UP Weather: 17 जिलों में बारिश के आसार, 37 जिलों में घना कोहरा, लखनऊ की हवा फिर खराब

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Javed Haider Zaidi

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उत्तर प्रदेश मौसम अलर्ट, बारिश और घने कोहरे के बीच सड़क पर चलते लोग

UP Weather: 17 जिलों में बारिश के आसार उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। नए साल से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और घने कोहरे की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने राज्य के 17 जिलों में बारिश की संभावना जताई है, जबकि 37 जिलों में घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी लखनऊ में हवा की गुणवत्ता भी दोबारा खराब श्रेणी में दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के कारण तापमान में मामूली बढ़ोतरी संभव है, लेकिन वातावरण में नमी बढ़ने से ठंड का असर बना रहेगा। कुछ जिलों में बादल छाए रहने की वजह से दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है।

प्रदेश के 37 जिलों में घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है। सुबह और रात के समय कोहरे की तीव्रता अधिक हो सकती है, जिससे सड़क यातायात, रेल और हवाई सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है। कई इलाकों में वाहन धीमी गति से चलते नजर आए और कुछ ट्रेनों के संचालन में देरी की स्थिति बनी।

राजधानी लखनऊ में हवा की गुणवत्ता सूचकांक फिर से खराब स्तर पर पहुंच गया है। मौसम में ठहराव और कोहरे के कारण प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब AQI का असर खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों पर पड़ सकता है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में तीन से छह डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि कोहरे के चलते ठंड का एहसास पूरी तरह खत्म नहीं होगा।

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मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। कोहरे के समय अनावश्यक यात्रा से बचने, वाहन चलाते समय सावधानी बरतने और खराब हवा की स्थिति में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में फिलहाल बारिश, कोहरा और वायु प्रदूषण तीनों ही मौसम से जुड़ी बड़ी चुनौतियां बने हुए हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा।

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राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई पर सस्पेंस: बेल हियरिंग आज, चेक बाउंस केस में ₹9 करोड़ बकाया पर टिकी निगाहें

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तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव, चेक बाउंस केस में जमानत सुनवाई से पहले रिहाई को लेकर सस्पेंस।

राजपाल यादव: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की रिहाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। उनके मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई है कि अदालत से राहत मिल सकती है और वह जल्द बाहर आ सकते हैं।

राजपाल यादव का नाम लंबे समय से इस वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं। यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म की असफलता के बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का साथ, परिवार की उम्मीद

राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने हालिया बातचीत में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन, रतन जैन और वरुण धवन जैसे लोग समर्थन जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता किस स्तर पर दी जा रही है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सभी ने सकारात्मक प्रतिबद्धता जताई है।

गोल्डी के मुताबिक, ऐसे वित्तीय लेन-देन में समय लगता है और परिवार मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए हुए है। फरवरी के अंत में परिवार में कुछ निजी कार्यक्रम भी निर्धारित हैं और सभी की इच्छा है कि राजपाल यादव तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि बेल हियरिंग तय है और अदालत के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा कानूनी मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद वह समय पर भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। आरोप था कि उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए थे। अदालत ने उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

बढ़ती बकाया राशि और अदालत का रुख

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस प्रयास दिखाने का निर्देश दिया था। समय के साथ ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने लगभग 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत ने माना कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है। फरवरी 2025 में अदालत ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। अतिरिक्त समय मांगने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

रिहाई कब तक?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजपाल यादव को अदालत से जमानत कब तक मिल सकती है। उनके मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई के बाद सकारात्मक फैसला आ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन और परिवार की उम्मीदें इस कानूनी संघर्ष के बीच एक मानवीय पक्ष को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला ही तय करेगा कि राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई कब संभव हो पाएगी।

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