UP Weather: शीतलहर और घने कोहरे का डबल अटैक, 50 से ज्यादा जिलों में अलर्ट; ट्रेन-फ्लाइट प्रभावित

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Javed Haider Zaidi

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उत्तर प्रदेश में घने कोहरे और शीतलहर के कारण प्रभावित जनजीवन

UP Weather: उत्तर प्रदेश में सर्दी ने इस सीजन का सबसे तीखा रूप दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर और घने कोहरे के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने 50 से अधिक जिलों में कोल्ड डे और डेंस फॉग का अलर्ट जारी किया है।

सुबह के समय कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम रही, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर सीधा असर पड़ा। लोगों को घरों से निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

तापमान में तेज गिरावट, दिन भी रहे सर्द

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। धूप न निकलने के कारण गलन बढ़ गई है और दिन में भी ठंड का अहसास बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाओं के कारण ठंड और बढ़ सकती है।

ट्रेनें और उड़ानें लेट, यात्री परेशान

घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर यातायात पर देखने को मिला।

  • कई लंबी दूरी की ट्रेनें घंटों देरी से चलीं।
  • कुछ रूट्स पर ट्रेनों की रफ्तार सीमित करनी पड़ी।
  • हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ, जिससे यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।

रेलवे और एयरलाइंस ने यात्रियों को यात्रा से पहले स्टेटस चेक करने की सलाह दी है।

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इन जिलों में ज्यादा असर

लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली, आगरा, मेरठ सहित कई जिलों में बेहद घना कोहरा छाया रहा। कुछ जगहों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम रिकॉर्ड की गई।

अगले 48 घंटे अहम

मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे तक हालात में ज्यादा सुधार की उम्मीद नहीं है। सुबह और रात के समय कोहरा और शीतलहर का असर बना रह सकता है।

लोगों के लिए सलाह

  • सुबह-शाम अनावश्यक यात्रा से बचें
  • वाहन चलाते समय फॉग लाइट और धीमी गति का प्रयोग करें
  • बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाकर रखें
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राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई पर सस्पेंस: बेल हियरिंग आज, चेक बाउंस केस में ₹9 करोड़ बकाया पर टिकी निगाहें

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तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव, चेक बाउंस केस में जमानत सुनवाई से पहले रिहाई को लेकर सस्पेंस।

राजपाल यादव: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की रिहाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है। उनके मैनेजर गोल्डी ने उम्मीद जताई है कि अदालत से राहत मिल सकती है और वह जल्द बाहर आ सकते हैं।

राजपाल यादव का नाम लंबे समय से इस वित्तीय विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं। यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से जुड़ा है। फिल्म की असफलता के बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई और मामला अदालत तक पहुंच गया।

इंडस्ट्री का साथ, परिवार की उम्मीद

राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने हालिया बातचीत में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोनू सूद, सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन, रतन जैन और वरुण धवन जैसे लोग समर्थन जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आर्थिक सहायता किस स्तर पर दी जा रही है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सभी ने सकारात्मक प्रतिबद्धता जताई है।

गोल्डी के मुताबिक, ऐसे वित्तीय लेन-देन में समय लगता है और परिवार मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए हुए है। फरवरी के अंत में परिवार में कुछ निजी कार्यक्रम भी निर्धारित हैं और सभी की इच्छा है कि राजपाल यादव तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने यह भी बताया कि बेल हियरिंग तय है और अदालत के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

क्या है पूरा कानूनी मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद वह समय पर भुगतान नहीं कर सके। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। आरोप था कि उनके द्वारा जारी किए गए सात चेक बाउंस हो गए थे। अदालत ने उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

बढ़ती बकाया राशि और अदालत का रुख

जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस प्रयास दिखाने का निर्देश दिया था। समय के साथ ब्याज और अन्य शुल्क जुड़ने से बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने लगभग 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत ने माना कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अभी भी बाकी है। फरवरी 2025 में अदालत ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। अतिरिक्त समय मांगने की उनकी अर्जी भी खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

रिहाई कब तक?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजपाल यादव को अदालत से जमानत कब तक मिल सकती है। उनके मैनेजर ने उम्मीद जताई है कि सुनवाई के बाद सकारात्मक फैसला आ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन और परिवार की उम्मीदें इस कानूनी संघर्ष के बीच एक मानवीय पक्ष को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला ही तय करेगा कि राजपाल यादव की तिहाड़ से रिहाई कब संभव हो पाएगी।

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