Lucknow Weather: 31 दिसंबर: साल के आखिरी दिन भी ठंड और कोहरे का असर, शीतलहर से जनजीवन प्रभावित

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लखनऊ में 31 दिसंबर को साल के आखिरी दिन घना कोहरा और कड़ाके की ठंड, शीतलहर के कारण सड़क पर कम दृश्यता और प्रभावित यातायात, ठंड से बचाव करते लोग – Lucknow Weather Update. (Image Credit: iNext Live)

Lucknow Weather: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में 31 दिसंबर को कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सुबह से ही सड़कों पर धुंध की मोटी चादर छाई रही, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। मौसम विभाग ने इसे लेकर पहले ही कोल्ड वेव और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया था।

मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ में आज न्यूनतम तापमान 8–10 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जबकि अधिकतम तापमान भी सामान्य से नीचे रहने की संभावना है। दिनभर धूप निकलने के आसार कम हैं, जिससे ठंड का असर और ज्यादा महसूस किया जाएगा।

कई जिलों में घना कोहरा, यातायात पर असर

प्रदेश के पूर्वी और तराई क्षेत्रों में कोहरे का प्रभाव सबसे अधिक देखा जा रहा है। कई जगहों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही। इसका सीधा असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ा है। सुबह और देर रात चलने वाली ट्रेनों के समय में देरी की खबरें सामने आई हैं, वहीं वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

शीतलहर से बढ़ी परेशानी

मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है। ठंडी हवाओं के चलते दिन में भी गलन बनी रहेगी। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव करने की जरूरत है।

नए साल पर भी राहत के आसार कम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी को भी ठंड का असर बना रह सकता है। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी या बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।

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मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमला, UN से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

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इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमले पर मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान, पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए वीडियो संदेश

मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित शिया मस्जिद खदीजतुल कुबरा में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। नमाज़ अदा कर रहे मासूम नमाज़ियों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कई लोगों की शहादत की खबर है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

इस दर्दनाक घटना पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास (Yasoob Abbas) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस हमले को इंसानियत और इस्लाम दोनों के खिलाफ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सख्त कदम उठाने की अपील की है।

“आतंकियों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं” — मौलाना यासूब अब्बास

मौलाना यासूब अब्बास ने अपने बयान में कहा कि जो लोग खुद को मुसलमान बताकर मस्जिदों में नमाज़ियों पर गोलियां बरसाते हैं, वे दरअसल इस्लाम के नाम पर छिपे हुए वहशी दरिंदे हैं। उनका कहना था कि इस्लाम किसी भी निर्दोष की हत्या की इजाज़त नहीं देता और ऐसे कृत्य करने वालों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में शिया समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वहां की सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं चुप्पी साधे हुए हैं। यह चुप्पी आतंकवाद को और बढ़ावा दे रही है।

संयुक्त राष्ट्र से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

AISPLB के महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से स्पष्ट शब्दों में मांग की कि पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती से लगातार आतंकवाद पनप रहा है और वहां अल्पसंख्यकों, खासकर शिया मुसलमानों की जान सुरक्षित नहीं है।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय मंच अब भी सख्त कार्रवाई नहीं करता, तो ऐसे हमले भविष्य में और भयावह रूप ले सकते हैं।

शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना

अपने बयान के अंत में मौलाना यासूब अब्बास ने हमले में शहीद हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह ईश्वर से दुआ करते हैं कि शहीदों के परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की ताकत मिले और घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ हो।

मानवता पर हमला, पूरी दुनिया के लिए चेतावनी

इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में हुआ यह आतंकी हमला सिर्फ एक समुदाय पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता और धार्मिक सह-अस्तित्व पर हमला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं बनाया गया, तो दक्षिण एशिया में सांप्रदायिक आतंकवाद और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है।

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