और बढ़ावा दे रही है।

संयुक्त राष्ट्र से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

AISPLB के महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से स्पष्ट शब्दों में मांग की कि पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती से लगातार आतंकवाद पनप रहा है और वहां अल्पसंख्यकों, खासकर शिया मुसलमानों की जान सुरक्षित नहीं है।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय मंच अब भी सख्त कार्रवाई नहीं करता, तो ऐसे हमले भविष्य में और भयावह रूप ले सकते हैं।

शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना

अपने बयान के अंत में मौलाना यासूब अब्बास ने हमले में शहीद हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह ईश्वर से दुआ करते हैं कि शहीदों के परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की ताकत मिले और घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ हो।

मानवता पर हमला, पूरी दुनिया के लिए चेतावनी

इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में हुआ यह आतंकी हमला सिर्फ एक समुदाय पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता और धार्मिक सह-अस्तित्व पर हमला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं बनाया गया, तो दक्षिण एशिया में सांप्रदायिक आतंकवाद और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है।

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