Gujrat राजकोट: सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र ने वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एकजुट मंच बनाने का ऐतिहासिक कदम उठाया है। अरब सागर से घिरे इस क्षेत्र की समुद्री व्यापार की परंपरा हड़प्पा काल से चली आ रही है। अब उद्योग, नवाचार और निवेश के नए अवसरों को सामने लाने के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) का आयोजन किया जाएगा।
कॉन्फ्रेंस अगले महीने राजकोट के मारवाड़ी यूनिवर्सिटी कैंपस में 20,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में होगी। इसमें छह अत्याधुनिक डोम बनाए गए हैं, जहां क्षेत्रीय उद्योग, नवाचार प्लेटफ़ॉर्म, प्रदर्शनी और नेटवर्किंग के अवसर होंगे। अनुमान है कि चार दिवसीय कार्यक्रम में 1.25 लाख से अधिक लोग हिस्सा लेंगे।
समिट से पहले मोरबी, जामनगर, गिर-सोमनाथ, भावनगर, बोटाद, द्वारका, पोर्बंदर और सुरेंद्रनगर में जिला स्तर के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें उद्योग प्रतिनिधियों और निवेशकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
मुख्य आकर्षण में ट्रेड शो, MoU हस्ताक्षर, B2B और B2G बैठकें, बायर-सेलर मीट, वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम और क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक व पर्यटन स्थलों का दौरा शामिल होगा।
कच्छ-सौराष्ट्र बेल्ट गुजरात के औद्योगिक और आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बन चुका है। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी और मुंद्रा पोर्ट जैसे बंदरगाह पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग 350 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो संभाल चुके हैं।
क्षेत्र में तेल रिफाइनरी, पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, सिरेमिक, वॉल क्लॉक्स, इंजीनियरिंग और ऑटो पार्ट्स, आभूषण, पोर्ट और लॉजिस्टिक्स, टिम्बर, पेट्रोकेमिकल्स, खनिज और MSME उद्योग तेजी से बढ़ रहे हैं। पर्यटन क्षेत्र भी जूनागढ़-गिर-सोमनाथ-द्वारका सर्किट और कच्छ रैन उत्सव के कारण लोकप्रिय हो रहा है।
वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस से उम्मीद है कि क्षेत्र के उद्योग और MSME को वैश्विक निवेशकों से नई गति मिलेगी। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की मौजूदगी भी संभव है, जिससे नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।