लखनऊ: केजीएमयू (King George’s Medical University) में एक महिला डॉक्टर ने हाल ही में एक रेजीडेंट डॉक्टर से शादी करने का दावा किया था। लेकिन अब महिला ने अपना बयान पलटते हुए कहा कि वह और डॉक्टर केवल दोस्त थे और उनके बीच शादी का कोई संबंध नहीं है। इस मामले ने सोशल मीडिया और मेडिकल समुदाय में हलचल मचा दी है।
किस्सा क्या है:
महिला ने पहले कहा था कि उसने डॉक्टर से शादी कर ली है। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लेकिन अब महिला ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उनकी दोस्ती केवल सामान्य दोस्ती थी और किसी भी शादी या कानूनी संबंध की बात सही नहीं है।
महिला का नया बयान:
महिला ने पुलिस को बताया कि उसने पहले बयान भावनाओं में आकर दिया था। उसका कहना है कि उसने किसी तरह का कानूनी या विवाहिक दायित्व नहीं लिया।
पहले का दावा और अब का अंतर:
पहले महिला ने शादी का दावा किया था, लेकिन अब उसने साफ कर दिया कि उनके बीच केवल दोस्ती का रिश्ता था। इससे मामले की दिशा बदल गई है और अब यह केवल एक गैर-संवैधानिक दावा बनकर रह गया है।
पुलिस और विश्वविद्यालय की प्रतिक्रिया:
पुलिस और KGMU प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और दोनों पक्षों से बयान दर्ज किए हैं। विश्वविद्यालय ने भी कहा कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और कोई भी निष्कर्ष पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।
जांच की वर्तमान स्थिति:
पुलिस ने दोनों पक्षों से विस्तृत बयान लिए हैं और सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की भी समीक्षा कर रही है। अब यह मामला केवल एक दोस्ती विवाद तक सीमित दिख रहा है।
आम लोगों और मेडिकल समुदाय पर असर:
इस विवाद ने न केवल सोशल मीडिया पर चर्चा बढ़ाई है बल्कि मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों में भी हलचल मचा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि व्यक्तिगत संबंधों और सोशल मीडिया पर बयानों के प्रभाव को समझना जरूरी है।