लखनऊ के LuLu Mall पर आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, बैंक खाते सीज, करोड़ों की टैक्स गड़बड़ी की जांच

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Javed Haider Zaidi

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“लखनऊ स्थित लुलु मॉल के बाहर आयकर विभाग की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा और आधिकारिक वाहन”

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित लुलु मॉल (Lulu Mall Lucknow) एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह है आयकर विभाग (Income Tax Department) की सख्त कार्रवाई। विभाग ने टैक्स चोरी के संदेह में लुलु मॉल से जुड़े बैंक खातों को सीज कर दिया है। यह कार्रवाई कथित तौर पर करीब 27 करोड़ रुपये की टैक्स अनियमितताओं की जांच के तहत की गई है।

सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग को मॉल के आयकर रिटर्न और लेन-देन में गंभीर विसंगतियां मिली थीं, जिसके बाद विस्तृत जांच शुरू की गई। जांच के दौरान यह आशंका जताई गई कि मॉल प्रबंधन द्वारा आय और कर भुगतान से जुड़े आंकड़ों में अंतर है।

क्यों की गई आयकर विभाग की कार्रवाई?

आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लुलु मॉल द्वारा दाखिल किए गए इनकम टैक्स और जीएसटी रिकॉर्ड में कथित तौर पर गड़बड़ी सामने आई थी। इसी आधार पर विभाग ने मॉल के बैंक खातों को अस्थायी रूप से सीज कर दिया, ताकि जांच के दौरान धन का कोई लेन-देन न हो सके।

बताया जा रहा है कि लुलु मॉल के खाते बैंक ऑफ बड़ौदा, लखनऊ में संचालित थे, जिन्हें जांच पूरी होने तक फ्रीज कर दिया गया है। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई एहतियाती कदम है और जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।

लुलु मॉल: उत्तर भारत का बड़ा शॉपिंग हब

लुलु मॉल लखनऊ, उत्तर भारत के सबसे बड़े शॉपिंग मॉल्स में से एक है। इसका उद्घाटन खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। यह मॉल न सिर्फ खरीदारी बल्कि मनोरंजन और रोजगार के लिहाज से भी एक बड़ा केंद्र माना जाता है।

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हालांकि, इतने बड़े प्रोजेक्ट पर आयकर विभाग की कार्रवाई ने एक बार फिर कॉरपोरेट टैक्स अनुपालन (Corporate Tax Compliance) को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच के घेरे में मॉल प्रबंधन

सूत्रों की मानें तो आयकर विभाग ने मॉल से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों और अकाउंट्स से जुड़े लोगों को नोटिस भेजे हैं। आने वाले दिनों में उनसे पूछताछ की जा सकती है। यदि जांच में टैक्स चोरी की पुष्टि होती है, तो मॉल प्रबंधन पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई संभव है।

सरकारी सख्ती या सामान्य प्रक्रिया?

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत बड़े कारोबारी प्रतिष्ठानों पर टैक्स नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। हाल के महीनों में देशभर में कई बड़े व्यापारिक समूहों पर आयकर और ईडी की कार्रवाई देखने को मिली है।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

लुलु मॉल पर हुई इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे सरकार का सही कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।

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मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमला, UN से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

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इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमले पर मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान, पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए वीडियो संदेश

मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित शिया मस्जिद खदीजतुल कुबरा में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। नमाज़ अदा कर रहे मासूम नमाज़ियों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कई लोगों की शहादत की खबर है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

इस दर्दनाक घटना पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास (Yasoob Abbas) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस हमले को इंसानियत और इस्लाम दोनों के खिलाफ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सख्त कदम उठाने की अपील की है।

“आतंकियों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं” — मौलाना यासूब अब्बास

मौलाना यासूब अब्बास ने अपने बयान में कहा कि जो लोग खुद को मुसलमान बताकर मस्जिदों में नमाज़ियों पर गोलियां बरसाते हैं, वे दरअसल इस्लाम के नाम पर छिपे हुए वहशी दरिंदे हैं। उनका कहना था कि इस्लाम किसी भी निर्दोष की हत्या की इजाज़त नहीं देता और ऐसे कृत्य करने वालों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में शिया समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वहां की सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं चुप्पी साधे हुए हैं। यह चुप्पी आतंकवाद को और बढ़ावा दे रही है।

संयुक्त राष्ट्र से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

AISPLB के महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से स्पष्ट शब्दों में मांग की कि पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती से लगातार आतंकवाद पनप रहा है और वहां अल्पसंख्यकों, खासकर शिया मुसलमानों की जान सुरक्षित नहीं है।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय मंच अब भी सख्त कार्रवाई नहीं करता, तो ऐसे हमले भविष्य में और भयावह रूप ले सकते हैं।

शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना

अपने बयान के अंत में मौलाना यासूब अब्बास ने हमले में शहीद हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह ईश्वर से दुआ करते हैं कि शहीदों के परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की ताकत मिले और घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ हो।

मानवता पर हमला, पूरी दुनिया के लिए चेतावनी

इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में हुआ यह आतंकी हमला सिर्फ एक समुदाय पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता और धार्मिक सह-अस्तित्व पर हमला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं बनाया गया, तो दक्षिण एशिया में सांप्रदायिक आतंकवाद और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है।

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