एक्टर विजय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ पर SC ने मेकर्स को हाईकोर्ट जाने का दिया आदेश

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Javed Haider Zaidi

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सुप्रीम कोर्ट में फिल्म ‘जन नायकन’ से जुड़ी सुनवाई का दृश्य, अभिनेता विजय को राहत नहीं मिली, कोर्ट ने फिल्म के निर्माताओं को मद्रास हाईकोर्ट में ही मामला आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।

तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और हाल ही में राजनीति में कदम रखने वाले एक्टर विजय (Vijay) को अपनी आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ के मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। फिल्म से जुड़े विवाद पर दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज करते हुए साफ तौर पर फिल्म के निर्माताओं को मद्रास हाईकोर्ट का रुख करने का निर्देश दिया है।

दरअसल, ‘जन नायकन’ की रिलीज को लेकर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) और फिल्म मेकर्स के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। यह फिल्म 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी, लेकिन CBFC से मंजूरी न मिलने के कारण इसकी रिलीज टाल दी गई। इसके बाद मेकर्स ने कानूनी रास्ता अपनाया।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार

फिल्म के निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर तत्काल सुनवाई की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि जब यह मामला पहले से ही मद्रास हाईकोर्ट में लंबित है और 20 जनवरी को वहां सुनवाई तय है, तो सीधे सुप्रीम कोर्ट आने का कोई औचित्य नहीं बनता।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह इस याचिका पर सुनवाई करने के इच्छुक नहीं है और मेकर्स को हाईकोर्ट के समक्ष ही अपनी बात रखनी चाहिए।

मेकर्स ने रखा अपना पक्ष

सुप्रीम कोर्ट में फिल्म निर्माताओं की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि ‘जन नायकन’ की रिलीज के लिए देशभर में करीब 5000 थिएटर बुक किए जा चुके थे। उन्होंने कहा कि पहले CBFC की ओर से यह संकेत दिया गया था कि कुछ सीमित कट्स के बाद फिल्म को सर्टिफिकेट मिल जाएगा, लेकिन बाद में 27 कट्स का सुझाव देकर मामला उलझा दिया गया।

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इस पर कोर्ट ने कहा कि जब हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है, तो वहीं इस मुद्दे को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

क्या है पूरा विवाद?

पिछले साल अभिनेता विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलग वेत्री कझगम (TVK) का गठन किया था। इसी वजह से ‘जन नायकन’ को उनकी आखिरी फिल्म माना जा रहा है। फिल्म को 18 दिसंबर को CBFC के समक्ष प्रमाणन के लिए पेश किया गया था, जहां बोर्ड ने कई दृश्यों पर आपत्ति जताते हुए 27 कट लगाने का सुझाव दिया।

इसके बाद फिल्म के निर्माताओं ने मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 9 जनवरी को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था। हालांकि, CBFC ने इस आदेश को चुनौती देते हुए दोबारा याचिका दायर की, जिसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी गई।

अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को मद्रास हाईकोर्ट में होनी है।

बढ़ी फिल्म की अनिश्चितता

सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद यह साफ हो गया है कि ‘जन नायकन’ की रिलीज पर फिलहाल असमंजस बना रहेगा। फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही खासा उत्साह है, लेकिन कानूनी पचड़े के चलते इसकी रिलीज डेट आगे खिसक सकती है। अब सभी की निगाहें मद्रास हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो इस फिल्म का भविष्य तय करेगा।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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