Bharat Taxi launch: ओला-उबर के सर्ज प्राइसिंग से मिलेगी राहत, ड्राइवर और यात्रियों के लिए नया अवसर

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Javed Haider Zaidi

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"भारत टैक्सी के नए वाहनों के सामने ड्राइवर खुश होकर खड़े, जो शून्य कमीशन और पारदर्शी किराया सिस्टम के लिए तैयार हैं"

Bharat Taxi launch: 1 जनवरी 2026 को पूरे देश में भारत टैक्सी (Bharat Taxi) सेवा औपचारिक रूप से शुरू हो गई। यह नई टैक्सी सेवा विशेष रूप से ओला और उबर जैसी निजी कंपनियों की सर्ज प्राइसिंग और उच्च कमीशन मॉडल के खिलाफ यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए राहत के रूप में पेश की गई है।

सरकार के सहयोग से स्थापित Sahakar Taxi Cooperative Limited द्वारा विकसित इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य ड्राइवरों को अधिकतम लाभ और स्वामित्व देना है। प्लेटफॉर्म के अधिकारियों का कहना है कि ड्राइवरों को शून्य कमीशन का लाभ मिलेगा, जिससे उनका आर्थिक संतुलन बेहतर होगा और उन्हें अपनी मेहनत का पूरा फल मिलेगा।

ड्राइवरों और यात्रियों के लिए प्रमुख फायदे

  1. सर्ज प्राइसिंग नहीं: भारत टैक्सी में ओला-उबर जैसी अचानक किराया बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। पीक आवर्स, त्योहार या खराब मौसम के दौरान किराया तय रहेगा, जिससे यात्रियों को पारदर्शी और भरोसेमंद किराया मिलेगा।
  2. ड्राइवर का पूरा लाभ: ड्राइवरों को शून्य कमीशन के साथ अपनी पूरी कमाई रखने का मौका मिलेगा। इससे टैक्सी उद्योग में ड्राइवरों का आर्थिक सशक्तिकरण होगा।
  3. पारदर्शी प्रणाली: किराया और सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्लेटफॉर्म ने एडवांस टेक्नोलॉजी का उपयोग किया है।

प्लेटफॉर्म का उद्देश्य न केवल यात्रियों के लिए सुविधा और संतोष प्रदान करना है, बल्कि ड्राइवरों के लिए स्थायी और सुरक्षित आय का अवसर बनाना भी है।

लॉन्च इवेंट और प्रारंभिक प्रतिक्रिया

भारत टैक्सी के लॉन्च के मौके पर कई शहरों में ड्राइवरों और तकनीकी टीमों ने लाइव डेमो पेश किया। लखनऊ में प्लेटफॉर्म की शुरुआत के बाद, यात्रियों और ड्राइवरों दोनों ने इसे “उम्मीद की नई किरण” के रूप में देखा।

कंपनी अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती चरण में यह सेवा बड़े शहरों में उपलब्ध होगी, और अगले कुछ महीनों में इसे पूरे देश में विस्तारित किया जाएगा। इस पहल का लक्ष्य है कि देश में टैक्सी उद्योग को अधिक ड्राइवर-केंद्रित और पारदर्शी बनाया जा सके।

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विशेषज्ञ क्या कहते हैं

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत टैक्सी भारतीय टैक्सी उद्योग में संरचनात्मक बदलाव ला सकती है। ओला और उबर जैसी कंपनियों के मुकाबले, यह मॉडल यात्रियों को सुरक्षित, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक किराया और ड्राइवरों को अधिक आर्थिक लाभ प्रदान करता है।

विशेष रूप से यह पहल उन ड्राइवरों के लिए वरदान साबित हो सकती है, जिन्हें निजी कंपनियों में कमीशन और अनिश्चित किराए के कारण आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता था।

भारत टैक्सी के भविष्य की योजना

भारत टैक्सी फिलहाल बड़े शहरों में लॉन्च की गई है। आने वाले महीनों में इसे छोटे और मध्यम शहरों में भी शुरू करने की योजना है। इसके साथ ही, सरकार और सहयोगी कंपनियों ने ड्राइवर प्रशिक्षण और डिजिटल भुगतान सिस्टम को मजबूत करने की योजना बनाई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस मॉडल को सफलतापूर्वक लागू किया गया, तो यह पूरे देश के टैक्सी उद्योग में स्थायी बदलाव ला सकता है।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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Javed Haider Zaidi

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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