Gold Price Today: भारतीय सोने के बाजार में 2025 के अंत तक एक नया रिकॉर्ड देखने को मिला है। सोने का भाव पहली बार 1.40 लाख रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर तक पहुंच गया। निवेशक और बाजार विशेषज्ञ इस तेजी को लेकर सजग हैं और 2026 में सोने के रुझान को लेकर भविष्यवाणियाँ कर रहे हैं।
सोने की कीमत में तेजी के मुख्य कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की कीमत में तेजी के पीछे कई कारण हैं:
- वैश्विक आर्थिक अस्थिरता: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुद्रास्फीति और डॉलर की मजबूती का असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है।
- सरकारी नीतियाँ और आयात शुल्क: भारत में सोने के आयात पर लागू शुल्क और RBI की मौद्रिक नीतियाँ कीमतों को प्रभावित करती हैं।
- सुरक्षित निवेश की तलाश: अनिश्चित आर्थिक दौर में निवेशक जोखिम कम करने के लिए सोने में निवेश को सुरक्षित मानते हैं।
2026 में संभावित रुझान
विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार, 2026 में सोने की कीमत में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। यदि वैश्विक आर्थिक दबाव और डॉलर की मजबूती बनी रहती है, तो सोने का भाव डेढ़ लाख रुपये या उससे अधिक तक पहुंच सकता है।
इसके अलावा, शेयर बाजार और क्रिप्टो करेंसी में उतार-चढ़ाव भी सोने की मांग को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशक जोखिम कम करने के लिए सोने की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे इसकी कीमतों में तेजी आ सकती है।
निवेशकों के लिए सलाह
- निवेशक अचानक बड़ी राशि में सोने में निवेश करने से बचें।
- गोल्ड ETF और डिजिटल गोल्ड निवेश का सुरक्षित विकल्प हैं।
- नियमित रूप से बाजार की समीक्षा करना जरूरी है।
- विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, सोने की कीमतों में आने वाले उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए योजना बनाएं।
आम लोगों और बाजार पर असर
सोने की कीमतों में यह वृद्धि न केवल निवेशकों को प्रभावित कर रही है, बल्कि सामान्य जनता और आभूषण व्यापारियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। शादी, त्योहार और अन्य अवसरों पर सोने की मांग प्रभावित हो सकती है।