लखनऊ में 230 करोड़ रुपये के राष्ट्र प्रेरणा स्थल का भव्य उद्घाटन, 65 फीट ऊंची प्रतिमाओं ने सबको किया मंत्रमुग्ध

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Javed Haider Zaidi

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“लखनऊ राष्ट्र प्रेरणा स्थल 65 फीट कांस्य प्रतिमाएँ”

राजधानी लखनऊ अब जल्द ही एक नए राष्ट्रीय प्रतीक “Rashtra Prerna Sthal ” का गवाह बनने जा रही है। इस स्थल पर 65 फीट ऊँची कांस्य प्रतिमाएँ स्थापित की गई हैं, जो देश के विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक नेताओं को श्रद्धांजलि देती हैं। इस भव्य परियोजना की कुल लागत लगभग 230 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस स्थल का उद्देश्य युवा पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति और समाज सेवा की प्रेरणा देना है। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट की प्रतिमाएँ न केवल आकार में विशाल हैं, बल्कि उनके निर्माण में अत्याधुनिक तकनीक और कलात्मक दृष्टिकोण का इस्तेमाल किया गया है।

मुख्य आकर्षण: 65 फीट की प्रतिमाएँ और इतिहास की झलक

राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर स्थापित की गई प्रतिमाएँ भारतीय राजनीति और समाज के महत्वपूर्ण स्तंभों का प्रतिनिधित्व करती हैं। ये प्रतिमाएँ न केवल विशाल हैं, बल्कि उनके चेहरे और मुद्रा में ऐसे विवरण हैं जो इतिहास को जीवंत रूप में प्रदर्शित करते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थल की बनावट और कलाकृति युवाओं को देशभक्ति और नेतृत्व की सीख देने में अहम भूमिका निभाएगी।

सस्पेंस और सार्वजनिक उत्सुकता

इस स्थल का उद्घाटन 25 दिसंबर 2025 को होने वाला है, और इसकी भव्यता को देखते हुए पूरे शहर में उत्सुकता का माहौल है। कहा जा रहा है कि उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे।

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स्थानीय नागरिक इस स्थल के खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके निर्माण में इस्तेमाल की गई कांस्य की विशाल मात्रा, अत्याधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक और कलात्मक डिज़ाइन इसे एक राष्ट्रीय धरोहर बनाने का दावा करती हैं।

राजनीतिक और सांस्कृतिक महत्व

विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थल केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि राजनीतिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक भी है। यहां आने वाले पर्यटक और नागरिक न केवल नेताओं और उनके योगदान को याद करेंगे, बल्कि अपने जीवन में देशभक्ति और सेवा का संदेश भी ले सकेंगे।

निष्कर्ष

लखनऊ का यह राष्ट्र प्रेरणा स्थल निश्चित रूप से देश के युवाओं और नागरिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाएगा। इसकी भव्य प्रतिमाएँ और विशाल संरचना न केवल स्थानीय नागरिकों, बल्कि देशभर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगी।

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मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमला, UN से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

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इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमले पर मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान, पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए वीडियो संदेश

मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित शिया मस्जिद खदीजतुल कुबरा में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। नमाज़ अदा कर रहे मासूम नमाज़ियों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कई लोगों की शहादत की खबर है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

इस दर्दनाक घटना पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास (Yasoob Abbas) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस हमले को इंसानियत और इस्लाम दोनों के खिलाफ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सख्त कदम उठाने की अपील की है।

“आतंकियों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं” — मौलाना यासूब अब्बास

मौलाना यासूब अब्बास ने अपने बयान में कहा कि जो लोग खुद को मुसलमान बताकर मस्जिदों में नमाज़ियों पर गोलियां बरसाते हैं, वे दरअसल इस्लाम के नाम पर छिपे हुए वहशी दरिंदे हैं। उनका कहना था कि इस्लाम किसी भी निर्दोष की हत्या की इजाज़त नहीं देता और ऐसे कृत्य करने वालों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में शिया समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वहां की सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं चुप्पी साधे हुए हैं। यह चुप्पी आतंकवाद को और बढ़ावा दे रही है।

संयुक्त राष्ट्र से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

AISPLB के महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से स्पष्ट शब्दों में मांग की कि पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती से लगातार आतंकवाद पनप रहा है और वहां अल्पसंख्यकों, खासकर शिया मुसलमानों की जान सुरक्षित नहीं है।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय मंच अब भी सख्त कार्रवाई नहीं करता, तो ऐसे हमले भविष्य में और भयावह रूप ले सकते हैं।

शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना

अपने बयान के अंत में मौलाना यासूब अब्बास ने हमले में शहीद हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह ईश्वर से दुआ करते हैं कि शहीदों के परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की ताकत मिले और घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ हो।

मानवता पर हमला, पूरी दुनिया के लिए चेतावनी

इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में हुआ यह आतंकी हमला सिर्फ एक समुदाय पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता और धार्मिक सह-अस्तित्व पर हमला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं बनाया गया, तो दक्षिण एशिया में सांप्रदायिक आतंकवाद और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है।

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