Atal Bihari Vajpayee Jayanti 2025: लखनऊ को मिलेगा राष्ट्रीय गौरव का नया केंद्र, PM Modi करेंगे ‘Rashtra Prerna Sthal’ का उद्घाटन

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“PM Narendra Modi inaugurates Rashtra Prerna Sthal in Lucknow on Atal Bihari Vajpayee Jayanti 2025, memorial dedicated to former Prime Minister Atal Bihari Vajpayee.”

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न Atal Bihari Vajpayee की जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ को एक ऐतिहासिक सौगात मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज लखनऊ में ‘राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल (Rashtra Prerna Sthal)’ का उद्घाटन करेंगे। यह स्थल न केवल अटल जी की स्मृतियों को संजोएगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रवाद, लोकतंत्र और सुशासन की प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

क्या है Rashtra Prerna Sthal?

राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल को अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों, राजनीतिक मूल्यों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को समर्पित किया गया है। यहां

  • अटल जी के जीवन से जुड़े दुर्लभ दस्तावेज
  • डिजिटल गैलरी और ऑडियो-विजुअल प्रेजेंटेशन
  • लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित प्रदर्शनी
    को शामिल किया गया है, ताकि युवा पीढ़ी उनके विचारों से सीधे जुड़ सके।

लखनऊ को क्यों मिला यह सम्मान?

लखनऊ सिर्फ अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि ही नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक यात्रा का सबसे मजबूत आधार रहा है। ऐसे में राजधानी में राष्ट्रीय स्तर के स्मारक की स्थापना को राजनीतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

PM Modi का संदेश: ‘अटल जी सिर्फ नेता नहीं, विचार थे’

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व, उनकी कविता, राजनीति और राष्ट्र के लिए किए गए फैसलों पर प्रकाश डाल सकते हैं। माना जा रहा है कि PM Modi अपने संबोधन में Good Governance, National Unity और Democratic Values को अटल जी की सबसे बड़ी विरासत बताएंगे।

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां पूरी

प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर लखनऊ में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

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  • कई इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन
  • पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर
  • कार्यक्रम स्थल के आसपास विशेष निगरानी

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें।

राजनीतिक और सामाजिक महत्व

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि Rashtra Prerna Sthal केवल स्मारक नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय विचार मंच (National Ideology Platform) के रूप में उभरेगा। यह स्थल भारत की लोकतांत्रिक यात्रा को समझने का केंद्र बनेगा।

अटल बिहारी वाजपेयी जयंती का संदेश

अटल जी की जयंती पर इस स्थल का उद्घाटन यह संदेश देता है कि भारत अपने महान नेताओं की विरासत को सिर्फ याद नहीं करता, बल्कि उसे जीवित भी रखता है

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मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमला, UN से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

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इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमले पर मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान, पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए वीडियो संदेश

मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित शिया मस्जिद खदीजतुल कुबरा में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। नमाज़ अदा कर रहे मासूम नमाज़ियों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कई लोगों की शहादत की खबर है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

इस दर्दनाक घटना पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास (Yasoob Abbas) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस हमले को इंसानियत और इस्लाम दोनों के खिलाफ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सख्त कदम उठाने की अपील की है।

“आतंकियों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं” — मौलाना यासूब अब्बास

मौलाना यासूब अब्बास ने अपने बयान में कहा कि जो लोग खुद को मुसलमान बताकर मस्जिदों में नमाज़ियों पर गोलियां बरसाते हैं, वे दरअसल इस्लाम के नाम पर छिपे हुए वहशी दरिंदे हैं। उनका कहना था कि इस्लाम किसी भी निर्दोष की हत्या की इजाज़त नहीं देता और ऐसे कृत्य करने वालों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में शिया समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वहां की सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं चुप्पी साधे हुए हैं। यह चुप्पी आतंकवाद को और बढ़ावा दे रही है।

संयुक्त राष्ट्र से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

AISPLB के महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से स्पष्ट शब्दों में मांग की कि पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती से लगातार आतंकवाद पनप रहा है और वहां अल्पसंख्यकों, खासकर शिया मुसलमानों की जान सुरक्षित नहीं है।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय मंच अब भी सख्त कार्रवाई नहीं करता, तो ऐसे हमले भविष्य में और भयावह रूप ले सकते हैं।

शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना

अपने बयान के अंत में मौलाना यासूब अब्बास ने हमले में शहीद हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह ईश्वर से दुआ करते हैं कि शहीदों के परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की ताकत मिले और घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ हो।

मानवता पर हमला, पूरी दुनिया के लिए चेतावनी

इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में हुआ यह आतंकी हमला सिर्फ एक समुदाय पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता और धार्मिक सह-अस्तित्व पर हमला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं बनाया गया, तो दक्षिण एशिया में सांप्रदायिक आतंकवाद और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है।

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